कृषक कल्याण वर्ष में कृषि विकास और कल्याण की योजनाओं को धरातल पर उतारने का करेंगे कार्य: मोहन यादव

 


- भोपाल में कृषि अभिमुखीकरण कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री

भोपाल, 16 मार्च (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कृषक कल्याण वर्ष 2026 में विभिन्न विभाग मिलकर कृषि विकास और कृषक कल्याण योजनाओं को धरातल पर उतारने का कार्य करेंगे। किसानों की आय बढ़ाने के लिए सभी उपायों पर क्रियान्वयन तेज किया जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय सभागार में कृषक कल्याण वर्ष में सक्रिय सहभागिता जुटाने के उद्देश्य से आयोजित किए गए कृषि अभिमुखीकरण कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कृषक कल्याण वर्ष का लाभ किसानों के परिवारों तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। मध्य प्रदेश देश का इकलौता राज्य है, जो पांच रुपये में किसानों को बिजली का कनेक्शन उपलब्ध करवा रहा है। ये किसानों के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

कार्यशाला में उप मुख्यमंत्री द्वय जगदीश देवड़ा और राजेन्द्र शुक्ल, मंत्रीगण एदल सिंह कंषाना, विश्वास सारंग, गोविन्द सिंह राजपूत, करण सिंह वर्मा, तुलसीराम सिलावट, नागर सिंह चौहान, राकेश शुक्ला, इंदर सिंह परमार, चैतन्य काश्यप, धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी, कृष्णा गौर, दिलीप जायसवाल, नारायण सिंह पवार सहित विधायक, जनप्रतिनिधि एवं किसान संगठनों के प्रतिनिधि, एफपीओ के पदाधिकारी एवं प्रबुद्धजन शामिल हुए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुशाभाऊ ठाकरे सभागार मध्यप्रदेश के पुराने विधानसभा भवन का पवित्र स्थान है। इस स्थान पर कृषक कल्याण योजनाओं पर केन्द्रित कार्यशाला राज्य सरकार के कृषि क्षेत्र को दी जा रही प्राथमिकता का भी प्रतीक है। उन्होंने इस कार्यक्रम के लिए आयोजकों को बधाई दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में दूध उत्पादन और पशुपालन की व्यापक संभावनाएं हैं। उन्हें साकार करने के प्रयास सफल हो रहे हैं। प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा गया है। पिछले डेढ़ साल में प्रदेश का दूध कलेक्शन 25 प्रतिशत बढ़ा है। अब प्रदेश में प्रतिदिन 12.50 लाख लीटर दूध कलेक्शन किया जा रहा है। दूध का मूल्य भी 5 रुपए प्रति लीटर बढ़ा है। इससे दुग्ध उत्पादकों को सीधे तौर पर लाभ मिलेगा। गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने और क्षेत्र में नरवई प्रबंधन के लिए राज्य सरकार ट्रैक्टर-ट्रॉली और भूसे की मशीन उपलब्ध करवा रही है। राज्य सरकार ने स्कूली बच्चों के लिए नि:शुल्क दूध वितरण के लिए माता यशोदा योजना शुरू करने की पहल की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में विकास के नए आयाम स्थापित हो रहे हैं। टूरिज्म डिपार्टमेंट ने होम स्टे की योजना शुरू की है। होम स्टे संचालकों के लिए 20 लाख रुपये तक की आय जीएसटी से मुक्त रखी गई है। लघु-कुटीर उद्योग के क्षेत्र में शहद उत्पादन से किसान लाभ कमा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि कार्यशाला में लगभग सभी प्रमुख विभाग शामिल हुए हैं। राज्य की आबादी का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा इन 16 विभागों के अंतर्गत आ जाता है। प्रदेश में सिंचाई का रकबा 100 लाख हैक्टेयर करने के लिए निरंतर कार्य हो रहा है। प्रदेश में नए मेडिकल कॉलेज खोले जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विधानसभा क्षेत्र में कृषि यंत्रों की दुकानें खुलेंगी, जिनसे लघु कृषकों को खेती के लिए किराये पर यंत्र उपलब्ध करवाए जाएंगे। विधायक अपने क्षेत्र में 4 से 5 कृषि सम्मेलन करें, इसके लिए कृषि विभाग ने प्रति विधानसभा क्षेत्र 5 लाख रुपये आवंटित करने का निर्णय किया है। इन प्रयासों से कृषि कल्याण के लिए सकारात्मक वातावरण बनेगा। किसान सौर बिजली उत्पादन की सभी योजनाओं का लाभ उठाएं। लघु-कुटीर उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए भी कार्य करें।

भाजपा के प्रदेश प्रभारी महेंद्र सिंह ने कहा कि हमारा मध्य प्रदेश अब हजार और लाख में नहीं, मिलियन, बिलियन और ट्रिलियन में बात करने के लिए तैयार है। मध्य प्रदेश क्षेत्रफल के हिसाब से कृषि में चौथे स्थान पर है। इसके बावजूद मध्यप्रदेश कई खाद्यान्नों के उत्पादन में देश में, पहले और दूसरे स्थान पर हैं। मध्य प्रदेश चौथे स्थान पर भी रहते हुए देश के खाद्यान्न उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। प्रदेश के किसानों को सस्ती दरों पर बिजली और सिंचाई के लिए पम्प उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। प्रदेश में सिंचाई का रकबा 54 लाख हैक्टेयर है। राज्य सरकार ने पं. दीनदयाल उपाध्याय के सपने को साकार करते हुए सिंचाई का रकबा आगामी वर्षों में 100 लाख हैक्टेयर करने का लक्ष्य रखा है। प्रदेश में दूध एवं डेयरी क्षेत्र में आगे बढ़ने की व्यापक संभावनाएं हैं। प्रदेश की कृषि विकास दर तेजी के साथ बढ़ी है। इसी प्रकार प्रदेश का बजट वर्ष 2003-24 में 23 हजार था, जो अब 4 लाख 38 हजार करोड़ से अधिक हो गया है। प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय और जीडीपी में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। राज्य सरकार ने मध्यप्रदेश को 2 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा है। इसमें कृषि कल्याण वर्ष महत्वपूर्ण योगदान देगा। विकसित भारत के निर्माण में मध्यप्रदेश की बड़ी भूमिका होगी।

कृषि उत्पादन आयुक्त अशोक वर्णवाल ने कहा कि मध्य प्रदेश पिछले 10 साल से कृषि क्षेत्र में 2 अंकों में वृद्धि कर रहा है। इस गति को बनाए रखने के लिए मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार कई विभागों को जोड़कर कृषक कल्याण वर्ष मना रहे हैं। कार्यशाला में जैविक खेती, उद्यानिकी में नर्सरी, कोदो-रागी जैसे मोटे अनाजों से आइसक्रीम निर्माण, केज कल्चर सहित अनेक महत्वपूर्ण तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। मत्स्य पालन, संस्कृति, पर्यटन, खाद्य एवं नवकरणीय ऊर्जा सहित कई विभागों ने अपनी योजनाओं की रूपरेखा प्रस्तुत की है।

कृषि सचिव निशांत वरवड़े ने प्रेजेंटेशन में बताया कि 11 जनवरी 2026 को कृषि कल्याण वर्ष का शुभारंभ किया गया है। उन्होंने कृषि विभाग की कार्ययोजनाओं की जानकारी दी। कार्यक्रम में औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के प्रमुख सचिव राघवेंद्र कुमार सिंह ने विभागीय योजनाओं की जानकारी दी। इस दौरान मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास विभाग द्वारा प्रेजेंटेशन दिया गया। उद्यानिकी विभाग के सचिव जॉन किंग्स्ले ने भी विभागीय योजनाओं की जानकारी दी।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर