मप्रः ग्वालियर में क्रिप्टो में निवेश का झांसा देकर चार्टर्ड एकाउंटेंट से 21.05 करोड़ की ठगी

 




भोपाल, 11 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में साइबर ठगों ने अब तक की सबसे बड़ी साइबर ठगी की वारदात को अंजाम देकर पूरे सिस्टम को हिलाकर रख दिया है। चार्टर्ड अकाउंटेंट कथित तौर पर ऑनलाइन निवेश के नाम पर ठगी का शिकार हुए।

वित्तीय मामलों के जानकार शहर के 70 वर्षीय अनुभवी चार्टर्ड एकाउंटेंट व चेंबर आफ कामर्स के चुनाव अधिकारी अशोक विजयवर्गीय को ठगों ने बहुत ही आसानी से अपने जाल में ऐसा फंसाया कि वह अपनी जीवनभर की कमाई ही गंवा बैठे।

वाट्सएप वाइस काल पर अंजान युवती से दोस्ती के बाद इस महाठगी के खेल की शुरुआत हुई, जिसने चार्टर्ड एकाउंटेंट को बिटकाइन और यूएसडीटी में निवेश के नाम पर मोटी कमाई का झांसा दिया। क्रिप्टो करंसी में निवेश के नाम पर सीए को फंसाया गया और उनसे 218 दिन में 21 करोड़ पांच लाख 92 हजार रुपये ठग लिए। ठगों ने इतने अनुभवी चार्टर्ड एकाउंटेंट को एक दिसंबर 2025 से सात जुलाई तक 218 दिन अपने जाल में फंसाये रखा। इस दौरान महज एक या दो बार नहीं बल्कि 106 बार में चार्टर्ड एकाउंटेंट ने देश के अलग-अलग राज्यों के 25 बैंक खातों में यह रकम खुद ही ट्रांसफर की।

ठगी का पता भी तब लगा, जब उन्होंने यह रकम निकालने का प्रयास किया। फिर तो उनसे इनकम टैक्स और रिस्क मार्जन मनी के नाम पर और पैसा मांगा जाने लगा। उन्होंने अपने परिचितों को जब इस बारे में बताया तब उन्होंने इसे साइबर ठगी बताया।

शनिवार को अशोक राज्य साइबर सेल पहुंचे, जहां उन्होंने शिकायत की। राज्य साइबर सेल ने एफआईआर दर्ज कर ली है। दो टीमें इस ठगी की पड़ताल में जुटी हैं। ग्वालियर पुलिस की साइबर क्राइम विंग भी राज्य साइबर सेल का सहयोग कर रही है।

चार्टर्ड एकाउंटेंट विजयवर्गीय ने पुलिस को बताया कि उनके पास अचानक नवंबर के आखिरी सप्ताह में 8151931249 नंबर से वाट्स एप पर वाइस काल आया। फोन करने वाली युवती थी, उसने अपना नाम दिव्या सिंह बताया। उसने मुझसे बात शुरू कर दी। फिर उसने मुझसे कहा कि अगर मैं आनलाइन ट्रेडिंग में निवेश करूंगा तो मुझे बहुत मुनाफा होगा। फिर उसने दूसरे नंबर 7092164831 से काल किया। उसने मुझे लिंक भेजी। जिसमें यूएसडीटी-बीटीसी के जरिये निवेश के अलग-अलग आप्शन थे। मेरे पास 1(516) 7291 से काल आया। यह भी वाट्स एप पर ही काल आया था। उसने मुझसे निवेश की बात कही। मैंने निवेश किया तो मुझे मुनाफा दिखा। यह पैसा मेरे खाते में भी वापस आ गया। फिर अलग-अलग बैंक खातों से पैसा ट्रांसफर करता गया।

उन्होंने बताया कि मैंने कुल 21 करोड़ पांच लाख 92 हजार रुपये निवेश कर दिए। यह मुझे 33.25 करोड़ दिख रहे थे। यानि मुनाफा करीब 12 करोड़ रुपये दिख रहा था। मैंने जब रुपये निकालने का प्रयास किया तो यह डिनाय हो गया। फिर दिव्या को काल किया तो बताया कि इसके बदले मुझे 10.84 करोड़ रुपये टैक्स देना होगा। मैंने इतना पैसा न होने की बात कही तो दिव्या ने मुझसे आधे पैसे जमा करने के लिए कहा। फिर मुझसे रिस्क मार्जन मनी व अन्य टैक्स बताकर एक करोड़ रुपये और मांगे गए। मुझे कुछ संदेह हुआ, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। जीवनभर की कमाई लुट गई।

पुलिस के अनुसार, ठगों ने इन्हें पूरे षड़यंत्र से फंसाया। विजयवर्गीय द्वारा 25 बैंक खातों में पैसा ट्रांसफर किया। पहली लेयर में 25 फिर 306 बैंक खातों में पैसा गया। इसमें फेडरल बैंक, यस बैंक, कोटेक महिंद्रा, सेंट्रल बैंक, उत्कर्ष स्माल फाइनेंस बैंक, एचडीएफसी बैंक सहित अन्य बैंक के खाते शामिल हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर