भोपालः लोकभवन में मना 12वाँ अंतरराष्ट्रीय योग दिवस, प्रधानमंत्री के उद्बोधन का हुआ सजीव प्रसारण

 


- योग से होता है जीवन सकारात्मक : राज्यपाल पटेल

भोपाल, 21 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में रविवार को 12वाँ अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम रविवार को लोकभवन में आयोजित हुआ। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संबोधन का सजीव प्रसारण किया गया। राज्यपाल मंगुभाई पटेल के वीडियो संदेश का प्रसारण इसके पूर्व किया गया।

इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी ने योग गुरु राजीव जैन त्रिलोकी को पुष्प-गुच्छ एवं प्रमाण-पत्र भेंट कर सम्मानित किया।

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने वीडियो संदेश में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि योग भारत की प्राचीन ऋषि परंपरा और सांस्कृतिक विरासत की अमूल्य धरोहर है, जिसे आज संपूर्ण विश्व ने अपनाया है। इस वर्ष की थीम “योग फॉर हेल्दी एजिंग” बढ़ती उम्र में भी लोगों को शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक रूप से स्वस्थ, सक्रिय तथा आत्मनिर्भर बनाए रखने का संदेश देना है।

उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन, बुद्धि और आत्मा के मध्य संतुलन स्थापित करने का समग्र एवं वैज्ञानिक माध्यम है। वर्तमान समय में तनावपूर्ण जीवनशैली, अनियमित दिनचर्या और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों के बीच योग मानसिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने का प्रभावी साधन बनकर उभरा है। कोविड-19 महामारी ने भी यह सिद्ध किया है कि स्वस्थ जीवन ही सबसे बड़ी संपत्ति है। योग स्वस्थ समाज निर्माण की महत्वपूर्ण आधारशिला है। प्रदेश में योग एवं आयुर्वेद का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए वेलनेस सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं। विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में योग को प्रोत्साहित कर नई पीढ़ी को शारीरिक एवं मानसिक रूप से सशक्त बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

राज्यपाल पटेल ने सभी नागरिकों से आह्वान किया है कि योग को केवल एक दिवस तक सीमित नहीं रखें, बल्कि इसे अपनी दैनिक जीवनचर्या का अभिन्न हिस्सा बनाएं। प्रतिदिन 20 से 30 मिनट का नियमित योग व्यक्ति, परिवार और समाज के जीवन में सकारात्मक एवं क्रांतिकारी परिवर्तन ला सकता है। उन्होंने युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों से योग के प्रति जागरूकता बढ़ाकर स्वस्थ, समृद्ध और सशक्त भारत के निर्माण में सक्रिय सहभागिता निभाने का आग्रह किया है।

योग के विभिन्न आसनों का हुआ अभ्यास

लोकभवन में योगाभ्यास का प्रारम्भ प्रार्थना एवं ओंकार उच्चारण के साथ हुआ। इसके बाद प्रतिभागियों ने सूक्ष्म व्यायाम के माध्यम से गर्दन, कंधों, भुजाओं, घुटनों एवं टखनों के विभिन्न संचालनों का अभ्यास किया। योग सत्र में ताड़ासन, वृक्षासन, पादहस्तासन, त्रिकोणासन, भद्रासन, वक्रासन, शशांकासन, भुजंगासन, शलभासन, मकरासन, सेतुबंधासन तथा पवनमुक्तासन सहित विभिन्न योगासनों का अभ्यास किया। शारीरिक स्फूर्ति, श्वसन क्षमता और मानसिक संतुलन को बढ़ावा देने के लिए कपालभाति, नाड़ीशोधन (अनुलोम-विलोम) एवं भ्रामरी प्राणायाम का अभ्यास कराया गया।

योगाभ्यास के समापन पर ध्यान एवं शांति पाठ कराया गया। सत्र में उपस्थित लोकभवन के अधिकारियों, कर्मचारियों एवं उनके परिजनों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए स्वस्थ, संतुलित एवं तनावमुक्त जीवन के लिए लगभग 50 मिनट का योग अभ्यास किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर