गंगा दशहरा पर जल गंगा संवर्धन अभियान से अधिक से अधिक लोगों को जोड़ा जाए : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

 


- मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की जल गंगा संवर्धन अभियान की समीक्षा

भोपाल, 25 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में 19 मार्च से आरंभ हुआ जल गंगा संवर्धन अभियान 30 जून तक जारी रहेगा। जिलों द्वारा अभियान के अंतर्गत कई नवाचार किए जा रहे हैं। सभी प्रदेशवासी अपने आस-पास की जल संरचनाओं की बेहतरी के कार्य से जुड़ें, इस उद्देश्य से 25 मई को गंगा दशहरा पर विशेष गतिविधियां आयोजित की जाएं।

उन्होंने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान को जन आंदोलन का रूप देने के उद्देश्य से इस अवसर पर ग्राम और वार्ड स्तर पर कुंआ, बावड़ी, तालाब, नहर आदि की सामूहिक सफाई, पौधरोपण, घाटों की सफाई और जल संरक्षण संबंधी गतिविधियों में सामूहिक श्रमदान को प्रोत्साहित किया जाए। इन गतिविधियों में पंचायत और नगरीय निकायों के जनप्रतिनिधियों, सामाजिक, धार्मिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं, महिला स्व-सहायता समूहों, व्यापारी संगठनों और अन्य संस्थाओं को जोड़ा जाए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार की शाम अपने निवास कार्यालय समत्व भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग द्वारा जल गंगा संवर्धन अभियान की प्रदेश स्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत 16 विभागों की 82 गतिविधियां चिन्हित की गई हैं। जल संचय भागीदारी अभियान में मध्य प्रदेश देश में अग्रणी है। डिंडोरी और खण्डवा जिले राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम और द्वितीय स्थान पर रहे हैं। सभी जिले ऐसा नवाचार करें, जो राष्ट्रीय स्तर पर उदाहरण बनें। प्रत्येक विभाग द्वारा संचालित गतिविधियों की मॉनीटरिंग की जाए तथा इस आधार पर जिलों की रैकिंग भी सुनिश्चित हो। गर्मियों में जनसामान्य के लिए प्याऊ लगाने, पेयजल स्त्रोतों के आस-पास सफाई, स्कूल और आंगनवाड़ी स्तर पर पेयजल स्त्रोतों के जल का गुणवत्ता परीक्षण सुनिश्चित किया जाए। शिक्षण संस्थाओं के माध्यम से जल संरक्षण के लिए समाज में वातावरण निर्माण के उद्देश्य से व्यापक गतिविधियां संचालित की जाएं।

बैठक में बताया गया कि वन भूमि पर विकास कार्यों की अनुमति के लिए ऑनलाइन ऐप विकसित किया गया है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत 6 हजार 232 करोड़ रूपए की लागत से 2 लाख 43 हजार 887 कार्यों का लक्ष्य है। अभियान में गतिविधियों के संचालन में खण्डवा, खरगोन, डिण्डोरी, राजगढ़ और बालाघाट प्रथम रहे। नगरीय निकायों में रैन वॉटर हार्वेस्टिंग, नाले-नालों की सफाई और सौन्दर्यीकरण को प्रोत्साहित किया जा रहा है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अंतर्गत प्रथम पांच जिले बैतूल, अशोकनगर, बालाघाट, डिण्डोरी और नरसिंहपुर रहे। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा जल गुणवत्ता परीक्षण के साथ ही पाइप लाइनों और नलों के लीकेज सुधारने जैसे कार्य भी किए जा रहे हैं। जन अभियान परिषद से जुड़ी संस्थाएं प्रभात फेरियों, रैलियों, जल संगोष्ठियों, दीवार लेखन और नुक्कड़ नाटक के माध्यम से ग्राम स्तर पर अभियान के लिए वातावरण निर्मित कर रही है।

बैठक में जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत पंचायत एवं ग्रामीण विकास, नगरीय विकास एवं आवास, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, उद्यानिकी, जल संसाधन, नर्मदा घाटी विकास, स्कूल शिक्षा, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, प्रदूषण नियंत्रण बार्ड, वन विभाग, मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निगम, जन अभियान परिषद, उच्च शिक्षा, संस्कृति विभाग, किसान कल्याण तथा कृषि विकास तथा राजस्व विभाग द्वारा संचालित की गतिविधियों की जानकारी दी गई।

बैठक में कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना, सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई, कृषि उत्पादन आयुक्त अशोक बर्णवाल तथा संबंधित विभागों के प्रमुख सचिव व अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर