ग्लोबल स्किल्स पार्क भोपाल से भविष्य में प्रतिवर्ष 10 हजार युवा होंगे प्रशिक्षित: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल, 20 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि उद्योग क्षेत्र की आवश्यकताओं के दृष्टिगत संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल पार्क भोपाल आने वाले समय में प्रतिवर्ष 10 हजार युवाओं को प्रशिक्षित करने का कार्य करेगा। वर्तमान में यह संस्थान प्रतिवर्ष दो हजार युवाओं को विभिन्न तरह के कौशल पाठ्यक्रमों द्वारा प्रमाण-पत्र प्रदान कर रहा है। वर्ष 2026 में तीन हजार युवा प्रशिक्षित होंगे। यह संख्या निरंतर बढ़ेगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क में अभिमुखीकरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश भारत में युवाओं के लिए अवसरों की कोई कमी नहीं है। वे युवाओं के लिए निरंतर अवसर बढ़ाने का कार्य कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने सदैव हर क्षेत्र में कौशल विकास को प्राथमिकता दी है।
उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश कृषि प्रधान राज्य है। अब हमें इसके साथ ही अपनी क्षमता और बुद्धि के बल पर कौशल भी प्राप्त करना होगा। वर्तमान दौर में कौशल की आवश्यकता की पूर्ति करते हुए भारत दुनिया के साथ कदम से कदम मिलते हुए आगे बढ़ रहा है। दुनिया के कई देशों ने प्रगति की है, लेकिन इसमें भी कहीं ना कहीं भारतीयों का हाथ जरूर रहता है। देश और प्रदेश की विकास यात्रा में संत शिरोमणि ग्लोबल स्किल पार्क की महत्वपूर्ण भूमिका है। आज से करीब सौ- डेढ़ सौ साल पहले किसी कार्य करने के लिए डिग्री की आवश्यकता नहीं होती थी। हम अपने कौशल और दक्षता के बल पर स्वावलंबन का रास्ता अपनाकर आगे बढ़ रहे थे। तत्कालीन समय में धीरे-धीरे सर्विस सेक्टर बढ़ता गया और भारतीय प्रतिभाओं का पर्याप्त इस्तेमाल नहीं हो सका। हमारे युवा अपने कौशल से बेहतर जीवन जी सकते हैं। इस संस्थान में उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्यप्रदेश, राजस्थान सहित अनेक राज्यों के विद्यार्थी कौशल प्रशिक्षण प्राप्त करने आए हैं।
संत रविदास ने भी कहा था, कौशल पर करें भरोसा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संत रविदास महाराज का 650 वीं जयंती वर्ष चल रहा है। अपने कर्म के प्रति निष्ठा, समाज सुधार और निष्काम जीवन जीने सहित कई कारणों से हम उन्हें स्मरण करते हैं। संत रविदास जी ने अनेक भजन तैयार किए, जो कालजयी बने। संत रविदास जी से प्रेरणा मिलती है कि हमें अपने कौशल पर पूरा भरोसा होना चाहिए। कौशल के प्रकटीकरण में कोई समझौता नहीं होना चाहिए। कौशल के माध्यम से अपना जीवन बेहतर बनाने और सामाजिक उत्तरदायित्व पूरा करने में संत रविदास जी की अहम भूमिका थी। उन्होंने तत्कालीन समय में अस्पृश्यता जैसी अनेक चुनौतियां का सामना किया। उन्होंने राणा सांगा जैसे शासकों को अपना शिष्य बनने का अवसर दिया। वे अपने जीवन के मूल भाव को कभी नहीं भूले।
कोई भी काम छोटा बड़ा नहीं होता
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्लोबल स्किल्स पार्क का प्लेसमेंट 98.9 प्रतिशत होना एक उपलब्धि है। यहां विश्व स्तरीय, बहुभाषीय प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। भारतीय संस्कृति में जीवन के कई रहस्य विज्ञान से जुड़े हुए हैं। बदले दौर में टेक्नोलॉजी तेजी से परिवर्तित हो रही है और हमारे युवा भी कौशल विकास का प्रशिक्षण प्राप्त कर खुद को सशक्त बना रहे हैं। युवा अपनी क्षमता और बुद्धिमत्ता के बलबूते पर हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा को प्रमाणित करें। कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता है। हमारा काम और उसे करने की इच्छा शक्ति ही मुकाम तक पहुंचती है। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को सम्मानजनक रोजगार से जुड़ने और विभिन्न क्षेत्रों में सफल होने के लिए शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव युवाओं की उपलब्धियां सुनकर हुए प्रसन्न
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आरंभ उत्सव में वर्चस्वनी पथिक और सान्वी त्रिवेदी द्वारा इंडस्ट्रियल रोबोटिक्स और एडवांस इलेक्ट्रलिकल क्षेत्र में जॉब प्राप्त करने के अनुभव सुनकर प्रसन्नता व्यक्त की। वर्चस्वनी ने बताया कि वह ग्लोबल स्किल्स पार्क से जुड़ने से पहले अपनी सांस्कृतिक क्षेत्र और निबंध लेखन की प्रतिभा के संबंध में खुद भी अनजान थीं। सान्वी त्रिवेदी ने बताया कि वह केवल रोजगार प्राप्त करने में ही सफल नहीं रहीं बल्कि इस संस्थान ने उसके आत्मविश्वास में वृद्धि की है। मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि इन दोनों बालिकाओं ने ट्रायडेंट समूह में सेवा ग्रहण कर अन्य बालिकाओं को भी प्रोत्साहित किया है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि आज बजाज आटो फाउंडेशन, मैजिक बिलियन और ट्वी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के साथ ग्लोबल स्किल्स पार्क के समझौते, उद्योग- शिक्षा सहयोग और कौशल विकास के क्षेत्र को समृद्ध बनाएंगे।
शिल्पकारों की प्रतिभा की प्रशंसा
मुख्यमंत्री ने माटी शिल्प से जुड़े श्री मदन प्रजापति, काष्ठ शिल्प से जुड़े संजय अहिरवार, क्रिस्टल शिल्प से जुड़े अतुल गुप्ता, मार्बल शिल्प कलाकार पूजा झारिया और धातु शिल्पकार जितेंद्र विश्वकर्मा के बनाए शिल्पों की प्रशंसा की। उन्होंने इन शिल्पकारों की प्रतिभा देश-दुनिया तक पहुंचाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की भी सराहना की। मुख्यमंत्री ने ग्लोबल पार्क परिसर में पौधरोपण किया। उन्होंने इसके बाद ग्लोबल स्किल्स पार्क परिसर का निरीक्षण किया। उन्होंने लैबोरेट्री भी देखी। यहां अनेक युवाओं से बात की।
550 नव प्रवेशित प्रशिक्षुओं का उन्मुखी कार्यक्रम
मुख्यमंत्री ने ग्लोबल स्किल्स पार्क परिसर में नवनिर्मित बहुउद्देश्यीय खेल परिसर का उद्घाटन किया। उन्होंने संत शिरोमणि रविदास जी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर नमन किया। उन्होंने सम्पूर्ण परिसर का भ्रमण कर उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क परिसर स्थित विभिन्न अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं का अवलोकन किया। उन्होंने प्रशिक्षण ले रहे युवाओं से उनके ट्रेड, प्रशिक्षण और भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर प्रशिक्षुओं में विशेष उत्साह दिखाई दिया। उन्होंने युवाओं से बेहद सहज और आत्मीय वातावरण में संवाद करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया और उन्हें अपने कौशल को निरंतर निखारने के लिए प्रेरित किया।
मुख्यमंत्री को इंजन लैब के अवलोकन के दौरान प्रशिक्षु प्रवीण मानकर ने इंजन प्रशिक्षण की प्रक्रिया और लैब में उपलब्ध प्रशिक्षण सुविधाओं की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने ऑटोट्रॉनिक्स लैब में उन्नत ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी ट्रेड की प्रशिक्षु विधि रैकवार से संवाद किया। फाइनल सेमेस्टर में प्रशिक्षण ले रहीं विधि ने अपने प्रशिक्षण और अब तक के अनुभव के बारे में मुख्यमंत्री को बताया।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर