भोपाल के मास्टर प्लान का ड्रॉफ्ट जारी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
- हरित भोपाल, समृद्ध भोपाल और विकसित भोपाल है मास्टर प्लान ड्रॉफ्ट की कोर थीम
भोपाल, 26 सितम्बर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि श्री गणेश अनंत चतुर्दशी के पावन अवसर पर एक लंबे अंतराल के बाद भोपाल विकास योजना-2047 (मास्टर प्लान) के प्रारूप (ड्रॉफ्ट) का प्रकाशन कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शनिवार को सोशल मीडिया 'एक्स' पर कहा कि कैपिटल सिटी की यह विकास योजना (मास्टर प्लान) भोपाल की प्राकृतिक धरोहर- भोजताल, वन क्षेत्रों एवं बाघ भ्रमण क्षेत्र के संरक्षण के साथ नागरिकों को बेहतर सुविधाएं, सुगम मोबिलिटी और आर्थिक विकास के अवसर उपलब्ध कराने की दृष्टि से तैयार की गई है। इस विकास योजना में हरित टीडीआर का बेहतर प्रावधान किया गया है, इससे हरित क्षेत्र में आने वाली भूमि के स्वामियों की क्षतिपूर्ति के साथ विकासकर्ताओं को टीडीआर के जरिए अतिरिक्त विकास की सुविधा भी मिल सकेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समृद्ध, सुगम, सुरक्षित और विकसित भोपाल के संकल्प की दिशा में यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि भोपाल विकास योजना के प्रकाशित प्रारूप पर नागरिकगण अपनी आपत्ति एवं सुझाव दे सकते हैं।
भोपाल मास्टर प्लान ड्रॉफ्ट के हैं चार प्रमुख स्तंभ
प्रकाशित भोपाल मास्टर प्लान का ड्रॉफ्ट सतत् विकास, समावेशी शहर और समृद्ध भविष्य की संकल्पना से अभिप्रेरित है। इसकी कोर थीम हरित भोपाल, समृद्ध भोपाल और विकसित भोपाल रखी गई है। इस मास्टर प्लान ड्रॉफ्ट के चार प्रमुख आधार स्तंभ रखे गए हैं। इसमें पहला प्राकृतिक पारिस्थितिकीय तंत्र के संरक्षण को प्राथमिकता दी गई है। इसके बाद दूसरा आधुनिक दृष्टिकोण एवं नागरिक हितैषी नियोजन पर बल दिया गया है। तीसरा सुधारोन्मुख एवं परिवर्तनकारी नियोजन को भी केन्द्रीय लक्ष्य (कोर टारगेट) में रखा गया है। चौथा इस मास्टर प्लान को आत्मनिर्भर एवं आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने वाले सतत् विकास की अवधारणा पर केन्द्रित किया गया है।
भोपाल मास्टर प्लान ड्रॉफ्ट की प्रमुख विशेषताएं
- प्राकृतिक संवेदनशीलता सम्मत नियोजन इस मास्टर प्लान की प्रमुख विशेषता है।
- आर्थिक विकास एवं रोजगार सृजन सम्बन्धी प्रस्ताव।
- महानगरीय अवधारणा के अनुरूप प्रस्ताव।
- ग्रोथ कॉरिडोर के माध्यम से शहर का आर्थिक विकास।
- राज्य की टीओडी नीति के अनुरूप मिश्रित भूमि उपयोग का प्रस्ताव।
- असीमित एफएआर एवं भवन ऊंचाई।
- विकास मापदंडों का सरलीकरण एवं युक्तियुक्तकरण।
- मास्टर प्लान ड्रॉफ्ट में शहर के हरित क्षेत्र को 16 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत किया गया है।
- विकास योजना के क्रियान्वयन के लिए पूंजी संग्रहण की समुचित व्यवस्था।
- क्रिएटिव री-डेवलपमेंट के माध्यम से पुनर्विकास।
- अफोर्डेबल हाउसिंग को प्रोत्साहन दिया गया है।
- हरित टीडीआर के प्रावधान भी किए गए हैं।
- मास्टर प्लान के क्रियान्वयन का प्रभावी पर्यवेक्षण भी सुनिश्चित किया गया है।
- मास्टर प्लान ड्रॉफ्ट में सुरक्षित शहर (सेफ सिटी) के सभी प्रावधान भी किए गए हैं।
- पार्किंग प्रोत्साहन संबंधी प्रावधान भी किए गए हैं।
- निजी विकासकर्ताओं द्वारा विकास योजना की मांगों का क्रियान्वयन भी तय किया गया है।
- मास्टर प्लान ड्रॉफ्ट में भोपाल को इकाई सिटी (ईकेएआई - एज्युकेशन, नॉलेज एंड आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस सिटी) के रूप में डेवलप करने के लिए भी समुचित प्रस्ताव/प्रविधान किए गए हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर