अनूपपुर: वन भूमि को राजस्व में समाहित कर अधिकार की मांग लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे 40 से अधिक ग्रामीण

 




अनूपपुर, 27 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिला मुख्यालय में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में दो गंभीर मामले सामने आए, जहां एक ओर वर्षों से वन भूमि पर निवास कर रहे लोढ़ी गांव के आधा सैकड़ा किसान वन भूमि को राजस्व भूमि में समाहित कर पट्टे का अधिकार दिलाने की मांग रखी।

वहीं पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई में अमरकंटक से लापता 14 वर्षीय किशोरी को पिछले 16 दिन बाद भी पुलिस द्वारा नहीं ढूंढ पाए जाने से परेशान परिजनों ने एसपी से शिकायत कर पुत्री को ढूँढे जाने की गुहार लगाई है। कलेक्ट्रेट स्थित नर्मदा सभागार आयोजित जिला स्तरीय जनसुनवाई में कलेक्टर रत्नाकर झा ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए 80 आवेदनों पर संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार कार्यवाही करते हुए त्वरित एवं संतुष्टिपूर्ण निराकरण करने के निर्देश दिए।

वहीं नवागत पुलिस अधीक्षक अंकित सोनी नवाचार करते हुए जिले के तीनों एसडीओपी अनूपपुर, कोतमा और पुष्पराजगढ़ और उन क्षेत्रों के थाना प्रभारियों को भी पुलिस अधीक्षक कार्यालय बैठ कर आवेदकों की समस्याओं को सुनते उनके निराकरण की जिम्मेदारी संबंधित थाना प्रभारियों को दी।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि थानों की बजाय आवेदक वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष अपनी बात रखने में सहज समझते है, इस व्यवस्था से अधिकारी के सामने ही उनके समस्याओं के निराकरण में और संबंधित प्रभारियों की जवाबदारी बढ़ जाएगी।

जनसुनवाई में शासकीय भूमि पर वन अधिकार पट्टा प्राप्त करने वाले ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर शासन की स्वामित्व योजना के अंतर्गत उन्हें दी गई भूमि की रजिस्ट्री कराई जाने की मांग की। वन परिक्षेत्र कोतमा अंतर्गत ग्राम लोढ़ी निवासी लगभग आधा सैकड़ा किसानों ने बताया कि अभी तो कई वर्षों से वह वन भूमि क्षेत्र में काबिज है जिसका भू अधिकार पट्टा भी उन्हें वन विभाग के द्वारा दिया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस तरह से राजस्व भूमि पर शासकीय भूमि पर काबिज ग्रामीणों को भू अधिकार पट्टा दिए जाने के पश्चात शासन के द्वारा उनके जमीनों की स्वामित्व योजना के अंतर्गत निशुल्क रजिस्ट्री कराई जा रही है । इस तरह उन्हें भी वन भूमि क्षेत्र का जो अधिकार पत्र दिया गया है उसे भूमि की निशुल्क रजिस्ट्री उनके नाम पर कराई जाए। इस दौरान वन विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे।

अधिकारियों ने ग्रामीणों को बताया कि वन भूमि क्षेत्र में इस तरह की कार्रवाई का प्रावधान नहीं होने के कारण उनकी मांग पर कार्रवाई करना संभव नहीं है। इसके बाद भी ग्रामीणों ने अपनी समस्या के निराकरण की मांग उठाई। ग्रामीण रामनिवास, निर्मल, सावन, धोता, हरिलाल और रामकुंवर सहित अन्य ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें यह जानकारी मिली है कि शासन से वन भूमि पर काबिज वन अधिकार पट्टा प्राप्त ग्रामीणों के लिए भी यह योजना लागू कर दी गई है जिसके बाद वह यहां पहुंचे हैं। वहीं अमरकंटक निवासी बैगा परिवार पुलिस अधीक्षक कार्यालय में अपनी 14 वर्षीय पुत्री के लापता हो जाने और थाना में दर्ज कराई गई गुमशुदगी रिपोर्ट का बाद भी पुलिस द्वारा अबतक नहीं खोज पाने की शिकायत की। साथ ही जल्द बेटी को ढूंढें जाने की गुहार लगाई। जिसपर पुलिस अधीक्षक ने दो दिनों का समय मांगा है।

कलेक्ट्रेट कार्यालय में जनसुनवाई

कलेक्ट्रेट कार्यालय की जनसुनवाई में ग्राम पिपरिया निवासी श्री बाबूलाल पटेल ने घर के आंगन में विद्युत केबल लगवाने, ग्राम फुन्गा निवासी जीवन लाल सिंह ने विद्युत करंट से बैल की मृत्यु होने पर सहायता राशि दिलाने तथा अनूपपुर के जमुनिया टोला वार्ड क्रमांक 5 निवासी माया बाई कोल ने विद्युत बिल में सुधार संबंधी आवेदन प्रस्तुत किया। ग्राम कोलनी निवासी मनुवा पाव ने अपने पुत्र को रोजगार उपलब्ध कराने तथा ग्राम बरबसपुर करौंदी निवासी सोहन लाल यादव ने वृद्धावस्था पेंशन दिलाने के संबंध में आवेदन दिया।

ग्राम लतार निवासी मनमुखी चौधरी ने शौचालय निर्माण एवं प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने तथा ग्राम शिवनी निवासी दिव्यांग रामचरण ने आर्थिक सहायता एवं ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराने के संबंध में आवेदन प्रस्तुत किया। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक आवेदन का गंभीरता से परीक्षण कर पात्रतानुसार निराकरण किया जाए तथा आवेदकों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाना सुनिश्चित किया जाए।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला