भोपाल में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए जिला स्तर पर बनेगा कंट्रोल कमांड रूम : कलेक्टर मिश्रा
- कलेक्टर ने की सांदीपनी विद्यालय में समग्र शिक्षा अभियान की समीक्षा, विद्यार्थियों के साथ किया सहभोज
भोपाल, 09 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के भोपाल जिला कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने जिले की शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और परिणाममुखी बनाने के उद्देश्य से जिला स्तर पर ‘सेंट्रलाइज्ड एजुकेशन मॉनिटरिंग सिस्टम’ के अंतर्गत अत्याधुनिक कंट्रोल कमांड रूम स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे सामाजिक क्षेत्रों की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा निरंतर उच्चस्तरीय समीक्षा की जा रही है, इसलिए जिले में भी शिक्षा की गुणवत्ता और मॉनिटरिंग को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
कलेक्टर मिश्रा गुरुवार को सांदीपनी विद्यालय, टीटी नगर में आयोजित बैठक में समग्र शिक्षा अभियान की समीक्षा की। बैठक के बाद उन्होंने विद्यालय की कक्षाओं का निरीक्षण कर शैक्षणिक गतिविधियों का अवलोकन किया तथा विद्यार्थियों के साथ विद्यालय के मेस में सहभोज कर उनसे आत्मीय संवाद भी किया। बैठक में जिला शिक्षा विभाग के अधिकारी, शासकीय विद्यालयों, पीएम श्री, नवोदय एवं केंद्रीय विद्यालयों के प्राचार्य उपस्थित रहे।
कौशल आधारित शिक्षा और नामांकन बढ़ाने पर जोर
कलेक्टर मिश्रा ने नई शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप सभी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण एवं आधुनिक शिक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को नियमित पाठ्यक्रम के साथ व्यावसायिक प्रशिक्षण से जोड़कर रोजगारोन्मुखी बनाया जाए। जिले के सकल नामांकन अनुपात को बढ़ाने, अटल टिंकरिंग लैब को पूर्ण रूप से सक्रिय करने तथा प्रत्येक विद्यार्थी में कम से कम एक व्यावहारिक कौशल विकसित करने पर विशेष बल दिया। साथ ही आरटीई के तहत पात्र बच्चों का समयबद्ध प्रवेश सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
ड्रॉप-आउट पर सख्ती, एसडीएम और जिला शिक्षा अधिकारी होंगे प्रथम संपर्क अधिकारी
कलेक्टर मिश्रा ने कहा कि विद्यालयों से संबंधित समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए संबंधित एसडीएम और जिला शिक्षा अधिकारी प्राचार्यों के प्रथम संपर्क अधिकारी होंगे। उन्होंने निर्माण कार्य, यातायात और अतिक्रमण जैसी समस्याओं के समाधान के लिए विभागीय समन्वय बढ़ाने के निर्देश दिए। ड्रॉप-आउट विद्यार्थियों की सही जानकारी संकलित कर पोर्टल पर प्रमाणिक डेटा दर्ज करने तथा इसमें लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी।
अपार आईडी , छात्र सुरक्षा और स्कूल बसों की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश
कलेक्टर ने सभी विद्यार्थियों की अपार आई डी शत-प्रतिशत बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालयी परिवहन व्यवस्था पूरी तरह सुरक्षित होनी चाहिए। इसके लिए पुलिस एवं आरटीओ द्वारा स्कूल बसों का नियमित निरीक्षण किया जाए तथा बसों में पैनिक बटन और सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से कार्यशील रहें। चालकों एवं परिचालकों के नियमित ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट तथा विद्यालयों की सुरक्षा व्यवस्था की सतत निगरानी सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।
सोलराइजेशन, शिक्षक प्रशिक्षण और पीएम पोषण की गुणवत्ता पर भी फोकस
कलेक्टर मिश्रा ने विद्यालयों में ‘रेस्को पद्धति’ के माध्यम से सोलराइजेशन, डाइट एवं एससीईआरटी के जरिए शिक्षकों के नियमित प्रशिक्षण, समग्र शिक्षा अभियान के निर्माण कार्यों को समयसीमा में पूर्ण करने तथा पीएम पोषण अभियान के तहत गुणवत्तापूर्ण भोजन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में एडिशनल डीसीपी मंजूलता खत्री ने बताया कि पुलिस विभाग द्वारा संचालित ‘सृजन संवाद’ कार्यक्रम के माध्यम से कक्षा 11वीं एवं 12वीं के विद्यार्थियों को अपराधों के प्रति जागरूक करने और सकारात्मक जीवन मूल्यों से जोड़ने के लिए विशेष ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
बैठक के अंत में कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने सभी विद्यालयों को अपने नवाचारों, उत्कृष्ट कार्यों एवं श्रेष्ठ व्यवस्थाओं की जानकारी फोटो एवं वीडियो सहित नियमित रूप से जिला प्रशासन को भेजने के निर्देश दिए, ताकि उत्कृष्ट कार्यों को व्यापक स्तर पर प्रोत्साहित किया जा सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर