स्वदेशी वस्तुओं के इस्तेमाल से मजबूत होगी देश की अर्थव्यवस्था : बकुल लाड

 




भोपाल, 25 अक्टूबर (हि.स.)। मप्र जन अभियान परिषद के कार्यपालक निदेशक डॉ बकुल लाड ने कहा कि अपने देश में बने उत्पादों को खरीदना चाहिए, ताकि देश का पैसा देश में ही रहे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसी उद्देश्य से ‘वोकल फॉर लोकल’ का नारा दिया है, जिससे लोग स्थानीय उत्पादों का इस्तेमाल करें और देश की अर्थव्यवस्था मजबूत हो।

डॉ बकुल लाड रविवार देर शाम भोपाल के शासकीय मोतीलाल विज्ञान महाविद्यालय परिसर में आयोजित 12 दिवसीय स्वदेशी मेले को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। स्वदेशी जागरण मंच और स्वर्णिम भारतवर्ष फाउंडेशन की ओर से 24 अक्टूबर से आयोजित स्वदेशी मेला 04 नवंबर तक चलेगा। मेले का उद्देश्य लोगों को देश में बने उत्पादों से परिचित कराना और स्वदेशी वस्तुओं के इस्तेमाल के लिए प्रेरित करना है।

स्वदेशी को आचरण में उतारने की जरूरत

कार्यक्रम में भोपाल नगर निगम के अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने कहा कि बचपन से हम सुनते आए हैं कि भारत सोने की चिड़िया था और अंग्रेज यहां से धन लूटकर ले गए। उस समय भारत में बनने वाले उत्पादों की गुणवत्ता अच्छी थी और भारतीय वस्तुएं विश्वभर में प्रसिद्ध थीं। भारत आत्मनिर्भर था, लेकिन बाद में विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) जैसी संस्थाओं के आने और विदेशी वस्तुओं के प्रति आकर्षण बढ़ने से स्वदेशी उत्पादों के इस्तेमाल में कमी आई।

सूर्यवंशी ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्वदेशी और स्थानीय उत्पादों का इस्तेमाल करना होगा। इन उत्पादों का निर्यात भी बढ़ाना चाहिए। केवल स्वदेशी की बात करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि अपने आचरण में भी इसे अपनाना होगा। पहले विदेशी वस्तुओं के दुकान लगते थे, अब स्वदेशी मेले आयोजित हो रहे हैं। लेकिन केवल मेला लगाने से उद्देश्य पूरा नहीं होगा, लोगों को यहां से खरीदारी भी करनी चाहिए। यदि कोई जरूरी वस्तु स्वदेशी बाजार में उपलब्ध नहीं है, तो उसे दूसरी जगह से खरीदा जा सकता है, लेकिन जहां स्वदेशी विकल्प मौजूद हों, वहां देश में बने उत्पादों को प्राथमिकता देनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि पहले भारत रक्षा क्षेत्र में रूस जैसे देशों से हथियार खरीदता था, लेकिन अब रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) जैसी संस्थाएं देश में ही रक्षा उपकरण बना रही हैं। आज भारत चिप से लेकर जहाज तक बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

आर्थिक मजबूती भी जरूरी: संजय नागेश

अतिथि संजय नागेश ने कहा कि वर्ष 1989-90 का समय भारतीय राजनीति और अर्थव्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण मोड़ था। उस दौर में विश्व व्यापार संगठन जैसी संस्थाओं के गठन और देश में उदारीकरण की प्रक्रिया के बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने स्वदेशी के विचार को आगे बढ़ाने के लिए मंच तैयार किए। राजनीतिक मजबूती के साथ आर्थिक मजबूती भी जरूरी है।

नागेश ने अंग्रेजों के शासनकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि लॉर्ड मैकाले ने भारत की शिक्षा व्यवस्था में ऐसे बदलाव किए, जिनका उद्देश्य ऐसी शिक्षा पद्धति तैयार करना था, जिसमें पढ़ने वाला व्यक्ति दिखने में भारतीय हो, लेकिन उसकी सोच और मानसिकता अंग्रेजों जैसी हो।

मेला संयोजक सतीश विश्वकर्मा ने कहा कि स्वदेशी मेला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि देशभक्ति का मंच है। यहां ऐसी स्वदेशी कंपनियों को अपने उत्पाद लोगों तक पहुंचाने का अवसर मिलता है, जिन्हें बड़े मंचों पर पर्याप्त जगह नहीं मिल पाती। विदेशी कंपनियों के सामान खरीदने से देश का पैसा बाहर जाता है। स्वदेशी उत्पाद खरीदने से देश का पैसा देश में ही रहेगा और घरेलू कंपनियों को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।

स्वदेशी मेले में पर्यावरण विषय पर चित्रकला प्रतियोगिता, 30 बच्चों ने लिया हिस्सा

स्वदेशी मेले के दूसरे दिन रविवार को पर्यावरण विषय पर चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता में तीन आयु वर्गों के 30 बच्चों ने हिस्सा लिया। निर्णायक समिति ने प्रत्येक आयु वर्ग में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान के विजेताओं का चयन किया। 5 से 10 वर्ष आयु वर्ग में श्रीजता शाह ने प्रथम, तनिष्क भंगेल ने द्वितीय और नक्षत्रा गौर ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। इसी तरह 11 से 16 वर्ष आयु वर्ग में कनक सक्सेना प्रथम, मानव लांगर द्वितीय और मुस्कान सरोरिया तृतीय स्थान पर रहीं। वहीं, 17 से 25 वर्ष आयु वर्ग में दीपशिखा मिश्रा ने प्रथम, अंशु तिवारी ने द्वितीय और ऋचा द्विवेदी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। तीनों आयु वर्गों में राज यादव, मोहिनी चौधरी और पूर्णिमा अहिरवार को सांत्वना पुरस्कार दिया गया। प्रतियोगिता में शामिल सभी 30 प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र भी प्रदान किए गए।

मेले में रविवार को सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अंतर्गत कथक नृत्य, बांसुरी और तबला वादन तथा आराधना ग्रुप की ओर से सुगम संगीत की प्रस्तुतियां दी गईं। कार्यक्रम में मेला संयोजक सतीश विश्वकर्मा, स्वदेशी जागरण मंच के मध्य क्षेत्र संयोजक सुधीर दाते, श्रीकांत भदौरिया, सीमा भारद्वाज, दीपक वर्मा, रमन तिवारी और विनय कुमार सोनी सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

सोमवार के कार्यक्रम और अतिथि

स्वदेशी मेले में सोमवार को भारत के लोक नृत्य दर्शन, देशभक्ति गीत और भजन संध्या के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम में भाजपा के मध्य प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत प्रांत मंत्री अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर