मप्र के उज्जैन में जेके लाइफ केयर की नई औद्योगिक इकाई का शुभारंभ
- 47 करोड़ रुपये का निवेश, 300 से अधिक लोगों को मिलेगा रोजगार
भोपाल, 19 सितम्बर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को उज्जैन की विक्रम उद्योगपुरी में जेके लाइफकेयर सेंटर प्रा.लि. की नई औद्योगिक इकाई का शुभारंभ किया। जेके ग्रुप की नई इकाई में लगभग 47 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है। इससे करीब 300 लोगों को रोजगार मिलेगा।
ईकाई के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जीवन अनमोल है और परमार्थ में ही जीवन की सार्थकता निहित है। हम सब मिलकर समाज के हर लाचार, हर पीड़ित, हर जरुरतमंद की मदद कर उसका जीवन बचाएं, यही मानव धर्म है, यही जीवन का मूल मर्म है। उन्होंने कहा कि जेके ग्रुप ने पीड़ित मानवता की सेवा के लिए जो बीड़ा उठाया है, उसमें हम सब भी सहभागी हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश में लगभग हर 15 दिनों में नई औद्योगिक इकाइयों का भूमिपूजन और लोकार्पण हो रहा है। यह प्रदेश की उद्योग-मित्र नीतियों और देश-विदेश के निवेशकों के बढ़ते विश्वास का परिचायक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश असीम संभावनाओं और अनंत अवसरों की भूमि है। निवेशक यहां आएं और बिना किसी संकोच के निवेश करें। हमारी सरकार हर जरूरी सुविधाएं, सहयोग और सुरक्षा भी मुहैया कराएगी।
उन्होंने कहा कि मालवा देश के प्रमुख फार्मा क्षेत्रों में शामिल हो रहा है। मध्य प्रदेश में 300 से अधिक फार्मा ईकाइयां सक्रिय हैं और राज्य के कुल निर्यात में फार्मा क्षेत्र का लगभग 20 प्रतिशत योगदान है। उन्होंने विश्वास जताया कि जे.के. लाइफकेयर सेंटर की नई इकाई उज्जैन में औषधि निर्माण के साथ अनुसंधान, नवाचार और रोजगार को नई गति देगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एआई यानी आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस के इस दौर में उज्जैन के पास नेचुरल इंटेलिजेंस (एनआई) की समृद्ध सम्पदा है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण, सम्राट विक्रमादित्य, राजा भोज जैसी अनेक हस्तियों सहित हर कालखंड में उज्जैन का महत्व पूरी दुनिया में अलग प्रकार से रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह को उत्तराखंड के राज्यपाल के रूप में जिम्मेदारी सौंपी है। देवभूमि उत्तराखंड की पवित्र धरती पर राज्यपाल ने बखूबी अपने उत्तरदायित्व का निर्वहन किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जे.के. लाइफ केयर सेंटर प्राइवेट लिमिटेड के ऑनर डॉ. कात्यायन मिश्र और डॉ. जया मिश्र ने हर क्षेत्र में उज्जैन के विकास को लेकर अपनी अलग पहचान बनाई है।
उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने कहा कि विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत के लिए महाकाल की धरती से एक बड़ी शुरुआत हो रही है। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत हम सभी ने संकल्प लिया है कि किस प्रकार भारत को अर्थव्यवस्था के मामले में नंबर एक बनाएं। उज्जैन में सिंहस्थ : 2028 के भव्य आयोजन के लिए विकास और अधोसंरचना के कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। विकास के पीछे मुख्यमंत्री डॉ. यादव के अथक परिश्रम का परिणाम है। महाकाल की नगरी में विक्रम उद्योगपुरी को फूलने-फलने का आशीर्वाद मिला हुआ है। यहां शुरू हो रहे उद्योग और प्रकल्प कामयाबी की मिसाल बनेंगे। भारत ने 21वीं सदी की चुनौतियों का सामना करते हुए आधुनिक विज्ञान के क्षेत्र में नई ऊंचाई हासिल की है। नए भारत में हर वर्ग के सपने पूरे हो रहे हैं। मध्यप्रदेश का हर नागरिक राष्ट्र निर्माण और प्रदेश को समृद्ध बनाने के लिए तत्पर है।
प्रदेश के विकास में फार्मास्युटिकल सेक्टर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उत्तराखंड भी इस क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने विकसित भारत @2047 का लक्ष्य रखा है। जे.के. ग्रुप की नई इकाई में लगभग 47 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है। यहां एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट्स (एपीआई), फार्मास्युटिकल इंटरमीडिएट्स और फाइन केमिकल्स का निर्माण होगा। इकाई से 300 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा, जबकि सप्लाई चेन, परिवहन, पैकेजिंग और तकनीकी सेवाओं के माध्यम से हजारों लोगों के लिए अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
कार्यक्रम के अंत में मध्यप्रदेश हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष ओम जैन ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, सिंहस्थ मेला प्राधिकरण के अध्यक्ष जगदीश अग्रवाल, महापौर मुकेश टटवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय जन उपस्थित थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर