अमृत 2.0 से बदलेगा शहर का जल परिदृश्य: कैलाश विजयवर्गीय
- प्रभारी मंत्री ने 41.37 करोड़ की जल परियोजना निर्माण का किया शुभारंभ
सतना, 08 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश के नगरीय विकास एवं सतना जिले के प्रभारी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बुधवार को जिले के जिगनहट क्षेत्र में 41.37 करोड़ रुपये की लागत से तैयार की जा रही अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत नगर निगम सतना की जल प्रदाय परियोजना निर्माण का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि इस परियोजना से शहर का जल परिदृश्य बदल जाएगा।
इस अवसर पर बताया गया कि यह परियोजना फिल्टर प्लांट, एनीकट निर्माण एवं व्यापक पाइपलाइन नेटवर्क के माध्यम से सतना शहर के 13 वार्डों में स्वच्छ एवं नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करेगी। इस दौरान आधुनिक तकनीक आधारित फिल्टर प्लांट स्थापित किया जाएगा। एनीकट निर्माण से जल संरक्षण और संग्रहण क्षमता बढ़ेगी। मंत्री विजयवर्गीय ने एनीकेट को सदानीरा वाटर वाडी के रूप में तैयार कर इसे पर्यटक स्थल के रूप में विकसित किये जाने का सुझाव दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सांसद गणेश सिंह ने की।
प्रभारी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि प्रदेश सरकार अमृत 2.0 मिशन के माध्यम से शहरी क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं को सशक्त बना रही है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ पेयजल प्रत्येक नागरिक का अधिकार है और सरकार इसे सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि जिगनहट में शुरू हुई यह 41.37 करोड़ की जल प्रदाय परियोजना सतना शहर के विकास में मील का पत्थर साबित होगी। अमृत 2.0 योजना के माध्यम से शहर में जल प्रबंधन की नई तस्वीर उभरेगी, जिससे आने वाले वर्षों में नागरिकों को स्थायी और बेहतर जीवन सुविधाएं मिल सकेंगी। यह परियोजना न केवल वर्तमान जरूरतों को पूरा करेगी, बल्कि भविष्य की बढ़ती आबादी को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक समाधान प्रदान करेगी।
प्रभारी मंत्री ने कहा कि विकास के कार्यो में कोई भी गतिरोध नहीं होना चाहिए। सतना शहर में अभी 58 एमएलडी पानी की आपूर्ति हो रही है और वर्ष 2045 में बढती जनसंख्या के अनुसार 70 एमएलडी पानी की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। प्रभारी मंत्री ने कहा कि पेयजल के कार्यो में गुणवत्ता और शुद्धता महत्वपूर्ण होनी चाहिए। सतना जिले में बरगी नहर का नर्मदा जल भी आ रहा है। नहर के जल का उपयोग कर नवीन एनीकट को सदानीरा बनाये रखा जा सकता है।
सांसद गणेश सिंह ने कहा कि अमृत 2 के तहत यह परियोजना वर्ष 2027 में पूरी होगी और इसके माध्यम से 12 एमएलडी पानी संग्रहित कर 13 वार्डो में स्वच्छता जल आपूर्ति की जायेगी। उन्होंने कहा कि सतना जिले में सतना और टमस नदी पर दो एनीकट हो जाने से आगामी भविष्य के लिए भी सतना शहर को पानी की आपूर्ति हमेशा बनी रहेगी। सांसद ने कहा कि सतना जिले की दोनों नदियां गंगा में जाकर मिलती है। इन दोनों नदियों के जल को शुद्ध बनाये रखने के लिए नमामि गंगे परियोजना की टीम बुलाकर प्रोजेक्ट भी तैयार किया जा रहा है। सांसद ने कहा कि चित्रकूट की मां मंदाकिनी नदी को अविरल बनाये रखने दौरी सागर बांध का निर्माण चल रहा है। बारिश के पहले इस बांध की पडल को बनाये जाना अति आवश्यक है।
महापौर योगेश ताम्रकार ने परियोजना कार्य की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि वर्तमान में सतना शहर को 58 एमएलडी पानी की आवश्यकता एनीकट से पूरी हो रही है और नगर निगम को वर्ष 2045 की आवश्यकता अनुसार 70 एमएलडी पानी की सुगम आपूर्ति दोनों एनीकेट के माध्यम से हो सकेगी। उन्होंने बताया कि परियोजना के तहत एक बडा एनीकेट जल सोधन संयत्र 10 किमी की पाइपलाइन और 3 ओव्हर हेड टैंक बनाये जायेंगे। 24 महीने के भीतर यह कार्य पूरा होगा। उन्होंने बताया कि नगर निगम में सात तालाबों का निर्माण कर लोकार्पित किया गया है। 4 नये तालाबों का निर्माण कार्य चल रहा है। आगामी 6 माह के भीतर कुल 11 तालाबों के निर्माण हो जाने से सतना शहर पानी की सुविधा से लबालब होगा। उन्होंने बताया कि जल पुर्नभरण के लिए नगर निगम क्षेत्र में 6 हजार सोकपिट बनाये जा रहे है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर