मप्र कैबिनेटः अधोसंरचनात्मक विकास और पुनर्वास कार्यों के लिए 2300 करोड़ रुपये स्वीकृत

 








- मप्र के हर जिले में विकसित होंगे आईटी पार्क, कैबिनेट ने नमो हरित नगर योजना को दी मंजूरी

भोपाल, 08 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में बुधवार को हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में प्रदेश में अधोसंरचना विकास और पुनर्वास कार्यों को 2300 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। इसके साथ ही नमो हरित नगर योजना और हर जिले में आईटी पार्क विकसित करने के लिए 800 करोड़ की मंजूरी दी गई है।

एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप ने बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी देते हुए बताया कि मंत्रि-परिषद ने एमपीएसईडीसी द्वारा संचालित एवं संग्रहीत मप्र स्टेट डाटा सेंटर के विस्तार और अद्यतन डाटा सेंटर 3.0 परियोजना के लिए 800 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। स्वीकृति अनुसार म.प्र. स्टेट डाटा का आधुनिकीकरण, आईटी एवं डिजास्टर रिकवरी क्षमता विस्तार तथा संबंधित नॉन-आईटी अवसंरचना विकास किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस परियोजना अंतर्गत सरकार की सेवाओं को संगठित करने व दक्ष इलेक्ट्रॉनिक सर्विस प्रदान करने के लिए भारत सरकार, सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय एवं मध्य प्रदेश शासन की संयुक्त भागीदारी से भोपाल में स्टेट डाटा सेंटर की स्थापना की गई है। बदलते तकनीकी परिदृश्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कम्प्यूटिंग आदि इमर्जिंग फ्रंटियर टेनोलॉजीज़ के परिप्रेक्ष्य में ऐसी नवीन अधोसंरचना स्थापित किये जाने की आवश्यकता है, जो राज्य शासन को नागरिक सेवाओं को अधिक दक्षतापूर्वक प्रदान करने हेतु इन तकनीकों को अपनाने में सक्षम बनाए। अधोसंरचना में वृद्धि के फलस्वरूप विद्युत आपूर्ति, कूलिंग अधोसंरचना आदि संबंधित नॉन-आईटी अधोसंरचना के संवर्द्धन की आवश्यकता भी होगी। उक्त परिप्रेक्ष्य में डाटा सेंटर के विस्तार के लिए एसडीसी 3.0 परियोजना का अनुमोदन प्रदान किया गया।

उन्होंने बताया कि एमपीएसडीसी 3.0 डाटा सेंटर एक्पैंशन परियोजना को चरणबद्ध रूप से लागू किया जायेगा। प्रत्येक चरण के अंतर्गत डेटा सेंटर के विभिन्न घटकों का क्रमिक विकास एवं सुदृढ़ीकरण किया जायेगा। पहले चरण में डाटा सेंटर साइट के लिए कोर नॉन आईटी एवं आईटी इंफ्रॉस्ट्रक्चर, कंप्यूटर स्टोरेज और नेटवर्क, दूसरे चरण में डीआर साइट का निर्माण एवं डिजास्टर रिकवरी क्षमताओं का सुदृढ़ीकरण और तीसरे चरण में आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास किया जाएगा।

मंत्री काश्यप ने बताया कि मंत्रि-परिषद द्वारा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग अंतर्गत विज्ञान पार्क, एकल नागरिक डाटाबेस परियोजना और बॉयो टेक्नालॉजी पार्क की स्थापना एवं आगामी 5 वर्षों 1 अप्रैल 2029 से 31 मार्च 2031 की अवधि के लिए संचालन की निरंतरता के लिए 123 करोड़ की स्वीकृति दी है। स्वीकृति अनुसार विज्ञान पार्क की स्थापना संबंधी योजना के लिए 39 करोड़ 39 लाख रुपये, एकल नागरिकता डाटाबेस के लिए 75 करोड़ और बॉयो टेक्नोलॉजी पार्क की स्थापना और संचालन संबंधी योजनाओं के लिए 8 करोड़ 59 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है।

मुख्यमंत्री स्कूटी योजना को वर्ष 2031 तक निरंतर रखे जाने के लिए 495 करोड़ रुपये की मंजूरी

मंत्रि-परिषद ने शासकीय हायर सेकेन्डरी स्कूलों में प्रथम स्थान पाने वाली बालिकाओं एवं बालक को मुख्यमंत्री स्कूटी योजना वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-2031 तक निरंतरता की स्वीकृति प्रदान की है। प्रदेश मे स्कूल शिक्षा विभाग एवं जनजातीय कार्य विभाग द्वारा संचालित शासकीय हायर सेकेन्डरी स्कूलों में प्रथम प्रयास में नियमित परीक्षार्थी के रूप में न्यूनतम 70 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान पाने वाली बालिका एंव बालक को मुख्यमंत्री स्कूटी प्रदाय योजना के अन्तर्गत लाभांवित किया जाएगा। प्रदेश में संचालित मुख्यमंत्री स्कूटी प्रदाय किये जाने के लिए संचालित योजना वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतरता के लिए राशि 495 करोड रुपये पर मंत्रि-परिषद् की स्वीकृति प्रदान की गई।

मध्य प्रदेश उपार्जित गेहूँ, चना ज्वार एवं बाजरा निस्तारण नीति : 2026 को स्वीकृति

मंत्री काश्यप ने बताया कि भारत सरकार द्वारा राज्य में गेह, धान (चावल), ज्वार एवं बाजरा का उपार्जन खाद्य विभाग द्वारा किया जाता है। विक्रय कार्य व्यवस्थित रूप से किये जाने एवं उपज का अधिकतम मूल्य दिलाये जाने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा मध्यप्रदेश उपार्जित खाद्यान्न (गेहूँ, धान, ज्वार एवं बाजरा) निस्तारण नीति 2026 को मंत्रि-परिषद द्वारा स्वीकृति दी गई है। नीति अनुसार एक राज्य स्तरीय कमेटी मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित होगी।

मध्य प्रदेश आईटी, आईटीइएस एंड ईएसडीएम इन्वेस्टमेंट प्रमोशन पॉलिसी : 2023 का संशोधन प्रस्ताव स्वीकृत

मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश आईटी, आईटीइएस एंड ईएसडीएम इन्वेस्टमेंट प्रमोशन पॉलिसी : 2023 के संशोधन प्रस्ताव को स्वीकृति दी है। नीति की कंडिका 15, 12.6 और 12.11 में नए प्रावधान प्रतिस्थापित किए गए हैं। इसका मुख्य उद्देश्य नीति को निवेश प्रोत्साहन विभाग की मध्य प्रदेश इन्वेस्टमेंट प्रमोशन पॉलिसी अनुरूप बनाकर ईएसडीएम इकाइयों के लिए अधिक आकर्षक एवं अनुकूल बनायी गई है। ताकि इस नीति के तहत निवेशकर्ता एवं प्रदेश को लाभ प्राप्त हो सके।

''नमो हरित नगर योजना'' को 100 करोड़ रुपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश की नगरीय निकायों में आगामी 5 वर्षों में 65 नगरीय निकाय क्षेत्रों में नगर वन विकास के लिए नमो हरित-नगर योजना कुल राशि 100 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की गयी है। योजना का उद्देश्य शहरी क्षेत्र में नगरवासियों को स्वस्थ्य जीवन जीने के लिए वातावरण प्रदाय करना, पर्यावरण सौंदर्यीकरण करना, स्वच्छ वायु प्रदाय करना, जैव विविधता सृजित करना एवं अनुकूल जलवायु बनाना आदि है। योजना के क्रियान्वयन के लिए प्रत्येक निकाय में कम से कम एक नगर वन न्यूनतम आधा एकड़ क्षेत्रफल में विकसित करने का प्रयास किया जाएगा। योजना के क्रियान्वयन के लिए निकायों को राशि 3 किश्तों में दी जाएगी।

पन्ना जिले के डूब प्रभावितों के पुनर्वास और विस्थापन के लिए अतिरिक्त 202.50 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत

मंत्रि-परिषद द्वारा केन-बेतवा लिंक परियोजना के अंतर्गत पन्ना जिले के 08 ग्रामों में विशेष विस्थापन पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्थापन पैकेज के संबंध में कटऑफ दिनांक की वृद्धि को स्वीकृति देते हुए नवीन संभावित 313 परिवारों को विशेष पैकेज की कुल अनुदान राशि रू. 39.125 करोड़ को सम्मिलित करते हुये परियोजना के लिए कुल व्यय 439 करोड़ 325 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान किये जाने का निर्णय लिया गया है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर