भोपालः मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में कलेक्टर ने दिए आवश्यक दिशा निर्देश

 


भोपाल, 31 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के भोपाल जिले में मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने शुक्रवार को राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक में जिले के सभी एडीएम, एसडीएम एवं राजस्व अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिले के सभी एसडीएम, जनपद सीईओ और जिला अधिकारियों को कहा कि अभियान में नागरिकों के राजस्व विभाग से संबंधित कार्यों, लोक सेवा गारंटी के प्रकरणों एवं आम आवेदनों पर त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई की जाए। नागरिकों को तय एवं समय सीमा में उनके आवेदनों पर कार्यवाही सुनिश्चित हो यहीं सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने निर्देश दिए कि 7 अगस्त 2026 से 8 जनवरी 2027 तक प्रत्येक शुक्रवार अधिकारियों द्वारा अपने-अपने कार्यक्षेत्र में अनिवार्य रूप से क्षेत्रीय भ्रमण, निरीक्षण एवं जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।

बैठक में बताया गया कि राज्य शासन के निर्देशानुसार अधिकारी भ्रमण के दौरान ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों, दूरस्थ ग्रामों, शासकीय संस्थानों तथा निर्माणाधीन विकास कार्यों का भौतिक निरीक्षण करेंगे। साथ ही जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों से संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं का यथासंभव मौके पर ही निराकरण सुनिश्चित करेंगे। प्रत्येक अधिकारी आगामी सप्ताह का भ्रमण कार्यक्रम पूर्व निर्धारित कर जिला प्रशासन एवं जिला पंचायत कार्यालय को उपलब्ध कराएंगे।

जनकल्याणकारी योजनाओं की होगी गहन समीक्षा

इस अभियान के दौरान मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, जनसुनवाई, लोक सेवा गारंटी अधिनियम, राजस्व प्रकरण, किसान आईडी, आयुष्मान भारत कार्ड, समग्र ई-केवाईसी, प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। इसके साथ ही आंगनवाड़ी केन्द्रों, विद्यालयों, स्वास्थ्य संस्थानों, पेयजल व्यवस्थाओं तथा विभागीय निर्माण कार्यों की गुणवत्ता का भी निरीक्षण किया जाएगा।

भ्रमण प्रतिवेदन समय पर भेजना होगा अनिवार्य

प्रत्येक शुक्रवार के भ्रमण का संक्षिप्त प्रतिवेदन, निरीक्षण के फोटोग्राफ तथा की गई कार्रवाई का विवरण उसी दिवस अथवा अगले कार्यदिवस की सुबह तक जिला कलेक्टर कार्यालय एवं जिला पंचायत कार्यालय को भेजना अनिवार्य होगा। निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के साथ यह भी स्पष्ट किया गया है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या उदासीनता पाए जाने पर संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर