मप्रः दुर्लभ वन्यजीव पैंगोलिन के शल्कों की तस्करी के आरोपी की जमानत याचिका तीसरी बार हुई निरस्त

 


- जबलपुर जिला एवं सत्र न्यायालय ने याचिका की खारिज

भोपाल, 28 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश में दुर्लभ वन्यजीव पैंगोलिन के शल्कों की तस्करी एवं अवैध व्यापार के मामले में आरोपी मुकेश कुमार विश्वकर्मा की जमानत याचिका तीसरी बार जिला एवं सत्र न्यायालय, जबलपुर द्वारा निरस्त कर दी गई है। इस प्रकरण के सभी आरोपी 12 जून 2026 से जबलपुर जेल में निरुद्ध हैं।

जनसम्पर्क अधिकारी केके जोशी ने बुधवार को जानकारी देते हुए बताया कि न्यायालय ने स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स की विवेचना और अभियोजन पक्ष की दलीलों के आधार पर संगठित गिरोह द्वारा पैंगोलिन के शल्कों की तस्करी को गंभीर एवं संवेदनशील अपराध माना। न्यायालय ने यह भी पाया कि वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की धारा 51(क) के अंतर्गत आरोपी के निर्दोष होने पर विश्वास करने का आधार नहीं है। इसके आधार पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स, मध्यप्रदेश की क्षेत्रीय इकाई जबलपुर ने 8 जून 2026 को कटनी जिले के ग्राम झिन्ना पिपरिया में खमतरा-ढीमरखेड़ा रोड पर घेराबंदी कर 4 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया था।

आरोपियों के पास से लगभग 4.4 किलोग्राम पैंगोलिन के शल्क, एक मोटरसाइकिल और एक चार पहिया वाहन (सिरान सी-3) जब्त किया गया था। इस संबंध में वन अपराध दर्ज किया गया था। पैंगोलिन वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 (यथा संशोधित 2022) की अनुसूची-I के अंतर्गत संरक्षित है।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर