देवास में दंपत्ति ने हाइवे पर घर का सामान रखकर किया जाम, कलेक्टर की समझाइश पर खत्म हुआ हंगामा
उज्जैन, 05 फ़रवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश में गुरुवार को उज्जैन-देवास हाईवे पर एक दंपत्ति ने अपने घर का सामान सड़क पर रखकर रास्ता जाम कर दिया। बताया जा रहा है कि दंपति देवास के अमलतास अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचा था और इसी परिसर में रह रहा था। बीती रात अस्पताल प्रबंधन ने निकाल दिया था। जिसके चलते दंपत्ति ने अपने बच्चों के साथ रोड को जाम कर दिया। इससे दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। करीब 45 मिनट तक सड़क जाम रही, जिसके बाद कलेक्टर के आश्वासन के बाद मामला शांत हुआ और यातायात सामान्य हुआ।
जानकारी अनुसार खातेगांव निवासी रामदयाल प्रजापत की किडनी में खराबी है और वह पिछले दो सालों से देवास स्थित अमलतास अस्पताल में इलाज करा रहा था। वह अस्पताल परिसर में झोपड़ी बनाकर अपनी पत्नी और बच्चों के साथ रह रहे थे। अस्पताल प्रबंधन कई बार उसे झोंपड़ी हटाने का बोल चुका था। बुधवार को इसी बात को लेकर अस्पताल के किसी कर्मचारी से रामदयाल की कहासुनी हुई और प्रबंधन ने बुधवार रात में परिवार को सामान सड़क पर फेंकते हुए उन्हें परिसर से निकाल दिया। इसके बाद नाराज दंपत्ति गुरुवार सुबह उज्जैन-देवास रोड पर पहुंचा और अपनी चीज़ें सड़क पर घर का सामान रखकर बैठ गया। इससे वहां जाम लग गया। उज्जैन देवास रोड जाम होने के कारण दोनों और वाहनों की लंबी कतार लग गई।
पत्नी के साथ मारपीट का आरोप
रामदयाल का आरोप है कि अस्पताल प्रशासन ने उसकी पत्नी के साथ मारपीट की और उसके बाद उन्हें जबरन परिसर से बाहर निकाल दिया। उन्होंने पुलिस में शिकायत भी की थी, लेकिन आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। रामदयाल ने यह भी कहा कि अस्पताल प्रशासन ने पहले भी उन्हें हटाने की कोशिश की थी, लेकिन अब यह घटना बहुत बढ़ गई है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि उन्हें आरोपों की जानकारी है और वे दोनों पक्षों से जानकारी इकट्ठा कर रहे हैं।
अस्पताल प्रबंधन बाेला: महिला आदतन शिकायती है
इस मामले पर अस्पताल प्रबंधन ने अपनी सफाई दी और आरोप लगाया कि रामदयाल की पत्नी आदतन शिकायती है। अस्पताल ने बताया कि पति के इलाज दौरान महिला आउटसोर्स के माध्यम से अस्पताल में नौकरी कर रही थी। वह अक्सर किसी न किसी के खिलाफ झूठी शिकायतें करती थीं। उनका आरोप है कि वह शिकायत वापस लेने के लिए पैसे भी मांगती थीं। अस्पताल प्रबंधन ने इस पर पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की बात कही है।
कलेक्टर ने दी कार्रवाई का आश्वासन
हाइवे पर जाम की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया। ट्रैफिक पुलिस ने परिवार को सड़क खाली करने के लिए मनाने की कोशिश की, लेकिन वरिष्ठ जिला अधिकारियों के दखल देने तक विरोध प्रदर्शन जारी रहा। जिसके बाद कलेक्टर रोशन कुमार सिंह मौके पर पहुंचे और दंपत्ति की शिकायतें सुनीं। उन्होंने मामले की जांच का आश्वासन दिया और कहा कि जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर के आश्वासन के बाद दंपत्ति ने अपना सामान सड़क से हटा लिया और जाम समाप्त कर दिया। इसके बाद यातायात फिर से सामान्य हो सका।
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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे