मप्र: गेहूं खरीदी, भुगतान और समर्थन मूल्य पर कांग्रेस ने सरकार काे घेरा, उठाए गंभीर सवाल
भोपाल, 22 अप्रैल (हि.स.)। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव कुणाल चौधरी ने बुधवार को राजधानी भाेपाल स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयाेजित पत्रकार वार्ता में राज्य सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिस वर्ष को सरकार “किसान कल्याण वर्ष” बता रही है, वह हकीकत में किसानों के लिए “परेशानी का वर्ष” साबित हो रहा है। पत्रवार्ता में मध्य प्रदेश किसान कांग्रेस के अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह चौहान और पूर्व प्रदेश प्रवक्ता राहुल राज भी मौजूद रहे।
कुणाल चौधरी ने रायसेन में आयोजित सरकारी कार्यक्रम को दिखावटी बताते हुए आरोप लगाया कि सरकार प्रचार पर खर्च कर रही है, जबकि किसान वास्तविक संकट से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लाखों किसानों ने गेहूं उपार्जन के लिए पंजीयन कराया, लेकिन खरीदी का निर्धारित कोटा उनकी कुल उपज की तुलना में काफी कम है, जिससे यह आशंका पैदा होती है कि पूरी फसल खरीदी नहीं जाएगी।
उन्होंने खरीदी की धीमी रफ्तार पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि वर्तमान गति बनी रही तो तय समय में लक्ष्य पूरा करना मुश्किल होगा। इससे किसानों को अपनी उपज बेचने में परेशानी और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। सरकार पर निशाना साधते हुए चौधरी ने कहा कि समर्थन मूल्य और खरीदी को लेकर बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति अलग है।
उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों को पंजीयन, सैटेलाइट सत्यापन और अन्य प्रक्रियाओं के नाम पर उलझाया जा रहा है, जबकि फसल नुकसान के आकलन में लापरवाही बरती जाती है। साथ ही प्याज, लहसुन, मटर और मक्का जैसी फसलों के उचित दाम नहीं मिलने का मुद्दा भी उठाया।चौधरी ने खरीदी केंद्रों पर अव्यवस्था और अनियमितताओं के उदाहरण देते हुए कहा कि कुछ स्थानों पर रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में अंतर पाया गया है, जबकि कई किसानों को भुगतान के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।
उन्होंने मांग की कि गेहूं खरीदी को तेज किया जाए, किसानों को समय पर भुगतान मिले और उनकी पूरी उपज खरीदी सुनिश्चित की जाए। अंत में उन्होंने कहा कि किसान आर्थिक दबाव में है और सरकार को प्रचार से अधिक जमीनी समाधान पर ध्यान देना चाहिए। कांग्रेस पार्टी किसानों के हितों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे