मप्र सेतुओं की सुरक्षा और सुव्यवस्थित प्रबंधन के लिए बनेगी व्यापक ‘सेतु नीति’
- आठ सदस्यीय विशेषज्ञ समिति गठित, 30 अक्टूबर तक प्रस्तुत होगा अंतिम प्रारूप
भोपाल, 23 सितम्बर (हि.स.)। मध्य प्रदेश में सेतुओं के नियोजन, डिजाइन, निर्माण, निरीक्षण, सुरक्षा, अनुरक्षण, पुनर्वास एवं प्रतिस्थापन से संबंधित कार्यों को अधिक सुव्यवस्थित, मानकीकृत, सुरक्षित और प्रभावी बनाने के लिए लोक निर्माण विभाग द्वारा व्यापक एवं व्यावहारिक ‘सेतु नीति’ तैयार की जाएगी। इसके लिए विभाग ने आठ सदस्यीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया है।
जनसम्पर्क अधिकारी अरुण शर्मा ने बुधवार को बताया कि समिति में मुख्य अभियंता (सेतु परिक्षेत्र), मध्य प्रदेश लोक निर्माण विभाग को समन्वय सदस्य, मनोज कुमार वार्ष्णेय, बिट्स पिलानी को तकनीकी विशेषज्ञ एवं सदस्य, एमपीआरडीसी द्वारा नामित मुख्य अभियंता को सदस्य, प्रवीण निगम, अधीक्षण यंत्री, प्रमुख अभियंता कार्यालय को सदस्य, क्षेत्रीय अधिकारी एनएचएआई अथवा क्षेत्रीय अधिकारी एमओआरटीएच, भोपाल द्वारा नामित एक अभियंता को सदस्य, वित्तीय सलाहकार, एमपीआरडीसी को सदस्य, लोक निर्माण विभाग के मैदानी स्तर से एक अनुभवी मुख्य अभियंता अथवा अधीक्षण यंत्री को सदस्य और समिति द्वारा सुविधानुसार नामांकित एक सेवानिवृत्त अभियंता को सदस्य के रूप में नामांकित किया गया है।
जनसम्पर्क अधिकारी के अनुसार, समिति पिछले चार वर्षों में सेतु नियोजन, डिजाइन, निर्माण, निरीक्षण, सुरक्षा, अनुरक्षण, पुनर्वास एवं प्रतिस्थापन से संबंधित जारी निर्देशों, परिपत्रों, विनिर्देशों, दिशा-निर्देशों और नीतिगत निर्णयों का विस्तृत परीक्षण करेगी। वर्तमान व्यवस्थाओं, तकनीकी मानकों, प्रक्रियाओं और मैदानी स्तर पर अपनाई जा रही कार्य प्रणाली की समीक्षा कर व्यावहारिक कठिनाइयों तथा सुधार की संभावनाओं को भी चिह्नित किया जाएगा।
प्रस्तावित सेतु नीति को व्यावहारिक, वित्तीय रूप से टिकाऊ और प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करने योग्य बनाया जाएगा। नीति में प्रत्येक स्तर पर जिम्मेदारी, तकनीकी मानक, समय-सीमा, निरीक्षण एवं निगरानी व्यवस्था और जवाबदेही का स्पष्ट निर्धारण किया जाएगा।
निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार समिति 30 सितम्बर तक कार्य प्रारंभ करेगी। नीति का प्रथम प्रारूप 15 अक्टूबर तक प्रमुख सचिव, लोक निर्माण विभाग के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। समिति द्वारा सेतु नीति का अंतिम प्रारूप 30 अक्टूबर तक प्रस्तुत किया जाएगा। इस संबंध में जारी आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर