मतदाता सूची से नाम हटने पर मिर्ची बाबा ने उठाए सवाल, बोले- मैं जिंदा हूं, फिर नाम क्यों काटा?

 


भोपाल, 15 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद नामों में कटौती को लेकर विवाद के बीच महामंडलेश्वर स्वामी वैराग्यानंद गिरि महाराज उर्फ मिर्ची बाबा ने भी अपना नाम सूची से हटाए जाने का दावा किया है। उन्होंने निर्वाचन आयोग की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए नाम काटने का आधार स्पष्ट करने की मांग की है। बाबा ने कहा कि यदि उनकी शिकायत का समाधान नहीं हुआ तो वह न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।

एक वीडियो जारी कर मिर्ची बाबा ने कहा कि मतदाता सूची से मृत व्यक्तियों के नाम हटाना उचित है, लेकिन गरीबों, ठेला लगाने वाले छोटे दुकानदारों और संन्यासियों के नाम भी काटे जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने सवाल किया कि जब वह जीवित हैं, पहले चुनाव लड़ चुके हैं और नियमित रूप से आयकर का भुगतान करते हैं, तो मतदाता सूची से उनका नाम किस आधार पर हटाया गया। उन्होंने निर्वाचन आयोग से इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा है।

संन्यास परंपरा का हवाला देकर उठाए दस्तावेजों पर सवाल

मिर्ची बाबा के मुताबिक, उनसे जन्मस्थान का प्रमाणपत्र और माता-पिता के नाम से संबंधित जानकारी मांगी जा रही है। उन्होंने संन्यास परंपरा का हवाला देते हुए कहा कि संन्यास ग्रहण करने के बाद व्यक्ति की पहचान गुरु परंपरा से जुड़ जाती है। ऐसे में संन्यासियों से इस तरह के दस्तावेज मांगने और बिना उचित आधार के मतदाता सूची से नाम हटाने पर उन्होंने आपत्ति जताई।

उन्होंने कहा कि मतदान का अधिकार प्रत्येक नागरिक के लिए महत्वपूर्ण है। इसलिए मतदाता सूची में नाम शामिल करने या हटाने की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए और किसी व्यक्ति का नाम हटाने का कारण स्पष्ट किया जाना चाहिए।

दुष्कर्म के मामले में गिरफ्तार हुए थे मिर्ची बाबा, अदालत ने किया था बरी

मिर्ची बाबा इससे पहले वर्ष 2022 में दुष्कर्म के आरोपों को लेकर भी चर्चा में रहे थे। रायसेन की 28 वर्षीय नि:संतान महिला ने उन पर नशीली भभूति खिलाकर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था। महिला ने 8 अगस्त 2022 को भोपाल के महिला थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने प्रारंभिक जांच के बाद उनके खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज किया था।

इसके अगले दिन, 9 अगस्त 2022 को पुलिस ने मिर्ची बाबा को ग्वालियर से गिरफ्तार किया था। हालांकि, 5 सितंबर 2023 को अदालत ने उन्हें आरोपों से बरी कर दिया। इसके बाद 6 सितंबर 2023 को वह जेल से बाहर आए थे। इस मामले में उन्हें करीब 13 महीने जेल में रहना पड़ा था।

फिलहाल मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को लेकर मिर्ची बाबा ने निर्वाचन आयोग से जवाब मांगा है और जरूरत पड़ने पर न्यायालय जाने की बात कही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजू विश्वकर्मा