स्वयं पोर्टल पर ऑनलाइन पाठ्यक्रमों के पंजीयन की अंतिम तिथि 15 सितंबर तक बढ़ी

 


- राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत 40 प्रतिशत तक क्रेडिट ट्रांसफर की सुविधा

भोपाल, 01 सितम्बर (हि.स.)। डिजिटल शिक्षा को अधिक समावेशी, रोजगारपरक और सर्वसुलभ बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार के प्रमुख ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म 'स्वयं' (SWAYAM) पर जुलाई 2026 सेमेस्टर के गैर-एनपीटीईएल पाठ्यक्रमों में पंजीयन की अंतिम तिथि 31 अगस्त से बढ़ाकर 15 सितंबर 2026 कर दी गई है। इससे विद्यार्थियों, शोधार्थियों और शिक्षकों को देश के प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थानों द्वारा तैयार उच्च गुणवत्ता वाले ऑनलाइन पाठ्यक्रमों में पंजीयन का अतिरिक्त अवसर मिला है।

उल्लेखनीय है कि जुलाई 2026 सेमेस्टर के लिए स्वयं पोर्टल पर 1700 से अधिक पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं। मध्य प्रदेश में उच्च शिक्षा विभाग ने मंगलवार को इन पाठ्यक्रमों में विद्यार्थियों की अधिकाधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों को निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने 20 अगस्‍त 2026 की स्थिति में पंजीयन की समीक्षा के बाद संस्थानों को पंजीयन बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास करने तथा विद्यार्थियों को स्वयं पाठ्यक्रमों की जानकारी और मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

विश्वविद्यालय और महाविद्यालय विद्यार्थियों को करें प्रोत्साहित

उच्च शिक्षा विभाग ने विश्वविद्यालयों के कुलगुरुओं, महाविद्यालयों के प्राचार्यों तथा संबंधित अधिकारियों से कहा है कि संस्थानों में स्वयं पाठ्यक्रमों के प्रति जागरूकता बढ़ाई जाए। विद्यार्थियों को उनकी रुचि और विषय के अनुरूप पाठ्यक्रमों का चयन करने के लिए मार्गदर्शन दिया जाए तथा पंजीयन की नियमित समीक्षा की जाए।

विभाग ने यह भी निर्देशित किया है कि संबंधित विषयों के स्वयं पाठ्यक्रमों को संस्थान में संचालित नियमित पाठ्यक्रमों से मैप किया जाए, ताकि विद्यार्थियों को ऑनलाइन पाठ्यक्रमों के माध्यम से अर्जित क्रेडिट का अकादमिक लाभ मिल सके। विश्वविद्यालयों एवं संस्थानों को अपनी स्वयं एडवाइजरी कमेटी की बैठक आयोजित कर पाठ्यक्रमों की पहचान, पाठ्यक्रम एवं सिलेबस से मैपिंग तथा क्रेडिट ट्रांसफर की प्रक्रिया निर्धारित करने के लिए कहा गया है।

40 प्रतिशत तक क्रेडिट ट्रांसफर की सुविधा

यूजीसी के दिशा-निर्देशों और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप विद्यार्थी अपने नियमित डिग्री या डिप्लोमा कार्यक्रम के एक सेमेस्टर में कुल पाठ्यक्रमों के 40 प्रतिशत तक ऑनलाइन क्रेडिट पाठ्यक्रम स्वयं के माध्यम से कर सकते हैं। इससे विद्यार्थियों को अपने मुख्य विषय के साथ अन्य क्षेत्रों में अध्ययन करने और अकादमिक विकल्पों का विस्तार करने की सुविधा मिलती है। स्वयं के माध्यम से उपलब्ध पाठ्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों को बहुविषयक अध्ययन, अकादमिक लचीलापन और अपनी पसंद के विषय चुनने का अवसर देना है।

एआई, डेटा साइंस और अत्याधुनिक तकनीक के पाठ्यक्रम

Industry 4.0 की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थियों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, डेटा साइंस, क्लाउड कंप्यूटिंग, साइबर सुरक्षा और ब्लॉकचेन सहित विभिन्न आधुनिक क्षेत्रों में पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं। IITs, IIMs सहित देश के प्रतिष्ठित संस्थानों द्वारा संचालित पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को अपने नियमित अध्ययन के साथ नए कौशल विकसित करने का अवसर देते हैं।

भारतीय ज्ञान परंपरा पर भी पाठ्यक्रम

SWAYAM पर भारतीय ज्ञान परंपरा से संबंधित विभिन्न विषयों में भी पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं। इनमें वैदिक गणित, भारतीय दर्शन, योग, प्राचीन भारतीय ज्ञान-विज्ञान और भारतीय संस्कृति से जुड़े विषयों का अध्ययन किया जा सकता है। इससे विद्यार्थियों को आधुनिक विषयों के साथ भारतीय ज्ञान परंपरा को समझने का अवसर मिलता है।

कौशल उन्नयन और रोजगारपरक पाठ्यक्रम

विद्यार्थियों के कौशल विकास और रोजगार क्षमता बढ़ाने के लिए डिजिटल मार्केटिंग, उद्यमिता, वित्तीय प्रबंधन, सॉफ्ट स्किल्स, तकनीकी संचार सहित विभिन्न उद्योगोन्मुख पाठ्यक्रम भी उपलब्ध हैं। SWAYAM Plus के माध्यम से भी रोजगार और कौशल आधारित शिक्षण अवसरों को बढ़ावा दिया जा रहा है।

शिक्षकों के लिए FDP और रिफ्रेशर कोर्स

SWAYAM के माध्यम से शिक्षकों एवं प्राध्यापकों के निरंतर व्यावसायिक विकास के लिए Faculty Development Programme (FDP), रिफ्रेशर और ओरिएंटेशन कोर्स भी उपलब्ध हैं। NITTTR सहित विभिन्न राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों द्वारा संचालित पाठ्यक्रम शिक्षकों को अपने विषय एवं शिक्षण कौशल को अद्यतन करने का अवसर देते हैं।

SPOC की होगी महत्वपूर्ण भूमिका

उच्च शिक्षा विभाग ने संस्थानों में नियुक्त SWAYAM के SPOC (Single Point of Contact) को विद्यार्थियों के पंजीयन में सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए हैं। SPOC विद्यार्थियों को पाठ्यक्रमों की जानकारी देने, पंजीयन के लिए प्रेरित करने और उनकी भागीदारी की निगरानी करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। विभाग ने संस्थानों में जागरूकता गतिविधियां आयोजित कर अधिक से अधिक विद्यार्थियों को SWAYAM से जोड़ने पर जोर दिया है।

15 सितंबर तक कर सकेंगे पंजीयन

जुलाई 2026 सेमेस्टर के Non-NPTEL SWAYAM पाठ्यक्रमों के लिए अब विद्यार्थी, शोधार्थी और शिक्षक 15 सितंबर 2026 तक पंजीयन कर सकेंगे। इच्छुक विद्यार्थी SWAYAM के आधिकारिक पोर्टल swayam.gov.in अथवा SWAYAM App के माध्यम से पाठ्यक्रमों की जानकारी लेकर पंजीयन कर सकते हैं।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर