मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए छोटे भूखंड विकसित करेगा बीडीए: संभागायुक्त शर्मा

 




- भोपाल विकास प्राधिकरण (बीडीए) की बोर्ड बैठक

भोपाल, 20 अगस्त (हि.स.)। भोपाल संभाग के आयुक्त कर्मवीर शर्मा ने कहा कि भोपाल विकास प्राधिकरण शहर में मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए छोटे भूखंड विकसित करेगा।

संभाग आयुक्त शर्मा गुरुवार को प्राधिकरण की बोर्ड बैठक को संबोधित कर रहे थे। बीडीए कार्यालय सभागार में हुई बैठक में प्राधिकरण के सीईओ श्याम वीर सिंह, बोर्ड के सदस्य, प्राधिकरण के अधीक्षण यंत्री और कार्यपालन यंत्री उपस्थित थे। बैठक में प्राधिकरण की विकास योजनाओं से जुड़े 17 प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक में मध्यमवर्गीय परिवारों की आवासीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बड़े भूखंडों को छोटे आकार में विकसित करने, विभिन्न योजनाओं में रिक्त भूखंडों एवं भवनों के मूल्यांकन-विक्रय तथा अधोसंरचना विकास के लिए वित्तीय संसाधन जुटाने जैसे निर्णय हुए। बैठक में 6 जुलाई 2026 को हुई बोर्ड बैठक की कार्यवाही की पुष्टि के साथ भोपाल विकास प्राधिकरण की नॉलेज एवं एआई सिटी योजना की प्रशासकीय स्वीकृति से संबंधित प्रस्ताव पर चर्चा की गई। इसके अलावा ग्राम सलैया में 132/33 केवी अति उच्चदाब विद्युत उपकेंद्र के लिए लाइन की बढ़ी लागत और अतिरिक्त पर्यवेक्षण शुल्क का विषय भी बोर्ड के समक्ष रखा गया।

मिसरोद की योजनाओं में अभिन्यास संशोधन

बोर्ड बैठक में सरदार वल्लभ भाई पटेल नगर विकास योजना, मिसरोद चरण-2 तथा मिसरोद चरण-1 के स्वीकृत अभिन्यास में संशोधन के प्रस्तावों पर भी विचार किया गया। वहीं स्वामी विवेकानंद आवासीय परिसर, कटारा हिल्स में स्कूल भूखंड के भू-उपयोग परिवर्तन तथा रिक्त आवासीय सिंगल एक्स और डुप्लेक्स भवनों के मूल्यांकन एवं विक्रय की अनुमति संबंधी प्रस्ताव पर चर्चा हुई। इसी तरह एयरपोर्ट सिटी चरण-1 में रिक्त आवासीय, व्यावसायिक एवं पीएसपी भूखंडों तथा 47 डुप्लेक्स भवनों के मूल्यांकन और विक्रय की अनुमति पर विचार किया गया। एमजी-रूसिया नगर योजना में रिक्त एचआईजी डुप्लेक्स के मूल्यांकन एवं विक्रय का प्रस्ताव भी एजेंडे में शामिल रहा।

बड़े भूखंडों को छोटे आकार में विकसित करने का प्रस्ताव

मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए आवासीय अवसर बढ़ाने की दिशा में नगर विकास योजना क्रमांक 201/2020 के अंतर्गत 45 मीटर मास्टर प्लान रोड पर स्थित बड़े भूखंडों को छोटे आकार में परिवर्तित करने का प्रस्ताव भी महत्वपूर्ण रहा। छोटे आकार के भूखंड उपलब्ध होने से मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए भूखंड खरीदना अपेक्षाकृत आसान हो सकेगा।

बैठक में एयरपोर्ट सिटी चरण-2 में नीलामी के माध्यम से विक्रय किए गए तीन भूखंडों के आवंटन तथा मिसरोद, बर्रई, बागली और जाटखेड़ी क्षेत्र में स्थित भूखंड क्रमांक एम-73 को चार भागों में विभाजित करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। इसके साथ ही एरोसिटी चरण-1 योजना में ग्रिड कंट्रोल ऑफ़ इंडिया के डिपाजिट वर्क के लिए 305 करोड़ की स्वीकृति हुई, जिसमें WRLDC के कंट्रोल सेंटर का निर्माण होगा। बोर्ड बैठक में रखे गए प्रस्तावों में आवासीय विकास,भूखंडों के बेहतर उपयोग, अधोसंरचना विस्तार और प्राधिकरण की योजनाओं को गति देने पर विशेष जोर रहा।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर