अथक परिश्रम एवं समन्वित प्रयासों से चरितार्थ करें देशभक्ति-जनसेवा का आदर्श वाक्‍यः डीजीपी मकवाणा

 


- डीजीपी का पुलिसकर्मियों के लिए नववर्ष-2026 के संदेश में बताई 2025 में प्राप्‍त मप्र पुलिस की ऐतिहासिक उपलब्धियाँ

भोपाल, 01 जनवरी (हि.स.)। नववर्ष 2026 के अवसर पर गुरुवार को मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) कैलाश मकवाणा ने पुलिस कर्मियों के लिए शुभकामना संदेश जारी किया है, जिसमें उन्होंने कहा कि अथक परिश्रम एवं समन्वित प्रयासों से देशभक्ति-जनसेवा का आदर्श वाक्‍य चरितार्थ करें। यह शुभकामना संदेश केवल औपचारिक बधाई नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश पुलिस के लिए आत्ममंथन, सम्मान और भविष्य की कार्ययोजना का स्पष्ट दस्तावेज है। यह संदेश उस सामूहिक परिश्रम की सार्वजनिक स्वीकृति है, जिसके बल पर वर्ष 2025 मध्य प्रदेश पुलिस के लिए ऐतिहासिक उपलब्धियों का वर्ष बना।

डीजीपी ने अपने संदेश में वर्ष 2025 को टीमवर्क, नवाचार और संवेदनशील पुलिसिंग का प्रतीक बताया। उन्‍होंने अपने संदेश में उल्‍लेख किया कि प्रदेश को नक्सलमुक्त बनाने, डायल-112 कियान्वयन, रिक्त पदों की पूर्ति हेतु भर्ती प्रक्रिया, जनसुनवाई, ई-आफिस, नारकोटिक्स ड्रग्स के विरूद्ध नशे से दूरी है जरूरी जागरूकता अभियान की अभूतपूर्व सफलता, सायबर फ्रॉड से बचाव हेतु सेफ क्लिक जागरूकता अभियान, पुलिस कर्मचारियों के स्वास्थ्य एवं फिटनेस हेतु हार्टफुलनेस संस्था से एम.ओ.यू., 1 Change Maker Award, e-HRMS प्रारंभ करने हेतु सार्थक प्रयास, रुपये एक लाख से अधिक की सायबर फॉड शिकायतों में ई-जीरो एफ.आई.आर., कार्यप्रणाली में सुधार हेतु लंबी अवधि से एक ही थाने में पदस्थ 11,000 से अधिक पुलिस कर्मियों के एक सप्ताह में स्थानांतरण आदि महत्वपूर्ण हैं। रिकार्ड संख्या में हजारों गुम अवयस्क बालिकाओं को मध्‍यप्रदेश पुलिस ने विशेष प्रयासों से खोजा है। इन सफलताओं में आप सभी का बहुमूल्य योगदान रहा है।

उन्होंने संदेश में लेख किया कि सभी महत्वपूर्ण अपराधों में त्वरित पतासाजी, गिरफ्तारी, समस्त त्यौहारों के शांतिपूर्ण आयोजन में अथक परिश्रम किया है। अच्छे कार्यों के करने पर मनोबल बढ़ाने हेतु मेरे स्तर से तत्काल संज्ञान लेते हुए बड़ी संख्या में त्वरित एवं उचित ईनाम भी दिए गए हैं।

वर्ष 2026 में अपनी प्राथमिकताएं बताते हुए मकवाणा ने कहा कि यातायात दुघर्टनाओं पर नियंत्रण एवं सड़क सुरक्षा हेतु नव वर्ष में योजनाबद्ध तरीके से और सक्रियता जरूरी है। सायबर फ्रॉड के नवीन तरीकों को दृष्टिगत रखते हुए Capacity Building समय की आवश्यकता है। Basic Policing के साथ ही नवीन तकनीकी, AI का उपयोग, मादक पदार्थ तस्करों के विरूद्ध और अधिक कड़ी कार्यवाही, Social Media में तथ्यों की त्वरित प्रस्तुति तथा पुलिस के अच्छे कार्य प्रचारित किए जाना चाहिए। सिंहस्थ 2028 के सफल एवं सुरक्षित आयोजन हेतु तैयारियों में और तेजी लाई जाए।

डीजीपी ने अपेक्षा की है कि पुलिस थाना विभाग की मूलभूत इकाई है, जहाँ बड़ी संख्या में आमजनों का दिन-प्रतिदिन पुलिस से सम्पर्क होता है। थाना स्टाफ द्वारा उत्तम चरित्र एवं आचरण का प्रदर्शन, पीड़ितों एवं आवेदकों के प्रति संवेदनशील व्यवहार एवं त्वरित कार्यवाही की जाए। आमजन की सहभागिता एवं उनका विश्वास अर्जित करना भी हमारा ध्येय होना चाहिए। महिलाओं एवं बच्चों के प्रति भी संवेदनशीलता बरतते हुए उनके विरूद्ध घटित अपराधों में तत्काल कड़ी कार्यवाही की जाना चाहिए। मुख्यमंत्री पुलिस कर्मचारियों के कल्याण के लिए संवेदनशील हैं एवं विभाग के कई प्रस्तावों में शासन स्तर से त्वरित स्वीकृतियाँ प्राप्त हुई हैं।

नववर्ष की प्रात: बेला में पुलिस महानिदेशक द्वारा जन गण मन एवं वंदे मातरम गायन के साथ पुलिस मुख्‍यालय के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के समक्ष संदेश वाचन करते हुए स्‍टॉफ के साथ स्‍वल्‍पाहार लेते हुए सभी को नववर्ष की शुभकामनाएं दी गई। उन्‍होंने विश्‍वास जताते हुए कहा कि सभी के समन्वित प्रयासों एवं अथक परिश्रम से प्रदेश की आमजनता को सुरक्षित एवं शांतिपूर्ण वातावरण प्रदान करते हुए मध्यप्रदेश पुलिस के आदर्श वाक्य देशभक्ति जनसेवा को चरितार्थ करने में हम सफल होंगे।

इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा के अलावा विशेष पुलिस महानिदेशक आदर्श कटियार, अनिल कुमार, संजीव शमी, आशुतोष राय, अतिरिक्‍त पुलिस महानिदेशक ए.साईं मनोहर, जयदीप प्रसाद, योगेश चौधरी, मो. शाहिद अबसार, भोपाल पुलिस आयुक्‍त हरिनारायणचारी मिश्र, पुलिस महानिरीक्षक इरशाद वली, रूचिवर्धन मिश्र सहित पुलिस मुख्यालय के समस्त वरिष्ठ अधिकारी एवं अन्य पुलिस अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।

हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर