मप्रः मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने पर युवा कांग्रेस का प्रदेशभर में विरोध-प्रदर्शन, भोपाल में कार्यकर्ताओं ने किया पुतला दहन

 


भोपाल, 15 जून (हि.स.)। कांग्रेस की राज्यसभा प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने के बाद मध्य प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। कांग्रेस और युवा कांग्रेस ने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक प्रक्रिया के विपरीत बताते हुए प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन किए, जबकि निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष आमने-सामने नजर आए।

मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी के आह्वान पर युवा कांग्रेस ने सोमवार को प्रदेश के विभिन्न जिलों में प्रदर्शन आयोजित किए। भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, मुरैना और मंदसौर सहित कई जिलों में कार्यकर्ताओं ने विरोध जताते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रतीकात्मक प्रदर्शन किए और जिला कलेक्टरों के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपे। ज्ञापन में कांग्रेस ने मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किए जाने की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच कराने और निर्वाचन अधिकारियों की भूमिका की समीक्षा करने की मांग की है।

युवा कांग्रेस अध्यक्ष ने लगाए गंभीर आरोप

भाेपाल में मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष यश लखन घनघोरिया ने कहा कि कांग्रेस इस पूरे घटनाक्रम को लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए गंभीर चुनौती मानती है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्यसभा चुनाव में विपक्षी उम्मीदवार के नामांकन को निरस्त करना राजनीतिक रूप से प्रेरित निर्णय प्रतीत होता है। घनघोरिया ने निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस की आपत्तियों पर उचित कार्रवाई नहीं होती है तो पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध जारी रखेगी।

भोपाल में सीमित रहा विरोध प्रदर्शन

राजधानी भोपाल में प्रदेश कांग्रेस कार्यालय (पीसीसी) के सामने युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला दहन किया। हालांकि, प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं की संख्या अपेक्षाकृत कम रही। मौके पर मौजूद पुलिस बल की संख्या प्रदर्शनकारियों से अधिक दिखाई दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, प्रदर्शन में सीमित संख्या में युवा कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए, जिन्होंने नारेबाजी कर विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के बाद भोपाल शहर युवा कांग्रेस ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए किया गया आंदोलन बताया।

संगठन ने दिए थे व्यापक आंदोलन के निर्देश

कांग्रेस संगठन की ओर से पूर्व में जारी निर्देशों में युवा कांग्रेस, एनएसयूआई और महिला कांग्रेस को 15 से 17 जून तक विभिन्न स्तरों पर विरोध प्रदर्शन करने और भाजपा कार्यालयों के घेराव की तैयारी करने को कहा गया था। हालांकि भोपाल में प्रदर्शन पीसीसी कार्यालय परिसर तक ही सीमित रहा।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे