छिंदवाड़ाः मां पर तेंदुए ने किया हमला, जान की बाजी लगाकर भिड़ गया बेटा
छिदवाड़ा, 29 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के सांवरी वन परिक्षेत्र के मुजावर माल से गुरुवार एक ऐसी घटना सामने आई है, जहां मां पर तेंदुए को हमला करते देख बेटा अपनी जान की परवाह किए बिना उससे भिड़ गया
करीब 25 से 30 मिनिट तक तेंदुए और युवक के बीच संघर्ष चलता रहा बेटे ने हिम्मत दिखाते हुए मां को तेंदुए के चंगुल से बचा लिया लेकिन इसके बाद तेंदुए ने बेटे पर भी हमला कर दिया।आखिरकार तेंदुआ युवक को छोड़कर बकरी को अपने साथ ले भागा। इस घटना में मां और बेटा दोनों घायल हो गए हैं, जिनका अस्पताल में उपचार जारी है। घटना की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग के अधिकारी भी अस्पताल पहुंचे और घायलों का हालचाल जाना।
घटना सांवरी वन परिक्षेत्र के मुजावर माल की है। जानकारी के मुताबिक, महिला गीता के मकान से करीब 100 मीटर की दूरी पर बकरियों को रखने के लिए कोठा बना हुआ है। महिला बकरी को कोठे में बांधने के बाद जैसे ही बाहर निकली, तभी अचानक तेंदुए ने उस पर हमला कर दिया। मां की चीख-पुकार सुनकर बेटा सनोज उसे बचाने के लिए दौड़ा और तेंदुए से भिड़ गया। मां को बचाने के लिए सनोज ने अपनी जान की परवाह तक नहीं की। करीब 25 मिनिट तक तेंदुए और युवक के बीच संघर्ष चलता रहा। सनोज ने किसी तरह अपनी मां को तेंदुए के चंगुल से छुड़ाया, लेकिन इस दौरान तेंदुए ने उस पर भी हमला कर दिया। इसके बाद तेंदुआ एक बकरी को लेकर मौके से फरार हो गया।
बेटे के साहस ने बचाई मां की जान
इस घटना में सनोज बट्टी और उनकी मां गीता घायल हो गईं। वन विभाग के अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार सनोज (32) पुत्र संतराम बट्टी और उनकी मां गीता (50) पत्नी संतराम बट्टी को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना की जानकारी मिलने पर वन विभाग के अधिकारी अस्पताल पहुंचे और घायलों का हालचाल जाना।मां को बचाने के लिए बेटे द्वारा तेंदुए से मुकाबला करने की इस घटना ने सभी को हैरान कर दिया है। एक ओर तेंदुए का हमला था तो दूसरी ओर मां की जान बचाने के लिए बेटे का साहस फिलहाल मां और बेटे का उपचार जारी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / sandeep chowhan