कालिदास समारोह से प्रदेश की विभूतियों पर केंद्रित गतिविधियां भी जोड़ी जाएं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
- अखिल भारतीय कालिदास समारोह का आयोजन 21 से 27 नवम्बर तक, तैयारियों को लेकर हुई केंद्रीय समिति की बैठक
भोपाल, 29 सितंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि अखिल भारतीय कालिदास समारोह के अंतर्गत होने वाले कार्यक्रमों से प्रदेश के लब्ध प्रतिष्ठ गीतकारों, साहित्यकारों जैसे कवि प्रदीप, कृष्ण सरल, शिवमंगल सिंह सुमन और शरद जोशी की स्मृतियों पर आधारित गतिविधियों को भी जोड़ा जाए। नाट्य विधा से जुड़े वरिष्ठ कलाकारों, निर्देशकों को कला प्रदर्शन के अधिकाधिक अवसर मिलें। समारोह की गतिविधियों से युवाओं को भी प्राथमिकता पूर्वक जोड़ा जाए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को मंत्रालय में 68वें कालिदास समारोह में प्रस्तावित कार्यक्रमों की रूपरेखा पर वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा कर रहे थे। मुख्यमंत्री समारोह की केंद्रीय समिति के अध्यक्ष हैं। समारोह की केंद्रीय समिति के सदस्य बैठक में उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अखिल भारतीय कालिदास समारोह आगामी 21 से 27 नवम्बर की अवधि में होना है। यह समारोह एक प्रतिष्ठापूर्ण आयोजन है। इसमें राज्य की प्रतिभाओं को अवसर मिलें और वे विभिन्न ऑनलाइन और ऑफ लाइन कला स्पर्धाओं से भी जुड़ें, ऐसी व्यवस्था की जाए। एकात्मधाम ओंकारेश्वर भी समारोह से जुड़े और संगीत विद्यालयों, विश्वविद्यालयों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सात दिवसीय समारोह के लिए बनाई गई कार्यक्रमों की रूपरेखा की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय बोलियों और भाषाओं के प्रतिनिधि भी समारोह की शोभा बढ़ाएं। पुलिस बैंड की प्रस्तुति भी सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने सभी कार्यक्रमों के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
अपर मुख्य सचिव शिवशेखर शुक्ला ने बताया कि समारोह में पूर्व रंग के अंतर्गत 20 नवम्बर को मंगल कलश यात्रा और नांदी सांस्कृतिक प्रस्तुति रहेगी। समारोह के शुभारंभ के दिवस पर 21 नवम्बर को अतिथियों द्वारा राष्ट्रीय चित्र एवं मूर्तिकला प्रदर्शनी का शुभारंभ किया जाएगा। सांस्कृतिक प्रस्तुति भी होगी। इसके लिए शास्त्रीय वादन से जुड़े प्रख्यात कलाकार आमंत्रित किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि समारोह में 22 नवम्बर को राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी, पंडित सूर्यनारायण व्यास स्मृति व्याख्यान, 23 नवम्बर को महाकवि कालिदास स्मृति व्याख्यान, 24 नवम्बर को पद्मश्री वाकणकर स्मृति व्याख्यान और संस्कृत नाटकों का मंचन, 25 नवम्बर को संस्कृत कवि समवाय: और हिंदी नाटक की प्रस्तुति, 26 नवम्बर को संत समागम और 27 नवम्बर को समापन दिवस पर सांस्कृतिक प्रस्तुति एवं पुरस्कार वितरण के कार्यक्रम होंगे।
इस अवसर पर कालिदास संस्कृत अकादमी के निदेशक डॉ. गोविन्द गन्धे, सांसद अनिल फिरोजिया, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, राजेश कुशवाह, रूप पमनानी, श्रीपद् जोशी, शिक्षण संस्थाओं के पदाधिकारी, अपर मख्य सचिव अनुपम राजन, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. सुदाम खाड़े और संबंधित अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर