भाजपा ने अपनी विचारधारा से कभी समझौता नहीं कियाः हेमंत खण्डेलवाल
भोपाल, 28 मार्च (हि.स.)। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने अपनी विचारधारा से कभी समझौता नहीं किया। बदलते हुए समय में कार्यपद्धति में बदलाव आवश्यक है, लेकिन विचारधारा से कभी समझौता नहीं हुआ। पार्टी कार्यकर्ता पं. दीनदयाल उपाध्याय और श्रद्धेय कुशभाऊ ठाकरे के जीवन से सीखें कि उन्होंने किस प्रकार संगठन को गढ़ने का कार्य किया।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष खण्डेलवाल शनिवार को पं. दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान-2026 के तहत भोपाल जिले के गोविंदपुरा विधानसभा के इंद्रपुरी मंडल में आयोजित प्रशिक्षण वर्ग को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वर्तमान वैश्विक स्थिति में दुनिया भर के देशों के साथ समन्वय बनाकर भारत के हितों की रक्षा कर रहे हैं। पार्टी कार्यकर्ताओं को प्रधानमंत्री के कार्यों से यह भी सीखना चाहिए कि अपने देश, देश की जनता के हितों के लिए किस प्रकार से कार्य किया जाता है।
खण्डेलवाल ने कहा कि भाजपा सत्ता के लिए नहीं, बल्कि अपनी विचारधारा के लिए जानी जाती है। जनसंघ के समय लिए गए संकल्प ‘जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाना, राम मंदिर निर्माण एवं तीन तलाक पर प्रतिबंध‘ पर पार्टी ने कभी समझौता नहीं किया। वर्ष 1985 में मात्र दो सीटों तक सीमित रहने के बावजूद भाजपा ने अपने सिद्धांतों से विचलित हुए बिना संगठन और प्रशिक्षण के बल पर निरंतर आगे बढ़ते हुए आज यह स्थान प्राप्त किया है। भाजपा का मूल स्वभाव “सबका साथ लेकर चलने” का है और यही हमारी सफलता का आधार है।
उन्होंने कहा कि हमारे महापुरुषों और नेताओं के त्याग एवं समर्पण के कारण ही संगठन आज इतना मजबूत बना है। संगठन के विस्तार के साथ समन्वय और संवाद के नए तरीकों को अपनाना आवश्यक है। संगठन में सहयोग, समन्वय और क्षमाशीलता की भावना ही हमारी ताकत है। यह प्रशिक्षण न केवल कार्यकर्ताओं की क्षमता बढ़ाने का माध्यम है, बल्कि पार्टी की विचारधारा और समर्पण को और अधिक सुदृढ़ करने का अवसर भी है। हम सभी मिलकर इसे सफल बनाएंगे और भाजपा को और मजबूत करेंगे।
सीखने की शक्ति आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कार्यकर्ताओं में सीखने की जिज्ञासा होनी चाहिए। हर व्यक्ति को जिंदगी भर सीखते रहना चाहिए। सीखने की शक्ति से ही आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। भाजपा को लगातार सफलता मिल रही है, इसके बादजूद कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण की आवश्यकता इसलिए है कि हमें अपने कार्यकर्ताओं को समय के साथ समाज के साथ चलने के लिए तैयार करना होता है। कार्यकर्ता पार्टी का चेहरा होता है। वह अपने चरित्र, आचरण व व्यवहार से पार्टी की छवि जनता के बीच प्रस्तुत करता है। हमें ऐसा आचरण, व्यवहार करना चाहिए, जिससे पार्टी की छवि और निखरे।
कांग्रेस की कोई विचारधारा नहीं होने से आज पार्टी का अस्तित्व समाप्त हो रहा
खण्डेलवाल ने कहा कि देश में दो ही दल विचारधारा आधारित हैं, पहला भाजपा और दूसरा कम्युनिस्ट। भाजपा समाज को साथ लेकर चलने से आज दुनिया का सबसे बड़ा राजनीतिक दल बन चुकी है, जबकि कम्युनिष्ट पार्टी अपनी विचारधारा के कारण समाज से दूर होती गई और आज उस दल का अस्तित्व ही लगभग समाप्त हो चुका है। कांग्रेस पार्टी की कोई विचारधारा नहीं है, इसलिए उसका अस्तित्व भी समाप्त हो रहा है। कांग्रेस कोई राजनीतिक दल नहीं आजादी की लड़ाई के लिए अंग्रेजों द्वारा बनाया गया एक प्लेटफार्म था। देश की आजादी के बाद महात्मा गांधी ने कहा कि कांग्रेस को समाप्त कर देना चाहिए। कांग्रेस अब एक परिवार की पार्टी बनकर रह गई है।
प्रशिक्षण वर्ग को प्रदेश शासन की मंत्री कृष्णा गौर, जिलाध्यक्ष रविन्द्र यति ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर जिला प्रभारी जसवंत सिंह हाड़ा, जिला पदाधिकारी सहित मंडल प्रशिक्षण वर्ग में अपेक्षित कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर