जनसमस्याओं का निराकरण संवेदनशीलता और जिम्मेदारी से करें : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

 


- अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को 2-2 लाख और राष्ट्रीय व राज्य स्तर के खिलाड़ियों को 1-1 लाख रुपये की पुरस्कार देने की घोषणा की

भोपाल, 16 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को सीएम समाधान कार्यक्रम में विभिन्न शिकायतकर्ताओं से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं का निराकरण संवेदनशीलता और जिम्मेदारी से करें। शिकायतों का प्रारंभिक स्तर पर ही समाधान सुनिश्चित किया जाना चाहिए, जिससे नागरिकों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

समाधान कार्यक्रम में लाड़ली लक्ष्मी योजना, आवास योजना के बिलों में गड़बड़ी, राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना तथा नल-जल योजना से संबंधित शिकायतों पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रभारी डीपीओ ओ.पी. पांडे को संबंधित प्रकरण में कारण बताओ सूचना पत्र जारी करने के निर्देश दिए। कार्यपालन यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी अमर दाहिया को नल-जल योजना से संबंधित प्रकरण की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर प्रस्तुत करने के लिए कहा। ऊर्जा विभाग के उप महाप्रबंधक रघुवीर सिंह को शिकायत का समय पर निराकरण नहीं होने पर लघु शास्ति अधिरोपित करने के निर्देश दिए। नगर निगम आयुक्त सत्येन्द्र धाकरे को नगरीय निकायों से संबंधित प्रकरणों का अभिलेख तैयार कर प्रस्तुत करने के लिए भी निर्देशित किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आमजन से जुड़े मूलभूत विषयों और शिकायतों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करें। यदि समस्याओं का प्रारंभिक स्तर पर ही समाधान कर दिया जाए, तो शिकायतों की संख्या में कमी लाई जा सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभिन्न स्तरों पर अधिकारियों के कार्यों की निगरानी की जाती है और प्रस्तुत प्रतिवेदनों में अनियमितता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही निर्धारित कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि शासन और प्रशासन का मूल उद्देश्य जनता के हित में कार्य करना तथा उनकी समस्याओं का समय पर समाधान करना है। सभी अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि नागरिकों को योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में अनावश्यक परेशानी न हो और प्रत्येक शिकायत का निराकरण संवेदनशीलता एवं जिम्मेदारी के साथ किया जाए।

जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनविश्वास अभियान के अंतर्गत मुरैना कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिले में औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन, कृषि एवं पशुपालन, सहकारिता, पर्यटन, खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन तथा जनसमस्याओं के निराकरण सहित विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि यह समिति जिले के समग्र विकास के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है। जनप्रतिनिधि जिले की आवश्यकताओं, समस्याओं, संभावनाओं और विकास से संबंधित अपने सुझाव समिति के माध्यम से प्रस्तुत करें, ताकि स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप योजनाएं तैयार कर उन्हें प्रभावी ढंग से क्रियान्वित किया जा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक जिले को विकास का एक आदर्श मॉडल बनाना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि विकास कार्यों की समीक्षा करें, स्थानीय समस्याओं एवं कठिनाइयों को समझें तथा उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों और जनहित में नवाचार करने वाले व्यक्तियों को प्रोत्साहित करें। उन्होंने कहा कि विकास की योजनाएं केवल कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि उनका लाभ आमजन तक पहुंचे, यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप युवाओं को दें प्रशिक्षण

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुरैना जिले में औद्योगिक विकास की व्यापक संभावनाएं हैं। यहां स्थापित हो रही औद्योगिक इकाइयों से स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रस्तावित उद्योगों से उनकी मानव संसाधन संबंधी आवश्यकताओं की जानकारी पहले ही प्राप्त कर ली जाए और उसी के अनुरूप युवाओं को प्रशिक्षण दिलाया जाए, ताकि इकाइयों में उत्पादन प्रारंभ होने के साथ ही प्रशिक्षित स्थानीय युवाओं को रोजगार मिल सके।

दुग्ध उत्पादन, पशुपालन एवं सहकारिता को मिले प्रोत्साहन

उन्होंने कहा कि प्रदेश में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के माध्यम से दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। हमारा उद्देश्य दुग्ध उत्पादन, पशुपालन और कृषि को प्रोत्साहित करते हुए किसानों एवं पशुपालकों की आय में वृद्धि करना है। इसके लिए सहकारी संस्थाओं को मजबूत बनाने तथा छोटे दुग्ध उत्पादकों को संगठित रूप से कार्य करने के लिए प्रेरित करने की आवश्यकता है। गांवों में दुग्ध उत्पादकों को सहकारी समितियों के माध्यम से जोड़ने से दूध का संग्रहण एवं विपणन अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा। इससे छोटे पशुपालकों को बाजार उपलब्ध होगा और उनकी आय बढ़ाने के अवसर सृजित होंगे।

मुख्यमंत्री ने कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित यशस्वी संवाद में प्रगतिशील किसानों एवं कृषि आधारित उद्यमियों से संवाद कर उनके कार्यों की जानकारी ली। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना से लाभान्वित उद्यमी से उन्होंने शहद उत्पादन, प्रसंस्करण, विपणन और निर्यात संबंधी गतिविधियों के बारे में जानकारी प्राप्त की।

पर्यटन, वेलनेस एवं चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुरैना जिले में पर्यटन के साथ ही जिले में प्राकृतिक, धार्मिक एवं ऐतिहासिक पर्यटन के साथ मेडिकल टूरिज्म और वेलनेस सेंटर विकसित करने की भी व्यापक संभावनाएं हैं। आयुर्वेद एवं प्राकृतिक चिकित्सा पर आधारित वेलनेस केंद्रों के माध्यम से लोगों को स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जा सकता है। उन्होंने निजी निवेश से स्थापित एसआर मेडिकल कॉलेज का जिक्र करते हुए कहा कि सीट आवंटन की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार से क्षेत्र के लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी तथा चिकित्सा पर्यटन की संभावनाएं भी विकसित होंगी।

मुख्यमंत्री ने जिले की खेल प्रतिभाओं से संवाद कर उनके अनुभवों और उपलब्धियों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को दो-दो लाख रुपये तथा राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को एक-एक लाख रुपये की पुरस्कार राशि देने की घोषणा की। मुरैना जिले के 5 खिलाड़ियों से भारत रावत, सौरभ रजक, रिंकी, नंदनी चौहान एवं अंकिता कुशवाह से संवाद किया और उन्हें पात्रता अनुसार पुरस्कार राशि देने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने जिले की विकास संबंधी आवश्यकताओं, प्रशासनिक व्यवस्थाओं, जनसमस्याओं तथा विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर