मप्र के मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों और किसानों के प्रोत्साहन के निर्णयों पर जताई खुशी

 


भोपाल, 31 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में सम्पन्न कैबिनेट बैठक द्वारा युवा खिलाड़ियों और किसानों के प्रोत्साहन के उद्देश्य से लिए गए निर्णय पर हर्ष व्यक्त किया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर जारी संदेश में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी युवाओं, किसानों, नारियों और गरीबों का कल्याण सर्वोच्च प्राथमिकता मानते हैं। इसके अनुरूप केंद्र सरकार द्वारा निरंतर महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा रहे हैं। ऐसे निर्णयों का लाभ मध्य प्रदेश सहित सभी राज्यों को मिलेगा।

उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को केंद्रीय कैबिनेट ने 2026-27 से 2030-31 की अवधि के लिए 36 हजार 441 करोड़ रुपये के संयुक्त परिव्यय के साथ संशोधित खेलो इंडिया योजना और राष्ट्रीय खेल संघों को बढ़ी हुई सहायता को मंजूरी दे दी है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्रीय कैबिनेट का यह निर्णय भारत में खेल प्रतिभाओं की पहचान, प्रशिक्षण और स्पोर्ट्स इको सिस्टम तैयार करेगा। इसके फलस्वरूप खिलाड़ियों को पहले से अधिक प्रोत्साहन मिलेगा। ओलंपिक, पैरालंपिक सहित अन्य अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारियों को भी नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस निर्णय के लिए प्रधानमंत्री मोदी का आभार माना है।

किसान का सम्मान, समृद्ध भारत की पहचान

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों के कल्याण के लिए केंद्रीय कैबिनेट द्वारा लिए गए निर्णय को महत्वपूर्ण बताया है। इस निर्णय के अनुसार 3.15 लाख करोड़ रूपए के वित्तीय परिव्यय के साथ प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को वर्ष 2026–27 से 2030–31 तक जारी रखने की मंज़ूरी दी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों के कल्याण की दिशा में एक और ऐतिहासिक कदम उठाया है। निश्चित ही यह निर्णय किसान परिवारों की आर्थिक सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ बनाकर कृषि क्षेत्र की समृद्धि और किसान कल्याण के कार्यों को नए शिखर पर ले जाएगा।

हरित ऊर्जा क्षेत्र को नई गति देने की दिशा में केंद्रीय कैबिनेट का महत्वपूर्ण कदम

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट के एनर्जी स्टोरेज सिस्टम से युक्त फ्लोटिंग सोलर फोटोवोल्टिक परियोजनाओं के विकास के लिए 'प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना' को स्वीकृति के निर्णय को हरित ऊर्जा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण बताते हुए हर्ष व्यक्त किया है।

केंद्रीय कैबिनेट के निर्णय के अनुसार वित्त वर्ष 2026–27 से 2030–31 तक परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की जाएगी। जबकि 2032–33 तक यह वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। योजना के अंतर्गत कम से कम पांच हजार मेगावॉट क्षमता के फ्लोटिंग सोलर पीवी प्रोजेक्ट्स तथा 10 हजार मेगावॉटएच स्टोरेज क्षमता वाले एनर्जी स्टोरेज सिस्टम विकसित किए जाएंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर