मप्र के भिंड में रोड नहीं तो टोल नहीं आंदोलन शुरू, हाईवे चौड़ीकरण की मांग को लेकर टोल प्लाजा पर हंगामा
संत ने प्रदर्शनस्थल पर रमाई धूनी, विधानसभा अध्यक्ष तोमर भी मौके पर पहुंचे
भिंड, 16 मार्च (हि.स.)। मध्य प्रदेश के भिंड जिले में ग्वालियर–भिंड–इटावा राष्ट्रीय राजमार्ग -719 के चौड़ीकरण की मांग को लेकर सोमवार को मालनपुर स्थित बरैठा टोल प्लाजा पर ‘रोड नहीं तो टोल नहीं’ आंदोलन शुरू हो गया है। आंदोलन शुरू होते ही कुछ प्रदर्शनकारियों ने हंगामा कर दिया। ऑनलाइन टोल कटने का विरोध करते हुए टोल बूथ में तोड़-फोड़ कर दी। घटना के बाद मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
जानकारी के अनुसार, सोमवार दोपहर करीब 12 बजे तय कार्यक्रम के अनुसार संत कालीदास महाराज के नेतृत्व में प्रदर्शनकारी बरैठा टोल प्लाजा पहुंचे और आंदोलन शुरू किया। संत समाज और स्थानीय लोगों ने टोल प्लाजा पर धरना देते हुए विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान दुधाधारी महाराज ने भी धरना स्थल पर धूनी रमाई। आंदोलन के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने हंगामा करते हुए टोल बूथ पर लगा कैमरा भी तोड़ दिया। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है।
आंदोलन की जानकारी मिलने पर मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर भी संतों से मिलने पहुंचे, संतों से उन्होंने कहा कि सरकार पूरी तरह उनके साथ है। पांच मिनट की मुलाकात के बाद वे लौट गए। इसी बीच कुछ प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि टोलकर्मी भले ही टोल फ्री होने की बात कह रहे हैं, लेकिन वास्तव में यहां से गुजरने वाले वाहनों से ऑनलाइन टोल वसूला जा रहा है। उनका कहना है कि टोल प्लाजा पर लगे स्कैनर के जरिए गुजरने वाली गाड़ियों से अपने आप पैसे कट रहे हैं, जिससे लोगों में नाराजगी है। घटना के बाद प्रशासन ने एहतियात के तौर पर टोल प्लाजा पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया। वहीं यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए भिंड पुलिस ने मालनपुर से पहले और ग्वालियर पुलिस ने बरैठा ओवरब्रिज के पास से भारी वाहनों को डायवर्ट कर दिया है।
आंदोलन को कांग्रेस के ग्रामीण जिलाध्यक्ष रामशेष बघेल ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार तानाशाही पर उतर आई है और इस सड़क पर हो रही मौतों की अनदेखी कर रही है।
इस आंदोलन से ठीक पहले संत समाज दो धड़े में बंट गया था। संत समिति के प्रदेश अध्यक्ष रामदास महाराज ने वीडियो जारी कर इसे स्थगित करने की बात कही थी। उन्होंने अपने वीडियो मैसेज में कहा था कि इस आंदोलन में कुछ राजनीतिक लोगों की घुसपैठ हो गई है। उन्होंने कहा था कि ये लोग शासन के खिलाफ माहौल बनाने का प्रयास कर रहे हैं। मुख्यमंत्री सहित अन्य मंत्रियों से जल्द काम शुरू कराने का आश्वासन मिला है।
वहीं, जिला अध्यक्ष कालीदास महाराज ने रविवार रात 2 बजे वीडियो जारी कर प्रदेश अध्यक्ष की बात का खंडन करते हुए तय समय पर प्रदर्शन का ऐलान किया था। कालीदास महाराज ने बताया कि नेशनल हाईवे-719 की खराब स्थिति के कारण इसे लोग ‘मौत का हाईवे’ कहने लगे हैं। यहां आए दिन सड़क हादसों में लोगों व पशुओं की मौत हो रही है, जिसे लेकर पिछले दो वर्षों से लगातार हाईवे चौड़ीकरण की मांग जारी है।
आंदोलनकारी दीक्षा ठाकुर ने बताया कि इलाके में माफिया और गुंडों का राज है। उनका आरोप है कि यहां हालात ऐसे हैं कि बड़े नेताओं की भी नहीं चल पा रही है। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर से लेकर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी तक इस मामले में कुछ नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सड़क चौड़ीकरण को लेकर लंबे समय से मांग की जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। नेताओं ने भी इस मामले में हाथ खड़े कर दिए हैं।
गौरतलब है कि हाईवे चौड़ीकरण का यह प्रस्ताव करीब दो साल से लंबित है। इसे लेकर करीब दस माह पहले संतों का एक प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मिला था। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के नेतृत्व में हुई इस मुलाकात में गडकरी ने छह माह में निर्माण काम शुरू कराने का आश्वासन दिया था।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर