शहर होंगे आर्थिक विकास के इंजनः कैलाश विजयवर्गीय

 


भोपाल, 28 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि वर्ष 2047 तक देश की लगभग 50 प्रतिशत से अधिक आबादी शहरी क्षेत्रों में निवास करेगी। ऐसे में भविष्य की विकास योजनाओं में शहरीकरण को केंद्र में रखना आवश्यक है। शहर केवल सड़क, आवास और ड्रेनेज तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे आर्थिक विकास के प्रमुख इंजन हैं।

मंत्री विजयवर्गीय बुधवार को इंदौर में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थित में आयोजित अर्बन ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0 को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश के शहरों में विकास की व्यापक संभावनाएं हैं और नागरिक जनभागीदारी के माध्यम से विकास कार्यों में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।

विजयवर्गीय ने कहा कि इंदौर की स्वच्छता की उपलब्धि नगर निगम और प्रशासन के साथ नागरिकों की सक्रिय भागीदारी का परिणाम है। इंदौर ने जनसहयोग से देश और दुनिया के सामने अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने उनके महापौर के कार्यकाल के दौरान किये गये कार्यों का जिक्र करते हुए बताया कि शहर ने 24 घंटे में 12 लाख पौधे लगाकर विश्व कीर्तिमान स्थापित किया और उनके संरक्षण के प्रयास भी किए। उन्होंने कहा कि इंदौर आईटी हब के रूप में विकसित हो रहा है। शहर की समावेशी संस्कृति और अनुकूल वातावरण देशभर के लोगों को यहां काम करने तथा आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करता है।

प्रधानमंत्री के विकसित भारत के संकल्प को साकार कर रहा है मध्य प्रदेश - मंत्री सिलावट

कॉन्क्लेव में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव निरंतर प्रयास कर रहे हैं। इंदौर से विकास की नई संभावनाओं को तलाशा जा रहा है। उन्होंने कहा कि इंदौर प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पिछले तीन वर्षों में नई सोच, नए लक्ष्यों और विकास की दीर्घकालीन योजनाओं के साथ प्रदेश को आगे बढ़ाने के प्रयास किए गए हैं। मां अहिल्या की ऐतिहासिक नगरी में हो रहा यह विचार-मंथन प्रदेश के विकास को नई गति प्रदान करेगा।

इंदौर बनेगा मध्यप्रदेश का ग्रोथ इंजन, 5 वर्ष में जीडीपी दोगुनी करने का लक्ष्यः लालवानी

सांसद शंकर लालवानी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश के साथ-साथ शहरों के विकास का दीर्घकालीन रोडमैप तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इंदौर के विकास के लिए पूर्व में तैयार किये गये ब्लूप्रिंट को नीति आयोग द्वारा मान्यता दिया जाना महत्वपूर्ण उपलब्धि है। वर्तमान में इंदौर की जीडीपी लगभग 10 वर्षों में दोगुनी हो रही है। आने वाले समय में इसे पांच वर्षों में दोगुना करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

शहरी विकास, अधोसंरचना और निवेश से मध्यप्रदेश की आर्थिक प्रगति को मिलेगा प्रोत्साहन

नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे ने कहा कि मध्य प्रदेश में सुनियोजित शहरी विकास, आधुनिक अधोसंरचना और निवेश अनुकूल नीतियों से शहरों को आर्थिक गतिविधियों के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। प्रदेश का लक्ष्य वर्ष 2047 तक 2 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनना है।

प्रदेश में 5.6 लाख किलोमीटर से अधिक सड़क नेटवर्क, 44 राष्ट्रीय राजमार्ग, 22 रेलवे जंक्शन और 8 हवाई अड्डे हैं। जबलपुर-भोपाल-इंदौर औद्योगिक कॉरिडोर और इंदौर-पिथमपुर आर्थिक कॉरिडोर में एक-एक लाख करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य है। ग्वालियर टेलीफोन मैन्युफैक्चरिंग जोन में 24 कंपनियों से 5,500 करोड़ रुपये के निवेश की प्रतिबद्धता मिली है। प्रदेश में 123 औद्योगिक पार्क विकसित हैं और 160 और विकसित करने का लक्ष्य है।

सौर ऊर्जा और वित्तीय नवाचारों पर हुआ मंथन कॉन्क्लेव के अंतर्गत सोलर राउंड टेबल आयोजित हुई जिसमें 20 से अधिक निवेशकों ने भाग लिया। बैठक में नगरीय निकायों में सौर ऊर्जा के उपयोग, बिजली व्यय कम करने और वित्तीय संसाधन जुटाने पर चर्चा हुई। मध्य प्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी के प्रबंध संचालक मंजीत सिंह ने बिरसिंहपुर में प्रस्तावित 200 मेगावॉट फ्लोटिंग सोलर परियोजना और बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली का प्रेजेंटेशन दिया। लगभग 1,564 करोड़ रुपये की इस परियोजना से नगरीय निकायों को सौर ऊर्जा उपलब्ध कराने और शाम के समय दो घंटे तक बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की योजना है।

बैठक में लगभग 200 नगरीय निकायों के लिए पूल्ड म्युनिसिपल बॉन्ड के माध्यम से वित्तीय संसाधन जुटाने पर भी चर्चा हुई। नगरीय विकास आयुक्त संकेत भोंडवे ने कहा कि सौर ऊर्जा और वित्तीय नवाचारों के समन्वय से ऊर्जा दक्षता और सतत नगरीय विकास को बढ़ावा मिलेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर