मप्र: महेश्वर के घाट पर सफाई अभियान के दौरान इंदौर के 343 वोटर कार्ड मिले, कांग्रेस ने किया प्रदर्शन

 


खरगोन, 25 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के खरगोन जिले की ऐतिहासिक नगरी महेश्वर में इंदौर के 343 वोटर कार्ड मिले हैं। रविवार दोपहर सफाई अभियान से जुड़ी संस्था के सदस्यों को ये कार्ड नर्मदा नदी में तैरते और किनारे पड़े मिले। कार्ड पर इंदौर के तिलक नगर, आस्था पैलेस सहित अन्य पते दर्ज हैं।

इंदौर से करीब 90 किलोमीटर दूर इतनी बड़ी संख्या में कार्ड मिलने के बाद कांग्रेस ने देश के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ वोट चोरी की एफआईआर दर्ज कराने के लिए प्रदर्शन करते हुए करीब एक घंटे तक धरना दिया।

खरगोन जिला कांग्रेस अध्यक्ष रवि नाईक ने दावा किया है कि कार्डों पर 2016 का साल दर्ज है, जबकि ये डिजिटल कार्ड हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर डिजिटल कार्ड की शुरुआत 2021 में हुई तो इन पर 2016 कैसे दर्ज है। उन्होंने कहा कि वोटर आईडी के EPIC नंबर को सिस्टम में डालकर कार्डों की स्थिति पता की जा सकती है।

रवि नाईक ने कहा कि यह जो वोटर आईडी मिले हैं, ये सब वोट चोरी के पुख्ता सबूत हैं। किसी भी एक आम व्यक्ति के पास इतनी बड़ी संख्या में वोटर आईडी होना संभव ही नहीं है। यह केवल चुनाव आयोग के स्तर पर ही हो सकता है। यह उन सबूतों को नष्ट करने की कोशिश है, जो वोट चोरी से जुड़े हैं। हम इन सभी वोटर कार्डों को लेकर मंडलेश्वर थाने पहुंचे। हमारी सीधी मांग थी कि ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए।

एसडीओपी श्वेता शुक्ला ने बताया कि कांग्रेस का आवेदन मिला है। पंचनामा तैयार कर सभी कार्ड जब्त कर लिए हैं। थाना प्रभारी को मामले की जांच सौंपी है। सफाई करने वाली संस्था ने कोई लिखित शिकायत नहीं दी है। मामले में संबंधित चुनाव कार्यालय व इंदौर प्रशासन से भी पत्राचार कर जानकारी जुटाई जा रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर