मुरैना: सरकारी किताबों की चोरी का मामला उजागर, टैक्सी से ले जाई जा रही थीं निःशुल्क पुस्तकें
मुरैना, 17 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के विकासखंड जौरा में शासकीय नि:शुल्क किताबों की चोरी का बड़ा मामला सामने आया है। बीआरसी के निर्देश पर बीएसी रोहित श्रीवास ने तत्परता दिखाते हुए टैक्सी में भरकर बेचने ले जाई जा रही सरकारी किताबों को मौके पर पकड़ लिया और वापस स्कूल में रखवाया। हैरानी की बात यह है कि महाराणा प्रताप जयंती के शासकीय अवकाश के दिन बच्चों के पास स्कूल की चाबी मिली और एक बच्चा स्कूल की प्रधानाध्यापक मंजू शाक्य का बताया जा रहा है।
ऐसे हुआ खुलासा : बुधवार को शासकीय अवकाश था। किसी अज्ञात व्यक्ति ने बीआरसी जौरा राजीव जादोन को सूचना दी कि शासकीय माध्यमिक विद्यालय क्रमांक-3, जौरा से नि:शुल्क किताबें चोरी-छिपे बेचने के लिए ले जाई जा रही हैं। सूचना मिलते ही बीआरसी ने तुरंत कार्यालय के बीएसी रोहित श्रीवास को मौके पर भेजा। बीएसी रोहित श्रीवास जब मौके पर पहुंचे तो एक टैक्सी में नि:शुल्क शासकीय किताबों के बंडल लदे मिले। टैक्सी में दो बच्चे और चालक सवार थे। पूछताछ में पता चला कि अवकाश का दिन होने के बावजूद बच्चों के पास विद्यालय की चाबियां थीं। विद्यालय में प्रधानाध्यापक भी मौजूद नहीं थीं। बीएसी ने तुरंत सभी किताबें जब्त कर अपनी निगरानी में वापस स्कूल में रखवाईं।
प्रधानाध्यापक पर उठे सवाल
सूत्रों के अनुसार किताबें ले जा रहे बच्चों में एक बच्चा विद्यालय की प्रधानाध्यापक मंजू शाक्य का बताया जा रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि शासकीय अवकाश के दिन बच्चों को स्कूल की चाबी किसने दी और किताबें बेचने के लिए किसके कहने पर ले जाई जा रही थीं। बताया जाता है कि प्रधानाध्यापक मंजू शाक्य पूर्व में भी अपनी कार्यशैली को लेकर विवादों में रही हैं। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार की कई शिकायतें लंबित हैं। चर्चा है कि उन्हें उच्च अधिकारियों का संरक्षण प्राप्त है।
बीएसी ने दिखाई तत्परता
किताबें वापस रखवाने के बाद बीएसी रोहित श्रीवास ने बताया, मुझे बीआरसी सर से सूचना मिली थी। मैं तुरंत मौके पर पहुंचा। टैक्सी में किताबें भरी थीं। बच्चों और चालक से पूछताछ कर सारी किताबें जब्त कर स्कूल में सुरक्षित रखवा दी गई हैं। मामले की रिपोर्ट बीआरसी को सौंप दी है।
अब कार्रवाई पर टिकी निगाहें
शासकीय अवकाश के दिन बच्चों से स्कूल की चाबी देकर सरकारी संपत्ति बेचने का प्रयास अत्यंत गंभीर और दंडनीय अपराध है। अब देखना यह है कि शिक्षा विभाग प्रधानाध्यापक मंजू शाक्य पर कोई कार्रवाई करता है या फिर पहले की शिकायतों की तरह यह मामला भी फाइलों में दबा दिया जाएगा। बीआरसी राजीव जादोन ने कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और दोषियों पर नियमानुसार स त कार्रवाई होगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजू विश्वकर्मा