मंदसौर में मानसून सक्रिय, कई क्षेत्रों में झमाझम बारिश से मिली राहत

 


मंदसौर, 26 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में मानसून ने दस्तक दे दी है। शुक्रवार दोपहर बाद मौसम ने करवट बदली और जिले के कई हिस्सों में बारिश का दौर शुरू हो गया। जिला मुख्यालय सहित आसपास के क्षेत्रों में हुई हल्की से मध्यम बारिश से लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली। हालांकि जिले के कई इलाकों में अब भी अच्छी बारिश का इंतजार बना हुआ है।

शुक्रवार को मंदसौर शहर के अलावा मल्हारगढ़, पिपलिया मंडी, बही पार्श्वनाथ, नारायणगढ़ और दलौदा सहित कई क्षेत्रों में बारिश दर्ज की गई। सुबह तक तेज धूप और उमस का असर था, लेकिन दोपहर बाद बादल छाए और बूंदाबांदी शुरू हो गई। बारिश के बाद मौसम सुहावना हो गया और तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई।

मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में मानसून सक्रिय हो रहा है। इसके प्रभाव से आने वाले दिनों में मंदसौर जिले में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। विशेषज्ञों ने जिले में अच्छी वर्षा होने के संकेत दिए हैं।

मानसून की सक्रियता को देखते हुए गांधीसागर जलाशय के तटवर्ती क्षेत्रों में बाढ़ सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। गांधीसागर बांध संभाग के कार्यपालन यंत्री ने वर्षा ऋतु 2026 के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

निर्देशों के तहत गांधीसागर अनुविभाग के अधिकारी जलाशय के जलस्तर की लगातार निगरानी करेंगे। प्रत्येक चार घंटे में जलस्तर और जलग्रहण क्षेत्र में होने वाली बारिश की जानकारी कलेक्टर मंदसौर, नीमच, जल संसाधन विभाग और बाढ़ प्रकोष्ठ को उपलब्ध कराई जाएगी।

जलाशय का जलस्तर 1300 फीट तक पहुंचने या भारी बारिश व तूफान की चेतावनी मिलने पर तत्काल जिला प्रशासन और संबंधित विभागों को सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं। बांध संचालन की पूरी प्रक्रिया निर्धारित रूल कर्व और ऑपरेशन मैन्युअल के अनुसार की जाएगी।

जल संसाधन विभाग ने गांधीसागर जलाशय के डूब क्षेत्र में आने वाले गांवों के लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। जलाशय के प्रभावित क्षेत्रों में कृषि कार्य करने वाले किसानों और अन्य लोगों को वर्षा पूर्व सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए जागरूक किया जाएगा।

जलस्तर 1310 फीट तक पहुंचने की स्थिति में प्रभावित गांवों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही बाढ़ की स्थिति बनने पर तहसील, जिला और संभाग स्तर के नियंत्रण कक्ष सक्रिय किए जाएंगे।

गांधीसागर जलाशय के 1312 से 1316 फीट के बीच डूब क्षेत्र में आने वाले बीलखेड़ी, कंवली, अंत्रालिया, बंजारी, ढाबा, खेड़ा, सापुरा, चचावदा, ढाबली, उमरिया, मौलाखेड़ी खुर्द, बकाना, मोरड़ी, चिड़ी, आक्या, बालोदा, सिहोर, खड़ावदा, आंवली, रूपरा, बरार्मा, कंवला, रायपुरिया, खेरखेड़ा भाट, सूरजना, कानपुरा, करेलिया और गंदियाखेड़ी सहित अन्य गांवों के ग्रामीणों को सतर्क रहने की अपील की गई है।

जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि बारिश के दौरान जलस्तर और मौसम संबंधी चेतावनियों पर नजर रखें तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

हिन्दुस्थान समाचार / अशोक झलोया