सीवन तट से कुबेरेश्वरधाम तक उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, अर्धनारीश्वर स्वरूप की झांकी बनी आकर्षण
सीहोर, 08 अगस्त (हि.स.)। सावन मास में मध्य प्रदेश के सीहोर का सीवन नदी तट और प्रसिद्ध कुबेरेश्वरधाम शिवभक्ति से सराबोर है। सीवन नदी के घाट से लेकर कुबेरेश्वरधाम तक श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती भीड़ के बीच हर-हर महादेव और श्री शिवाय नमस्तुभ्यं के जयघोष सुनाई दे रहे हैं। सावन में अब तक 10 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के कुबेरेश्वरधाम पहुंचने का दावा किया गया है। शनिवार को भी डेढ़ लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने धाम पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया।
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए इस वर्ष सावन और भादो के दौरान कुबेरेश्वरधाम में 50 लाख से अधिक लोगों के पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है। देश के विभिन्न हिस्सों से कांवड़ लेकर श्रद्धालु सीवन नदी तट पर पहुंच रहे हैं। यहां से पवित्र जल लेकर वे पैदल कुबेरेश्वरधाम की यात्रा कर रहे हैं।
कांवड़ यात्रियों के लिए जगह-जगह सेवा पंडाल
श्रद्धालुओं और कांवड़ यात्रियों की सुविधा के लिए सीवन नदी तट से कुबेरेश्वरधाम तक विभिन्न स्थानों पर सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने सेवा पंडाल लगाए हैं। इन पंडालों में श्रद्धालुओं को पेयजल, चाय, नाश्ता, फलाहार और प्रसादी उपलब्ध कराई जा रही है।
विठलेश सेवा समिति की ओर से कुबेरेश्वरधाम में निशुल्क भोजन प्रसादी की व्यवस्था की गई है। समिति के पंडित विनय मिश्रा, पंडित समीर शुक्ला सहित अन्य सेवादार श्रद्धालुओं की सेवा में जुटे हैं और धाम पहुंचने वाले कांवड़ यात्रियों का स्वागत कर रहे हैं।
अर्धनारीश्वर स्वरूप की झांकी बनी आकर्षणशनिवार को हरिद्वार से भगवान श्रीकृष्ण और भगवान शिव के अर्धनारीश्वर स्वरूप की विशेष झांकी लेकर श्रद्धालुओं का एक दल कुबेरेश्वरधाम पहुंचा। झांकी में भगवान शिव और माता पार्वती के एकत्व को आकर्षक रूप में प्रस्तुत किया गया, जिसे देखने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी।
विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित मामा के अनुसार कांवड़ यात्रा में शामिल यह झांकी श्रद्धालुओं के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इसके माध्यम से शिव और शक्ति के संतुलन तथा दोनों के अभिन्न संबंध का संदेश दिया जा रहा है। श्रद्धालुओं के अनुसार अर्धनारीश्वर स्वरूप केवल शिव और शक्ति के एकत्व का प्रतीक नहीं, बल्कि पुरुष और प्रकृति के संतुलन को भी दर्शाता है।
ऑनलाइन शिव महापुराण कथा के लिए काशी रवाना हुए पंडित प्रदीप मिश्रा
शनिवार को अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा आगामी 9 अगस्त से काशी में आयोजित होने वाली ऑनलाइन शिव महापुराण कथा के लिए रवाना हुए। रवाना होने से पहले उन्होंने कुबेरेश्वरधाम पहुंच रहे श्रद्धालुओं और कांवड़ यात्रियों से भगवान शिव का नाम जाप करने तथा श्रद्धा और विश्वास के साथ आराधना करने का आह्वान किया।
11 अगस्त को होगा ऑनलाइन पार्थिव शिवलिंग अभिषेक
विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित मामा ने बताया कि पंडित प्रदीप मिश्रा के आह्वान पर सावन शिवरात्रि के अवसर पर 11 अगस्त को विश्वभर में ऑनलाइन पार्थिव शिवलिंग अभिषेक का आयोजन किया जाएगा। इसके तहत देश-विदेश में श्रद्धालु अपने-अपने घरों में भगवान महादेव की पूजा-अर्चना और पार्थिव शिवलिंग का अभिषेक करेंगे।
समिति के अनुसार पिछले करीब 10 वर्षों से श्रद्धालु ऑनलाइन माध्यम से इस तरह की पूजा-अर्चना में शामिल होते आ रहे हैं। आयोजकों ने इसे श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा विशेष आयोजन बताया है।
शिवभक्ति में डूबा सीवन तट से धाम तक का मार्गसावन में श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या के चलते सीवन नदी तट से कुबेरेश्वरधाम तक का पूरा मार्ग शिवमय नजर आ रहा है। कांवड़ यात्रियों के साथ महिलाएं, बच्चे, युवा और बुजुर्ग भी भगवान शिव के जयकारे लगाते हुए धाम की ओर बढ़ रहे हैं।
यात्रा मार्ग में कहीं सेवा पंडालों के माध्यम से श्रद्धालुओं की सेवा की जा रही है तो कहीं भजन-कीर्तन का दौर चल रहा है। इस समय सीवन नदी तट से कुबेरेश्वरधाम तक का पूरा मार्ग आस्था, सेवा और शिवभक्ति का केंद्र बना हुआ है।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजू विश्वकर्मा