मप्रः इंदौर में एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत लगाए जाएंगे 21 लाख पौधे
इंदौर, 01 जुलाई (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा से संचालित एक पेड़ माँ के नाम अभियान के अंतर्गत इस वर्ष वर्षा ऋतु में मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में 21 लाख पौधे लगाए जाएंगे। पौधरोपण के साथ-साथ जल संरक्षण एवं भूजल संवर्धन को भी समान प्राथमिकता देते हुए जल गंगा संवर्धन अभियान को व्यापक जनभागीदारी के माध्यम से जनआंदोलन का स्वरूप दिया जाएगा।
यह जानकारी बुधवार को एआईसीटीएसएल सभागृह में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक में दी गई। बैठक में सांसद शंकर लालवानी, विधायकगण महेंद्र हार्डिया, मधु वर्मा, गोलू शुक्ला, एमआईसी सदस्य राजेंद्र राठौर, बबलू शर्मा, अपर कलेक्टर नवजीवन पंवार, नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल, जिला पंचायत सीईओ सिद्धार्थ जैन, अपर आयुक्त आशीष पाठक, एडिशनल कमिश्नर शृंगार श्रीवास्तव, वन विभाग की संगीता ठाकुर, पर्यावरणविद डॉ. शंकरलाल गर्ग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में बताया गया कि पौधरोपण के लिए देवगुराड़िया, लिम्बोदी, कृषि कॉलेज परिसर, बीएसएफ परिसर, सुपर कॉरिडोर सहित विभिन्न स्थानों का चयन किया गया है। इसके अतिरिक्त स्कूलों, महाविद्यालयों, मंदिरों, आश्रमों, सार्वजनिक संस्थानों एवं अन्य उपयुक्त स्थलों पर भी व्यापक स्तर पर पौधरोपण किया जाएगा। अभियान के तहत पौधारोपण कार्य गुरुवार से प्रारंभ होगा तथा बीएसएफ परिसर में सर्वाधिक पौधे लगाए जाएंगे। अभियान का उद्देश्य केवल पौधारोपण करना ही नहीं, बल्कि पौधों के संरक्षण एवं संवर्धन को भी सुनिश्चित करना है।
बैठक को संबोधित करते हुए मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि एक पेड़ माँ के नाम अभियान केवल पौधारोपण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रकृति, मातृत्व और आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी का प्रतीक है। उन्होंने प्रत्येक नागरिक से अपनी माता के सम्मान में कम से कम एक पौधा लगाने और उसके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया। बैठक में उन्होंने जनप्रतिनिधियों एवं उपस्थित सदस्यों से अभियान को अधिक प्रभावी बनाने के लिए सुझाव भी प्राप्त किए।
विजयवर्गीय ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और जल संरक्षण एक-दूसरे के पूरक हैं। यदि प्रत्येक नागरिक पौधारोपण के साथ वर्षा जल संचयन को भी अपनाए, तो भविष्य में जल संकट को काफी हद तक कम किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इंदौर ने स्वच्छता के क्षेत्र में देशभर में नई पहचान बनाई है, अब पर्यावरण संरक्षण और जल संवर्धन के क्षेत्र में भी इंदौर को राष्ट्रीय स्तर पर आदर्श बनाना है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, शैक्षणिक संस्थानों, औद्योगिक इकाइयों, स्वयंसेवी संस्थाओं तथा आम नागरिकों से अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील करते हुए कहा कि जनसहभागिता से ही हरित, समृद्ध एवं जल-सुरक्षित इंदौर का निर्माण संभव होगा।
बैठक में दो वर्ष पूर्व रेवती रेंज में एक ही दिन में लगभग 12 लाख 41 हजार पौधे लगाए जाने की उपलब्धि का भी उल्लेख किया गया। पर्यावरणविद डॉ. शंकरलाल गर्ग ने जानकारी दी कि उन्होंने केसर पर्वत स्थित अपनी भूमि पर अब तक 50 हजार पौधे लगाए हैं, जो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में प्रेरणादायी पहल है।
नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल ने वर्षा ऋतु में अधिक से अधिक वर्षा जल संचयन करने का आह्वान करते हुए कहा कि प्रत्येक नागरिक अपने घरों एवं संस्थानों में रूफटॉप रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित करें। उन्होंने बताया कि इसके लिए अनुदान भी उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही शहर में बंद पड़े बोरवेलों को पुनर्जीवित करने का अभियान चलाया जाएगा, जिससे भूजल स्तर में सुधार हो सके।
बैठक में जल गंगा संवर्धन अभियान की उपलब्धियों पर आधारित एक वृत्तचित्र का भी प्रदर्शन किया गया। नगर निगम आयुक्त ने बताया कि वर्षा जल संचयन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले नागरिकों, संस्थाओं एवं संगठनों को सम्मानित किया जाएगा। साथ ही बेहतर कार्य करने वाले नागरिकों को नगर निगम के करों में भी छूट प्रदान की जाएगी, ताकि अधिक से अधिक लोग जल संरक्षण के इस अभियान से जुड़ सकें।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर