जो नेताजी सुभाषचंद्र बोस के नहीं हुए, वह कांग्रेस नेता किसी के भी सगे नहीं हो सकतेः मोहन यादव

 




- जनता जानती है कि कांग्रेस पार्टी देश की सत्ता संभालने लायक नहीं बचीः मुख्यमंत्री

जबलपुर, 02 नवम्बर (हि.स.)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह वही कांग्रेस पार्टी है जो नेताजी सुभाषचंद्र बोस की सगी नहीं हुई। जबलपुर में ही कांग्रेस के चुनाव में विजयी होने के बाद जवाहरलाल नेहरू को नेता घोषित किया गया था। जो नेताजी सुभाषचंद्र बोस के नहीं हुए, वह कांग्रेस नेता किसी के भी सगे नहीं हो सकते। राहुल गांधी न्याय की बात करते हैं, उनकी दादी इलाहाबाद उच्च न्यायालय के फैसले को नहीं माना और सत्ता में बने रहने के लिए देश में आपातकाल लगाकर लोकतंत्र का गला घोंटा था। जनता पूरी तरह जानती है कि कांग्रेस पार्टी देश की सत्ता संभालने लायक नहीं बची है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को जबलपुर में भारतीय जनता पार्टी द्वारा निकाली गई ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ‘ संकल्प पदयात्रा को संबोधित कर रहे थे। जबलपुर के शहीद स्मारक गोल बाजार में आयोजित ढाई किमी से अधिक लंबी इस पदयात्रा में एक लाख से अधिक से अधिक लोग उमड़े। केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल, पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल ने भी पदयात्रा में सहभागिता कर जनसैलाब को संबोधित किया।

कांग्रेस पार्टी को देश से समाप्त करने का संकल्प ले चुकी है जनता

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में देश के 80 प्रतिशत क्षेत्र में कांग्रेस समाप्त हो चुकी है। जिन 20 प्रतिशत क्षेत्र में कांग्रेस कुछ बची भी है, वह भी आने वाले चुनावों में समाप्त हो जाएगी। जबलपुर में उमड़े जनसौलाब ने बता दिया कि लोकतंत्र का गला घोंटने वाली कांग्रेस पार्टी का वर्ष 2029 के लोकसभा चुनाव में पूरे देश से सफाया हो जाएगा। लोकतंत्र और संविधान की दुहाई देने वाली कांग्रेस को पहले अपने इतिहास में झांकना चाहिए।

उन्होंने कहा कि जिस पार्टी ने देश पर आपातकाल थोपकर लोकतांत्रिक मूल्यों को कुचलने का काम किया, उसे आज लोकतंत्र पर उपदेश देने का नैतिक अधिकार नहीं है। जबलपुर की जनता कांग्रेस की राजनैतिक बेईमानी और उसके इतिहास को भली-भांति जानती है। कांग्रेस चुनाव में हारने के बाद कभी ईवीएम, कभी चुनाव आयोग और कभी एसआईआर को लेकर सवाल खड़े करती है। चुनाव जीतने पर लोकतंत्र की जीत और हारने पर संस्थाओं पर आरोप लगाना कांग्रेस की राजनीति का हिस्सा बन गया है। उन्होंने कहा कि देश की न्यायपालिका लोकतंत्र की मजबूत आधारशिला है और जबलपुर की धरती न्याय के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान रखती है।

कांग्रेस में प्रधानमंत्री पद एक परिवार तक सीमित रखने की मानसिकता

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कांग्रेस में प्रधानमंत्री का पद भी एक परिवार तक सीमित रखने की मानसिकता रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस धारणा को बदलते हुए एक सामान्य गरीब परिवार से आने वाले व्यक्ति के लिए देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचने का रास्ता प्रशस्त किया है। आज देश की जनता परिवारवाद नहीं, बल्कि काम और नेतृत्व के आधार पर निर्णय ले रही है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत का मान-सम्मान दुनिया में बढ़ा है। देश विकास, सुशासन और आत्मनिर्भरता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। कांग्रेस को जनता के इस विश्वास और जनादेश का सम्मान करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा केवल राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। आज बड़ी संख्या में लोगों की सहभागिता इस बात का प्रमाण है कि जनता लोकतांत्रिक मूल्यों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व के प्रति अपना विश्वास व्यक्त कर रही है।

लोकतंत्र की रक्षा किसी एक दल की नहीं, हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारीः हेमंत खण्डेलवाल

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा किसी एक दल की नहीं, हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। जबलपुर की धरती पर हजारों की संख्या में नागरिकों, सामाजिक संगठनों और विभिन्न वर्गों के लोगों की सहभागिता इस बात का प्रमाण है कि देश की जनता लोकतंत्र विरोधी ताकतों और अराजकता फैलाने वाली राजनीति को स्वीकार नहीं करेगी। कांग्रेस और राहुल गांधी एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) को लेकर लगातार सवाल खड़े कर रहे हैं, जबकि यह प्रक्रिया कांग्रेस के शासनकाल में पहले कई बार हो चुकी है। राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी देश को बताए कि वह मतदाता सूची के शुद्धिकरण का विरोध क्यों कर रही है? क्या कांग्रेस चाहती है कि विदेशी नागरिकों के नाम मतदाता सूची में बने रहें, मृत व्यक्तियों के नाम नहीं हटाए जाएं और एक ही व्यक्ति के नाम पर कई जगह मतदान की स्थिति बनी रहे?

उन्होंने कहा कि चुनाव में लगातार पराजय का सामना कर रहे राहुल गांधी लोकतांत्रिक संस्थाओं और चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाकर अपनी राजनीतिक विफलता छिपाने का प्रयास कर रहे हैं। चुनाव में हारने पर कभी ईवीएम, कभी चुनाव आयोग और कभी एसआईआर को निशाना बनाना कांग्रेस की राजनीति का हिस्सा बन गया है। लोकतंत्र में मतदाता सूची की शुद्धता और निष्पक्ष चुनाव व्यवस्था बेहद आवश्यक है।

हम सभी को मिलकर लोकतंत्र विरोधी ताकतों को उजागर करना होगा

खण्डेलवाल ने कहा कि ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ‘ संकल्प के साथ जबलपुर में आयोजित इस पदयात्रा में सभी समाजों, वर्गों और संगठनों ने जिस उत्साह से सहभागिता की है, वह सराहनीय है। हमें मिलकर लोकतंत्र विरोधी ताकतों को उजागर करना होगा और देश की एकता, अखंडता तथा संवैधानिक संस्थाओं की मजबूती के लिए कार्य करना होगा। लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई हम सबकी लड़ाई है। भारत को अस्थिर करने वाली ताकतों को हमें बेनकाब करना होगा। हम सभी के सामूहिक प्रयासों से लोकतंत्र मजबूत होगा और अराजकता फैलाने वाली ताकतों को जवाब मिलेगा।

विभिन्न स्थानों से होकर निकली पदयात्रा, हुआ भव्य स्वागत

‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ‘ विशाल पदयात्रा शहीद स्मारक गोल बाजार से प्रारंभ होकर श्याम टॉकीज, सुपर मार्केट, लार्डगंज चौक, धमण्डी चौक, बड़ा फुहारा, खजांची चौक, अंधेरदेव, तुलाराम चौक, करमचंद चौक, बगलामुखी मंदिर, मालवीय चौक से शहीद स्मारक होते हुए पुनः गोल बाजार पहुंचकर समापन हुआ। यात्रा के ढाई किलोमीटर के मार्ग में 80 स्वागत मंच लगाए गए, जिसमें विभिन्न जाति समाज, स्वयंसेवी संगठन, खेल संगठन के पदाधिकारियों ने मंच से पुष्पवर्षा कर पदयात्रा का स्वागत किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर