मप्र के इंदौर में अनंत चतुर्दशी पर निकली झिलमिलाती 22 झांकियां, करतब दिखाते आगे बढ़ रहे अखाड़े

 






इंदौर, 25 सितम्बर (हि.स.)। मध्य प्रदेश में शुक्रवार को अनंत चतुर्दशी पर गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के साथ झांकियां और चल समारोह निकल रहे हैं। देश के सबसे स्वच्छ इंदौर में 103 साल पुरानी परंपरा के तहत 22 से ज्यादा झांकियों का कारवां निकला है, जो रातभर विभिन्न मागों से गुजरेगा। झांकियों में अखाड़े भी शामिल हैं। इन्हें देखने के लिए देशभर से लाखों लोग इंदौर पहुंचे हैं।

इंदौर में शाम 6 बजे खजराना गणेश मंदिर की झांकी से चल समारोह की शुरुआत हुई और इसके बाद एक के बाद अन्य झांकियां इसमें जुड़ती चली गईं। सड़कों पर झांकियों का लंबा कारवां और सड़कों पर जुटे लोग नजर आ रहे हैं। रास्ते में अखाड़ों के कलाकार पारंपरिक करतब दिखाते हुए आगे बढ़ रहे हैं। खजराना गणेश मंदिर की झांकी रात 11 बजे बंबई बाजार चौकी पहुंची। झांकी में खजराना गणेश मंदिर की प्रतिकृति के साथ चंद्रमा पर सवार गणपति को दर्शाया गया है।

इस बार भी झांकियों का पुराना क्रम कायम है। सबसे पहले खजराना गणेश मंदिर की झांकी निकली। इसके बाद शास्त्री कॉर्नर नवयुवक मंडल, इंदौर विकास प्राधिकरण, नगर निगम, होप टेक्सटाइल, कल्याण मिल, मालवा मिल, हुकुमचंद मिल, स्वदेशी मिल, राजकुमार मिल और स्पूतनिक ट्यूटोरियल एकेडमी की झांकियां शामिल हैं।

झांकियों में पौराणिक कथाओं के साथ नारी शक्ति, नशामुक्ति, युवा और सामाजिक संदेशों की थीम दिखाई जा रही है। स्वदेशी मिल की झांकियों में दुर्गा माता और महिषासुर वध, भगवान शंकर और माता सती तथा नशामुक्ति का संदेश है। कल्याण मिल की झांकियों में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा और नारी शक्ति की थीम है।

मालवा मिल ने बच्चों के लिए ‘मछली जल की रानी है’, चंद्रमा-रोहिणी विवाह और भोलेनाथ की बारात पर झांकियां तैयार की हैं। राजकुमार मिल की मधु-कैटभ वध वाली झांकी करीब 80 फीट की ट्रॉली पर है। हुकुमचंद मिल की झांकी में बाली-सुग्रीव युद्ध और बाली वध का दृश्य है। स्पूतनिक ट्यूटोरियल एकेडमी की झांकी में पूतना वध और द्रौपदी चीरहरण के दृश्य दिखाए गए हैं। एक झांकी में महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन भी कराए जा रहे हैं।

अखाड़ों में महिला-पुरुष कलाकारों ने दिखाए करतब

झांकियों के साथ अलग-अलग अखाड़ों की प्रस्तुतियां भी चल रही हैं। कृष्णपुरा छतरी और दूसरे स्थानों पर पहलवानों के साथ महिलाओं और बच्चियों ने भी शस्त्र कला, लाठी और पारंपरिक करतब दिखाए। लड़कियां ढोल बजाते हुए भी चल समारोह में शामिल हुईं। सड़क किनारे बड़ी संख्या में लोग इन प्रस्तुतियों और झांकियों को देख रहे हैं।

स्पुतनिक टेरीटोरियल अकैडमी की झांकी में पूतना वध का दृश्य दिखाया गया है। झांकी में पूतना राक्षसी को भगवान कृष्ण को दूध पिलाते और कृष्ण भगवान को उसका वध करते हुए दर्शाया गया है। पीछे गोवर्धन पर्वत उठाए कृष्ण भगवान का दृश्य है। झांकी के तीसरे हिस्से में द्रौपदी चीरहरण का दृश्य भी दिखाया गया है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर