भोपाल के संत ग्लोबल स्किल्स पार्क की प्रशिक्षण की उद्योग प्रतिनिधियों ने की सराहना

 


भोपाल, 20 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को भोपाल के संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क परिसर स्थित विभिन्न अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं का अवलोकन किया। इस दौरान उद्योग प्रतिनिधियों ने ग्लोबल स्किल्स पार्क में उपलब्ध विश्वस्तरीय अधोसंरचना, आधुनिक तकनीक और उद्योग आधारित प्रशिक्षण की जमकर सराहना की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव से संवाद करते हुये उद्योग प्रतिनिधियों ने कहा कि संस्थान से प्रशिक्षित होकर निकल रहे युवा उद्योगों की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि वे यहां से प्रशिक्षित युवाओं को अपने संस्थानों में रोजगार दे रहे हैं और भविष्य में भी इन युवाओं की आवश्यकता रहेगी। कई उद्योगों ने अपने कर्मचारियों को भी उन्नत प्रशिक्षण के लिए ग्लोबल स्किल्स पार्क भेजने की बात कही।

सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस लिमिटेड नागपुर के प्रतिनिधि प्रदीप राउत और भास्कर फाटककर ने संस्थान में उपलब्ध आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण की सराहना की। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में भी इतना एडवांस कौशल प्रशिक्षण संस्थान नहीं है हमें यहां से पर्याप्त संख्या में कुशल युवा मिल रहे हैं।

ट्राइडेंट लिमिटेड की प्रतिनिधि पूजा लूथरा ने उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप प्रशिक्षित युवाओं को तैयार करने के लिए संस्थान के प्रयासों को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने प्रशिक्षण क्षमता और प्रशिक्षित युवाओं की संख्या बढ़ाने की आवश्यकता पर भी सुझाव दिया। ट्राइडेंट की ओर से विशेष रूप से अधिक संख्या में प्रशिक्षित महिला युवाओं की आवश्यकता पर जोर दिया गया, ताकि उद्योगों में महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर और बढ़ाए जा सकें।

एसआरएफ लिमिटेड की प्रतिनिधि आरती सेमवाल ने उद्योगों के लिए तैयार किए जा रहे कुशल मानव संसाधन की गुणवत्ता की सराहना की। वोल्वो आयशर कमर्शियल व्हीकल्स के प्रतिनिधि शंकर भास्कर ने कहा कि संस्थान में मिलने वाला प्रशिक्षण युवाओं को उद्योग की वास्तविक कार्य प्रणाली से जोड़ रहा है। साइंटेक लिमिटेड के प्रतिनिधि अंब्रेश केला ने भी संस्थान की तकनीकी प्रशिक्षण व्यवस्था को उद्योगों के लिए उपयोगी बताया।

भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल) के प्रतिनिधि उदय भोले, हेम राम और आरिफ सिद्दीकी ने संस्थान में उपलब्ध प्रशिक्षण सुविधाओं और तकनीकी क्षमता की सराहना की। हिंडाल्को के प्रतिनिधि विवेकानंद मिश्रा, संदीप जैन और सिंगरौली के प्रतिनिधि प्रभातेश त्रिपाठी ने भी उद्योगों की जरूरत के अनुरूप युवाओं को तैयार करने की दिशा में ग्लोबल स्किल्स पार्क की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।

उद्योग प्रतिनिधियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि ग्लोबल स्किल्स पार्क में प्रशिक्षित युवाओं को उद्योग की कार्यप्रणाली और आधुनिक तकनीक का अच्छा व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त हो रहा है। कुछ उद्योग प्रतिनिधियों ने यह भी बताया कि यहां से मिले प्रशिक्षित युवाओं के कौशल को देखकर कई बार अलग से चयन प्रक्रिया अथवा विस्तृत साक्षात्कार की आवश्यकता तक महसूस नहीं हुई। प्रशिक्षण के दौरान विकसित तकनीकी दक्षता और व्यावहारिक समझ के कारण युवा सीधे उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप पाए गए।

उद्योग प्रतिनिधियों ने ग्लोबल स्किल्स पार्क के साथ प्रशिक्षण और कौशल विकास के लिए किए गए समझौता ज्ञापनों का भी उल्लेख किया और भविष्य में इस सहयोग को और मजबूत करने की इच्छा व्यक्त की। उनका कहना था कि उद्योग और कौशल संस्थानों के बीच इस तरह का सीधा जुड़ाव युवाओं को प्रशिक्षण से रोजगार तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योगपतियों को जानकारी दी कि हम हर इंडस्ट्रियल एरिया के निकट आईटीआई में वहां की आवश्यकता के अनुरूप युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दे रहे हैं साथ ही इनकी संख्या में में वृद्धि की जा रही है जल्दी हम पर्याप्त संख्या में उद्योग संस्थाओं को कुशल युवा देंगे ।

उद्योगपतियों के साथ हुए संवाद में यह बात प्रमुखता से सामने आई कि ग्लोबल स्किल्स पार्क अब केवल प्रशिक्षण देने वाला संस्थान नहीं, बल्कि उद्योगों की जरूरत के अनुसार कुशल मानव संसाधन तैयार करने का प्रभावी केंद्र बन रहा है। उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप पाठ्यक्रम, आधुनिक प्रयोगशालाएं, व्यावहारिक प्रशिक्षण और उद्योगों से सीधा जुड़ाव युवाओं को रोजगार के लिए अधिक सक्षम बना रहा है। उद्योग प्रतिनिधियों ने संस्थान की प्रशिक्षण क्षमता को और बढ़ाने तथा अधिक से अधिक युवाओं, विशेषकर महिलाओं को उन्नत कौशल प्रशिक्षण से जोड़ने के सुझाव भी दिए।

युवाओं को आधुनिक तकनीक और उद्योगों की जरूरत के अनुरूप दिया जा रहा प्रशिक्षण : टेटवाल

प्रदेश के कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल ने कहा कि यह प्रसन्नता का विषय है। संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क में 550 नवप्रवेशित प्रशिक्षुओं की नई यात्रा का आरंभ हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति इस अवसर को और विशेष बनाती है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार का प्रयास है कि युवाओं को बदलती तकनीक और उद्योगों की जरूरत के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण मिले और प्रशिक्षण के साथ रोजगार के बेहतर अवसर भी उपलब्ध हों। ग्लोबल स्किल्स पार्क इसी दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

उन्होंने बताया कि संस्थान में वर्ष 2025 में 2,000 प्रशिक्षुओं को प्रमाणन दिया गया और वर्ष 2026 में यह संख्या लगभग 3,000 तक पहुंचने की उम्मीद है। आने वाले समय में प्रतिवर्ष 6,000 प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण देने तथा पूर्ण प्रशिक्षण क्षमता को 10,000 प्रशिक्षुओं तक ले जाने का लक्ष्य है। रिलायंस, एसआरएफ और ट्राइडेंट जैसे प्रमुख उद्योगों द्वारा अपने ग्रेजुएट इंजीनियर ट्रेनी को यहां प्रशिक्षण के लिए भेजना संस्थान की गुणवत्ता और उद्योगों के विश्वास को दर्शाता है।

मंत्री टेटवाल ने कहा कि ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, रोबोटिक्स, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और उन्नत विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर तेजी से बढ़ रहे हैं। ग्लोबल स्किल्स पार्क प्रदेश की 10 डिविजनल आईटीआई के साथ हब एंड स्पोक मॉडल में काम कर रहा है, जिससे उन्नत प्रशिक्षण और तकनीकी विशेषज्ञता का लाभ प्रदेश के अधिक से अधिक युवाओं तक पहुंच रहा है।

ग्लोबल स्किल्स पार्क और बजाज ऑटो फाउंडेशन के मध्य एमओयू हुआ। इसके तहत परिसर में दोपहिया और तिपहिया वाहन सेवा तकनीशियनों के लिए उद्योग आधारित प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किया जाएगा। मैजिक बिलियन (टीजीएम सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड) के साथ हुए एमओयू के माध्यम से मध्य प्रदेश के युवाओं को जर्मनी में रोजगार और प्रशिक्षुता के अवसर उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। टीडब्ल्यूआई इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के साथ एमओयू के तहत ग्लोबल स्किल्स पार्क में वेल्डिंग और गैर-विनाशकारी परीक्षण के लिए उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माटीकला शिल्पकार मदन प्रजापति, काठकला शिल्पकार संजय अहिरवार, क्रिस्टल शिल्पकार अतुल गुप्ता, मार्बल शिल्पकार पूजा झारिया एवं बैतूल के धातु शिल्पकार को शॉल-श्रीफल देकर सम्मानित किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर