मप्र के 55 जिलों में तेजी से बिछ रहा सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क, अब तक 3.88 लाख पीएनजी कनेक्शन स्थापित
सुरक्षित, सुगम और किफायती रसोई ईंधन के रूप में पीएनजी को अपनाएं नागरिक : खाद्य मंत्री राजपूत
भोपाल, 30 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश सरकार नागरिकों को सुरक्षित, पर्यावरण हितैषी और किफायती रसोई ईंधन उपलब्ध कराने के लिए राज्यभर में सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) नेटवर्क का तीव्र विस्तार कर रही है।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने शुक्रवार को बताया कि जहां पर पीएनजी नेटवर्क है वहां पर नागरिक पारंपरिक एलपीजी सिलेंडर के स्थान पर आधुनिक पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) कनेक्शन लें। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की विकासोन्मुख नीतियों के चलते प्रदेश में अब तक 3.88 लाख से अधिक पीएनजी कनेक्शन स्थापित किए जा चुके हैं। साथ ही वाहनों के लिए 433 सीएनजी स्टेशन भी क्रियाशील किए जा चुके हैं।
सुरक्षा, बचत और सुविधा का सटीक विकल्प है पीएनजी
मंत्री राजपूत ने पीएनजी के फायदों को रेखांकित करते हुए कहा कि यह प्रणाली घरेलू उपभोक्ताओं के जीवन को सुगम बनाने के साथ-साथ अत्यंत सुरक्षित और किफायती है।
सर्वोच्च सुरक्षा: भूमिगत पाइपलाइनों से कम दबाव पर निरंतर गैस आपूर्ति के कारण भारी सिलेंडर रखने या बदलने का झंझट खत्म होता है। प्राकृतिक गैस हवा से हल्की होने के कारण किसी भी लीकेज की स्थिति में वातावरण में तेजी से फैल जाती है, जिससे आगजनी का खतरा न्यूनतम रहता है।
24x7 निर्बाध आपूर्ति व सटीक बिलिंग: 'नो-बुक-नो-वेट' सुविधा के तहत उपभोक्ताओं को चौबीसों घंटे सीधी आपूर्ति मिलती है। बिजली बिल की तर्ज पर केवल वास्तविक उपभोग (मीटरिंग) का ही भुगतान करना पड़ता है।
आर्थिक बचत: प्रति यूनिट ऊर्जा के आधार पर पीएनजी पारंपरिक एलपीजी से सस्ती है।
पर्यावरण व स्वास्थ्य सुरक्षा: स्वच्छ ईंधन होने से घरों के भीतर धुआं या प्रदूषण नहीं फैलता, जिससे इनडोर एयर क्वालिटी बेहतर बनी रहती है।
मध्यप्रदेश शहरी गैस वितरण नीति 2025 से मिली गति
खाद्य मंत्री ने बताया कि 14 फरवरी 2025 को लागू की गई ‘मध्यप्रदेश शहरी गैस वितरण (सीजीडी) नेटवर्क विकास एवं विस्तार नीति 2025’ के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। प्रदेश के 55 जिलों को कवर करने वाले 25 भौगोलिक क्षेत्रों में 10 सीजीडी संस्थाएं तीव्र गति से कार्य कर रही हैं। कार्य में पारदर्शिता और त्वरित निष्पादन के लिए सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से समयबद्ध अनुमतियां (डीएम एनओसी/आरओयू परमिशन) जारी की जा रही हैं।
भारत सरकार के निर्देश
मंत्री राजपूत ने भारत सरकार के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के नियमों का हवाला देते हुए स्पष्ट किया है कि जिन क्षेत्रों में पीएनजी अधोसंरचना (पाइपलाइन) उपलब्ध करा दी गई है, वहां संबंधित नागरिकों को नोटिस प्राप्ति के 90 दिनों के भीतर पीएनजी कनेक्शन लेना अनिवार्य है। निर्धारित समय में कनेक्शन न लेने पर संबंधित उपभोक्ता की एलपीजी आपूर्ति बंद करने का वैधानिक प्रावधान है।
पीएनजी और एलपीजी दोनों कनेक्शन एक साथ रखने की अनुमति नहीं है। पीएनजी कनेक्शन स्थापित होने के 30 दिनों के भीतर उपभोक्ता को अपना एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करना होगा। गैर-पीएनजी क्षेत्र में भविष्य में उपयोग हेतु उपभोक्ता ट्रांसफर वाउचर (टीवी) प्राप्त कर सकते हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत