दमोह:बंद पड़ा मॉडल रोड का काम, जिम्मेदारों की उदासीनता पर उठे सवाल
दमोह,, 20 मार्च (हि.स.)। मप्र के दमोह शहर की बहुप्रतीक्षित मॉडल रोड का निर्माण कार्य एक बार फिर ठप पड़ जाने से स्थानीय लोगों में गहरी नाराजगी देखने को मिल रही है। जटाशंकर तिराहा से महाराणा प्रताप चौराहा तक लगभग आधा किलोमीटर लंबी इस सड़क का काम पिछले एक महीने से पूरी तरह बंद है। चार साल से अधूरी पड़ी इस परियोजना से नागरिकों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है और अब लोगों का धैर्य जवाब देने लगा है।
जानकारी के अनुसार, जिला प्रशासन के प्रयासों से पांच फरवरी को इस सड़क का निर्माण कार्य दोबारा शुरू किया गया था। शुरुआत में आधी सड़क पर मुरम डाली गई और जल संसाधन विभाग के गेट से त्रिमूर्ति स्थल तक नाले का निर्माण शुरू हुआ। लेकिन निर्माण की गुणवत्ता शुरुआत से ही संदेह के घेरे में आ गई। नाला बनने से पहले ही कई जगहों पर टूटने लगा, जिससे निर्माण एजेंसी की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठे।
मामला सामने आने पर जिम्मेदार अधिकारियों ने एजेंसी को फटकार लगाई, लेकिन इसके तुरंत बाद एजेंसी ने काम बंद कर दिया। तब से अब तक निर्माण कार्य फिर शुरू नहीं हो पाया है। हालांकि प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पूरी कर ली है और पीएचई कार्यालय के सामने स्थित मंदिर को भी हटा दिया गया है, फिर भी सड़क निर्माण की स्थिति जस की तस बनी हुई है। कई हिस्सों में अब तक मुरम तक नहीं डाली गई है, वहीं एक दाल मिल के बाहर बना सेप्टिक टैंक भी काम में बाधा बना हुआ है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इसी मार्ग से कलेक्टर, मंत्री और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों का रोजाना आवागमन होता है, इसके बावजूद काम की सुस्ती पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं दिख रही। चार साल पहले इस सड़क का टेंडर जारी हुआ था, लेकिन शुरुआत से ही यह परियोजना बाधाओं में घिरी रही। भुगतान में देरी, ठेकेदार द्वारा काम छोड़ना, बिजली पोल शिफ्टिंग में लाखों रुपये की मांग और पेड़ों की कटाई जैसे कारणों से लगातार देरी होती रही। कई बार काम शुरू हुआ, लेकिन हर बार किसी न किसी विवाद के चलते रुक गया।
इस संबंध में सीएमओ राजेंद्र सिंह लोधी का कहना है कि अतिक्रमण हट चुका है और शेष कार्य जल्द पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई है कि मार्च के अंत तक निर्माण कार्य फिर शुरू हो जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / हंसा वैष्णव