इंदौर में चतुर्थ यूनानी नेशनल वर्कशॉप संपन्न, 5 राज्यों के 200 से अधिक चिकित्सकों ने लिया भाग
- यूनानी चिकित्सा में शोध एवं अनुसंधान कार्यों को मिले बढ़ावा – डॉ. भार्गव
इंदौर, 01 नवम्बर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के इंदौर में आयुष चिकित्सा पद्धति के अंतर्गत यूनानी चिकित्सा के प्रचार-प्रसार तथा शोध एवं अनुसंधान कार्यों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से रविवार को होटल सयाजी में चतुर्थ यूनानी नेशनल वर्कशॉप का आयोजन किया गया। यूनानी मेडिकल प्रैक्टिशनर वेलफेयर एसोसिएशन एवं यूनि हर्बल हेल्थ केयर के सहयोग से आयोजित इस कार्यशाला में पांच राज्यों- मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक, राजस्थान एवं उत्तर प्रदेश के लगभग 210 चिकित्सकों ने सहभागिता की।
कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रूप में अष्टांग आयुर्वेद कॉलेज, इंदौर की आयुर्वेद कैंसर यूनिट के संचालक प्रोफेसर अखिलेश भार्गव, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ यूनानी मेडिसिन, बेंगलुरु की प्रोफेसर अर्शिया सुल्ताना, जुपिटर हॉस्पिटल के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. मोहम्मद अली, भोपाल के डॉ. मोहम्मद शाहिद खान तथा चेन्नई की डॉ. यासीन बानो ने अपने विचार व्यक्त किए।
इस अवसर पर प्रोफेसर अखिलेश भार्गव ने यूनानी चिकित्सा पद्धति में शोध एवं अनुसंधान कार्यों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि चिकित्सा पद्धतियों के विकास और उनकी उपयोगिता को व्यापक स्तर पर स्थापित करने के लिए वैज्ञानिक शोध, प्रमाणिक डाटा संकलन तथा अनुसंधान आधारित कार्यों को प्रोत्साहित किया जाना जरूरी है।
कार्यशाला में यूनानी चिकित्सा पद्धति के प्रचार-प्रसार, चिकित्सा संबंधी डाटा कलेक्शन, शोध कार्यों के विस्तार तथा चिकित्सा क्षेत्र में नए अनुसंधानों को बढ़ावा देने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। साथ ही चिकित्सकों के बीच अनुभवों एवं विचारों का आदान-प्रदान भी हुआ।
कार्यक्रम के आयोजक डॉ. खालिद खान एवं डॉ. एस.एच. जैदी सहित विभिन्न राज्यों से आए चिकित्सक एवं विशेषज्ञ उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर