कृषि कल्याण वर्ष के लिए शासन के लक्ष्य पर कृषिगत से जुड़े विभाग सक्रिय होकर कार्य करें- संभागायुक्त डॉ. खाड़े
- संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े ने सम्भागीय अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक
इंदौर, 23 मार्च (हि.स.)। मध्य प्रदेश के इंदौर में संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े ने सोमवार को सम्भागीय अधिकारियों के साथ खाद्य विभाग, शिक्षा विभाग, कृषि एवं अन्य विभागों की समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने कृषि कल्याण वर्ष के लिए शासन द्वारा विभागीय रूप से निर्धारित लक्ष्य की पूर्ति पर कार्य करने के लिए सम्भागीय अधिकारियों को निर्देशित किया।
संभागायुक्त डॉ. खाड़े ने कहा कि शासन ने इस वर्ष कृषि से जुड़े विभागों के लिए लक्ष्य निर्धारित किये है, उसी अनुरूप अपने-अपने विभागों के रोडमैप पर सक्रियता से कार्य करे। उन्होंने विभिन्न विभागों की प्रगति रिपोर्ट देखी और उसकी समीक्षा की। बैठक में संभागायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि सभी कार्य निश्चित समय-सीमा में पारदर्शिता एवं गुणवत्ता के साथ करें। आमजनों को परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े, इस बात का विशेष ध्यान रखें।
बैठक में अपर कलेक्टर रिंकेश वैश्य, राजस्व उपायुक्त सपना लोवंशी, विकास आयुक्त डीएस. रणदा, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के जिला आपूर्ति नियंत्रक एम.एल. मारू, जनजातीय कार्य विभाग के डिप्टी कमिश्नर ब्रजेशचन्द्र पाण्डे, कृषि विभाग के संयुक्त संचालक आलोक के. मीणा, स्वास्थ्य विभाग के संचालक डॉ. सॉजी जोसेफ, महिला एवं बाल विभाग की सहायक संचालक संध्या व्यास, लोक स्वास्थ्य एवं यांत्रिकी विभाग के सब इंजीनियर सुनील उदिया सहित विभिन्न विभागों के संबंधित अधिकारी शामिल हुए।
बैठक में संभागायुक्त डॉ. खाड़े ने संयुक्त कृषि संचालक से कहा कि लक्ष्य के अनुरूप जिलो में किस तरह के कार्य हुए है। उनकी समीक्षा भी निरंतर करते हुए समस्याओं को पहचानते हुए दूर करें। कृषि कल्याण वर्ष में सभी किसानों की फार्मर रजिस्ट्री कराना सुनिश्चित करें, ताकि उन्हें योजनाओं और कार्यक्रमों का लाभ प्राप्त करने में किसी भी तरह की परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े।
संभागायुक्त डॉ. खाड़े ने आगामी 1 अप्रैल से प्रारम्भ हो रहे उपार्जन कार्यो की समीक्षा की गईं। जिलो में किसानों का इस वर्ष पंजीयन अधिक संख्या में हुआ है। इसलिए अतिरिक्त निगरानी और उपार्जन केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाओ की उपलब्धता सुनिश्चित करेंगे। किसानों के सत्यापन का कार्य को भी प्रमुखता से सम्पादित करें। यह सुनिश्चित किया जाए कि संभाग के किसी भी जिले में नरवाई जलाने की घटनाएं नहीं हो। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, आंगनवाड़ी केन्द्रों और लाड़ली लक्ष्मी योजना का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार किया जाये। कु-पोषण को रोकने हेतु आंगनवाड़ी केन्द्रों में पर्याप्त व्यवस्था की जाए। साथ ही जल-जीवन मिशन के तहत ग्रामीणों को शुद्ध और पर्याप्त जल मिल सकें यह सुनिश्चित किया जाये। सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों का शीघ्र निराकरण किया जाये। प्रधानमंत्री जन औषधि केन्द्र और जन-पोषण केन्द्र की व्यवस्था को मजबूत किया जाये।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर