मप्रः फर्जी आईएएस तृप्ति सिंह के खिलाफ एक और एफआईआर दर्ज, 39.17 लाख की ठगी का आरोप

 


- मप्र पर्यटन की होटल-रिसोर्ट संपत्ति लीज कराने और नौकरी लगवाने का दिया झांसा

भोपाल, 28 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के भोपाल के खुद को ट्रेनी आईएएस और मध्य प्रदेश पर्यटन (एमपीटी) में एडिशनल डायरेक्टर बताने वाली तृप्ति सिंह के खिलाफ बागसेवनियां थाने में एक और धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ है।

आरोप है कि तृप्ति सिंह ने एमपीटी की होटल व रिसार्ट संपत्तियां लीज पर दिलाने और नौकरी लगवाने का भरोसा देकर बालाघाट निवासी एक युवक से 39.17 लाख रुपये की रकम ऐंठ ली। पुलिस के अनुसार, ग्राम चिचोली तहसील खैरलांजी जिला बालाघाट निवासी रोहित लिल्हारे (29) ने बागसेवनियां थाने में आवेदन दिया था। जांच के बाद पुलिस ने शुक्रवार को तृप्ति सिंह, उसके भाई सुधांशु सिंह, प्रखर सिंह और अन्य सहयोगियों के खिलाफ अपराध दर्ज किया है।

फरियादी रोहित के मुताबिक, तृप्ति सिंह ने खुद को एमपीटी में एडिशनल डायरेक्टर बताते हुए होटल और रिसोर्ट की संपत्तियां लीज पर दिलाने का भरोसा दिया। उसने नौकरी लगवाने का आश्वासन भी दिया। तृप्ति के भाई सुधांशु और प्रखर ने भी उसके बताए पद की पुष्टि की। इससे रोहित और उसके परिचितों को उस पर विश्वास हो गया। इसके बाद एमपीटी की संपत्ति लीज कराने के नाम पर 35.30 लाख रुपये और नौकरी लगवाने के नाम पर 3.87 लाख रुपये लिए गए। कुल रकम 39.17 लाख रुपये हो गई।

फरियादी के अनुसार रकम लेने के बाद न तो होटल-रिसोर्ट की लीज का काम हुआ और न ही नौकरी लग सकी। काफी समय बाद जब उसने रकम वापस मांगी तो आरोपियों की ओर से कथित तौर पर सिर्फ एक लाख रुपये ऑनलाइन लौटाए गए। बाकी 38.17 लाख रुपये वापस नहीं किए गए। इसके बाद रोहित ने पुलिस में शिकायत की। पुलिस की प्रारंभिक जांच में फर्जी पहचान और पद का इस्तेमाल कर विश्वास हासिल करने के बाद योजनाबद्ध तरीके से रकम लेने के तथ्य प्रथमदृष्टया सामने आए हैं।

बागसेवनिया थाना प्रभारी अमित सोनी ने बताया कि मामले में आरोपी और उसके सहयोगियों के खिलाफ पुलिस ने अपराध क्रमांक 549/2026 दर्ज किया है। आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4), 319(2), 316(5), 338, 336(3), 340(2) और 61(2) के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपियों द्वारा इस्तेमाल की गई फर्जी पहचान, दस्तावेज, बैंक खातों और संभावित अन्य पीड़ितों के बारे में जानकारी जुटा रही है।

फरियादी ने पुलिस को बताया है कि इसी तरह अन्य लोगों के साथ भी धोखाधड़ी की गई है। पुलिस अब संभावित अन्य पीड़ितों की जानकारी जुटा रही है। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपियों ने कितने लोगों से रकम ली और कथित फर्जी अधिकारी की पहचान का इस्तेमाल कर कितनी रकम जुटाई। मामले में पुलिस आरोपियों से जुड़े दस्तावेज, बैंक लेनदेन और अन्य साक्ष्य जुटा रही है। जांच आगे बढ़ने पर कथित फर्जी पहचान के जरिए किए गए अन्य लेनदेन और पीड़ितों की संख्या सामने आने की संभावना है।

बता दें कि तृप्ति सिंह राजपूत पर खुद को आईएएस अधिकारी बताकर ठगी करने के आरोप में प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी पुलिस कार्रवाई चल रही है। चंदेरी मामले की जांच में पुलिस ने आरोपी के भोपाल स्थित घर और ससुराल से कथित आईएएस ट्रेनिंग से जुड़े मोमेंटो और दस्तावेजों की प्रतियां बरामद करने की जानकारी दी है। पुलिस ने ‘भारत सरकार’ लिखी पट्टी लगी इनोवा कार भी जब्त की है, जिसका इस्तेमाल प्रभाव जमाने के लिए किए जाने का आरोप है।

पुलिस के मुताबिक, आरोपी लोगों के सामने खुद को अधिकारी के तौर पर पेश करती थी और इसी पहचान के जरिए लोगों का भरोसा जीतती थी। जांच में उसके कथित तौर पर महंगे होटल में ठहरने और हवाई यात्रा जैसी जीवनशैली से जुड़ी जानकारियां भी सामने आई हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर