मध्य प्रदेश के हर खेत तक पहुंचाएंगे पानी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

 




- मंत्रि-परिषद् द्वारा तीन सिचांई परियोजनाओं को मंजूरी देने पर किसानों ने मुख्यमंत्री का आभार जताकर किया अभिनंदन

भोपाल, 13 जनवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि किसान हमारा अभिमान हैं। किसानों का मान बढ़ाने हमने कोई कमी नहीं की। प्यासे खेतों तक पानी पहुंचाना हमारा लक्ष्य है और प्रदेश के हर खेत तक पानी पहुंचाकर हम यह लक्ष्य जल्द ही पाकर रहेंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को मुख्यमंत्री निवास में किसानों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार किसान कल्याण के लिए संकल्पित है। प्रदेश के किसान समृद्ध और सशक्त बनें, इसी मंशा से हमने वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष घोषित किया है। प्रदेश में पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजना, केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना और ताप्ती ग्राउंड वॉटर रिचार्ज मेगा परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है। इन तीनों नदी परियोजनाओं के पूरा होने पर प्रदेश का लगभग सम्पूर्ण कृषि रकबा सिंचित हो जाएगा।

उन्होंने कहा कि अभी मध्य प्रदेश में कृषि का सिंचित रकबा 56 लाख हेक्टेयर है। हमारी सरकार ने इसे जल्द से जल्द 100 लाख हेक्टेयर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। प्रदेश के एक-एक गांव और हर एक खेत तक बिजली और पानी की सतत् आपूर्ति बरकरार रहे, यही हमारा संकल्प है।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का राजगढ़ जिले की सारंगपुर विधानसभा क्षेत्र और रायसेन जिले की भोजपुर एवं उदयपुरा विधानसभा क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों एवं किसानों ने आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन कर आभार जताया। उल्लेखनीय है कि 13 जनवरी, 2026 को हुई मंत्रि-परिषद् की बैठक में राज्य सरकार द्वारा इन तीन विधानसभा क्षेत्रों के किसानों के हित में करीब 900 करोड़ रुपये लागत वाली तीन अलग-अलग सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी दी है। किसान इसी सौगात के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार व्यक्त करने मुख्यमंत्री निवास आए थे। बड़ी संख्या में आए किसानों ने इस सौगात के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आल्हादित होकर अभिनंदन किया। किसानों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को भगवान शिव की प्रतिमा, बीजासन माता का चित्र, जैविक अनाज एवं स्टील और लकड़ी के हल की प्रतिकृति भेंटकर अपना हर्ष और आभार जताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वे स्वयं एक किसान परिवार से आते हैं और खेती के लिए सिंचाई का महत्व उन्हें अच्छी तरह ज्ञात है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश नर्मदा, चंबल, बेतवा, ताप्ती, क्षिप्रा जैसे अनेक नदियों का मायका है और इन्हीं के कारण हमारा प्रदेश जल संपदा से संपन्न है। प्रदेश में बहती नदियां किसानों को सिंचाई के जल उपलब्ध कराती हैं, ये नदियां हमारे लिए जीवन रेखा के समान हैं। कृषि के लिए पर्याप्त सिंचाई सुविधाओं के विकास में हम कोई कसर रख रहे हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व मुख्यमंत्री स्व. सुंदरलाल पटवा, पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती एवं पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का प्रदेश में किसानों के कल्याण और सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए स्मरण किया। उन्होंने कहा कि स्व. पटवा प्रदेश के एक आदर्श राजनेता थे।

इन तीन विधानसभा क्षेत्रों के किसान होंगे लाभान्वित

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मंत्रि-परिषद द्वारा राजगढ़ एवं रायसेन जिले की कुल 898.42 करोड़ रुपये लागत वाली तीन सिंचाई परियोजनाओं के लिए की स्वीकृति दी गई है। राजगढ़ जिले की सारंगपुर विधानसभा क्षेत्र में 396 करोड़ 21 लाख रुपये लागत वाली मोहनपुरा विस्तारीकरण (सारंगपुर) सिंचाई परियोजना से सारंगपुर तहसील के 26 ग्रामों की 11,040 हैक्टेयर भूमि में सिंचाई उपलब्ध होगी। इस परियोजना से 10 हजार 400 किसान परिवार लाभांवित होंगे। रायसेन जिले की भोजपुर विधानसभा क्षेत्र में 115 करोड़ 99 लाख रुपये लागत वाली सुल्तानपुरा उद्वहन सिंचाई परियोजना से सुल्तानपुर तहसील के 20 गांवों की 5,700 हैक्टेयर भूमि में सिंचाई उपलब्ध होगी। इससे 3,100 किसान परिवारों को लाभ होगा। साथ ही रायसेन जिले की ही उदयपुरा विधानसभा क्षेत्र की 386 करोड़ 22 लाख रुपये लागत वाली बारना उद्वहन सिंचाई परियोजना से बरेली तहसील के 36 गांवों की 15 हजार हैक्टेयर भूमि में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी। इस परियोजना से 6,800 किसान परिवार सीधे तौर पर लाभांवित होंगे।

जनप्रतिनिधियों एवं किसानों ने माना मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार

अभिनंदन समारोह में कौशल विकास एवं रोजगार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भागीरथ के समान प्रदेश में खेत-खेत तक सिंचाई की गंगा बहाने का संकल्प लिया है। राजगढ़ को पार्वती-कालीसिंध-चंबल (पीकेसी) परियोजना का भी लाभ मिलेगा। इससे जिले के लगभग 200 से अधिक गांवों के हजारों लोगों को पीने के स्वच्छ पेयजल एवं सिंचाई के लिए जल उपलब्ध होगा। जिले में सिंचाई सुविधाओं के विकास से श्रमिकों और किसानों का दूर क्षेत्रों में रोजगार की तलाश में आवागमन धीरे-धीरे कम हो रहा है।

उदयपुरा विधानसभा के किसानों की ओर से आभार व्यक्त करते हुए लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव अपना वादा निभाने में कभी पीछे नहीं हटते हैं। उन्होंने बरेली की जनसभा में बारना सिंचाई परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए घोषणा की थी। प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश विकसित भारत @2047 की यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

पूर्व मंत्री एवं भोजपुर विधायक सुरेन्द्र पटवा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सुल्तानपुर के किसानों को 115 करोड़ रुपये लागत से सिंचाई परियोजना की सौगात दी है। इससे 20 से अधिक जनजातीय बहुल गांवों को सिंचाई के लिए पानी सहित पेयजल भी उपलब्ध होगा। कार्यक्रम में रायसेन के जिलाध्यक्ष राकेश शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं करीब 300 से अधिक किसान बंधु उपस्थित थे।

हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर