सरसों पर भावांतर और उड़द पर बोनस देगी मध्य प्रदेश सरकार, मुख्यमंत्री ने विधानसभा में की घोषणा
भोपाल, 23 फरवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के छठवें दिन सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों के हित में बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि सरकार ने सरसों पर भी भावांतर योजना लागू करने का फैसला लिया है, जिससे किसानों को न्यूनतम मूल्य का लाभ मिल सके और बाजार भाव कम होने की स्थिति में उन्हें नुकसान न उठाना पड़े। उन्होंने कहा कि मूंग की बजाय उड़द के उत्पादन पर हमारा फोकस है। इसीलिए बोनस देने का फैसला किया है। सरकार किसान को ऊर्जा दाता बनाने के लिए भी संकल्पित है।
दरअसल, मध्य प्रदेश विधानसभा में सोमवार को कांग्रेस विधायक भैरो सिंह बापू ने प्रदेश के कई जिलों में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसलों के नुकसान का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि फसल बीमा कंपनी का जो मोबाइल नंबर दिया गया है, वह अक्सर रिसीव नहीं होता, जिससे किसान परेशान हैं। बीमा कंपनियां अपने कर्मचारियों को किसानों की फसल क्षति का सर्वे करने के लिए गांवों में भेजें। इसके जवाब में राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने कहा कि सरकार इस मामले को लेकर गंभीर है। नुकसान का सर्वे कराया जा रहा है और प्रभावित किसानों को राहत राशि देने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि अब तक प्रदेश के छह जिलों में ओलावृष्टि की सूचना प्राप्त हुई है।
भाजपा विधायक अनिरुद्ध माधव मारू ने कहा कि सरकार किसानों के प्रति बेहद संवेदनशील है। फसल कटाई से पहले ही राहत राशि दी जा रही है, ताकि किसानों को तत्काल सहायता मिल सके। भाजपा विधायक तेज बहादुर ने कहा कि पिछले वर्षों में हुए फसल नुकसान का मुआवजा किसानों को मिला है। हाल ही में उज्जैन जिले में ओलावृष्टि से गेहूं की फसल को नुकसान हुआ है और कई जगह फसल आड़ी हो गई है। उन्होंने मांग की कि सर्वे की प्रक्रिया सही तरीके से हो। जिन गांवों में सर्वे टीम नहीं पहुंची है, वहां जल्द से जल्द सर्वे कराया जाए।
भाजपा विधायक ओम प्रकाश सखलेचा ने भी समय पर सर्वे कर मुआवजा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जिन किसानों के दावे रह गए हैं या जिनकी आपत्तियों का निराकरण नहीं हुआ है, उनकी ओर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि जो फसलें फिलहाल फसल बीमा योजना में शामिल नहीं हैं, उन्हें कब तक शामिल किया जाएगा, यह भी स्पष्ट किया जाना चाहिए।
मोरी से कांग्रेस विधायक ऋषि अग्रवाल ने गुना जिले में धनिया की फसल को हुए नुकसान का मामला सदन में उठाया। उन्होंने कहा कि फसल बीमा योजना में धनिया की फसल शामिल नहीं है, जिससे किसानों को नुकसान की भरपाई नहीं हो पा रही है। विधायक ने मांग की कि धनिया को भी फसल बीमा योजना में शामिल किया जाए, ताकि प्रभावित किसानों को समय पर मुआवजा मिल सके।
इसके जवाब में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों की बेहतरी के लिए सरकार लगातार नई योजनाएं बना रही है। सरकार किसान को ऊर्जा दाता बनाने के लिए भी संकल्पित है और मध्य प्रदेश को एग्री-एक्सपोर्ट हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि सोयाबीन पर भावांतर योजना लागू होने से किसानों को फायदा मिला है। इस साल सरसों का रकबा 28% बढ़ा है। जनवरी तक बाजार में सरसों का भाव 5500 से 6000 रुपये प्रति क्विंटल रहा, जबकि केंद्र द्वारा तय एमएसपी 6200 रुपये प्रति क्विंटल है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने एक बड़ा निर्णय लिया है। सरसों के उत्पादन को भावांतर योजना के निर्धारित प्रावधानों और पात्रता के अनुसार शामिल करने का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा गया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार ने सरसों पर भी भावांतर योजना लागू करने का निर्णय लिया है, जिससे किसानों को न्यूनतम मूल्य का लाभ मिल सके और बाजार भाव कम होने की स्थिति में उन्हें नुकसान न उठाना पड़े।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मूंग की बजाय उड़द पर बोनस देने का काम भी मध्य प्रदेश सरकार कर रही है। 600 रुपये प्रति किसान प्रति क्विंटल बोनस देने का फैसला हमारी सरकार ने किया है। उन्होंने कहा कि मूंग की बजाय उड़द के उत्पादन पर हमारा फोकस है। इसीलिए बोनस देने का फैसला किया है। चना, मसूर, तुअर का उत्पादन करने का भी प्रस्ताव हमने भारत सरकार को भेजा है। चना और मसूर के उपार्जन के लिए 24 मार्च से 30 मई तक का समय तय किया गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर