मप्रः दुर्लभ प्रतिबंधित प्रजाति के कछुओं की तस्करी में शामिल आरोपी की जमानत याचिका खारिज
- जिला एवं सत्र न्यायालय भोपाल से खारिज हुई याचिका
भोपाल, 15 अप्रैल (हि.स.)। रेल नेटवर्क के माध्यम से मध्य प्रदेश के विभिन्न शहरों में दुर्लभ एवं प्रतिबंधित प्रजाति के कछुओं की तस्करी में संलिप्त संगठित गिरोह के सदस्य आरोपी दीपक पारखे की प्रथम जमानत याचिका जिला एवं सत्र न्यायालय भोपाल द्वारा खारिज कर दी गई है।
जनसम्पर्क अधिकारी केके जोशी ने बुधवार को बताया कि आरोपी दीपक पारखे निवासी इंदौर ने उक्त न्यायालय में जमानत याचिका प्रस्तुत की थी। स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स, भोपाल इकाई द्वारा की गई सटीक विवेचना एवं अभियोजन पक्ष की प्रभावी दलीलों के आधार पर न्यायालय ने याचिका निरस्त की। आरोपी पिछले लगभग दो माह से केंद्रीय जेल, भोपाल में निरुद्ध है। प्रकरण की विवेचना जारी है।
गौरतलब है कि स्टेट टाइगर फोर्स, मध्य प्रदेश (भोपाल), रेलवे सुरक्षा बल तथा वन मंडल, भोपाल की संयुक्त कार्रवाई में 3 फरवरी 2026 को पटना-इंदौर एक्सप्रेस में संत हिरदाराम नगर स्टेशन पर एक आरोपी अजय सिंह राजपूत (पुत्र राजकुमार), निवासी इंदौर, जो प्रथम श्रेणी कोच में अटेंडेंट के रूप में कार्यरत था, के पास से 311 जीवित दुर्लभ एवं प्रतिबंधित प्रजाति के कछुए जब्त किए गए थे। इस संबंध में वन अपराध प्रकरण दर्ज किया गया था।
गिरफ्तार आरोपी को वन अभिरक्षा (फॉरेस्ट रिमांड) में लेकर पूछताछ एवं वैज्ञानिक साक्ष्यों के संकलन के बाद प्रदेश के विभिन्न शहरों—नीमच, मंदसौर, रतलाम, इंदौर, देवास, उज्जैन, नागदा, शाजापुर—तथा प्रदेश के बाहर लखनऊ में एक साथ छापामार कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई में जलीय वन्यजीव कछुओं के अवैध व्यापार में संलिप्त एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ हुआ, जो रेल नेटवर्क के माध्यम से लंबे समय से तस्करी में लिप्त था। इस प्रकरण में मध्य प्रदेश एवं उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों से अब तक 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर