भोपाल में निकली 1100 ट्रैक्टरों की महारैली, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

 




मुख्यमंत्री ने चलाया ट्रैक्टर, 'कृषक कल्याण वर्ष 2026' का शुभारंभ

किसानों हेतु ई-विकास, एग्री स्टैक, खाद पोर्टल लॉन्च

भोपाल, 11 जनवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश सरकार ने वर्ष 2026 को ‘कृषक कल्याण वर्ष’ के रूप में मनाने की घाेषणा की है। जिसकी औपचारिक शुरूआत रविवार काे राजधानी भाेपाल में भव्य आयाेजन के साथ हुई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल में ‘कृषक कल्याण वर्ष’ के अवसर पर कोकता बायपास स्थित आरटीओ ऑफिस के से लगभग 1101 ट्रैक्टरों की रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।इस दाैरान मुख्यमंत्री स्वयं ट्रैक्टर चलाकर किसानों के साथ इसमें शामिल हुए। उनके साथ कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना और हुजूर विधानसभा क्षेत्र के विधायक रामेश्वर शर्मा भी ट्रैक्टर पर सवार नजर आए।

इस माैके पर मुख्यमंत्री डाॅ. यादव ने कहा कि यह इतिहास की सबसे बड़ी ट्रैक्टर रैली है, जो किसानों के विश्वास और सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में चना और सरसों की खेती पर विशेष शोध किया जाएगा और खाद की मारामारी की समस्या को स्थायी रूप से समाप्त किया जाएगा। खेती का रकबा बढ़ने से खाद की मांग भी बढ़ी है, जिसे देखते हुए आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है।

ट्रैक्टर रैली के समापन के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य कार्यक्रम के लिए जंबूरी मैदान पहुंचे। इस दौरान उनके साथ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, मत्स्य पालन एवं मछुआ कल्याण मंत्री नारायण सिंह पंवार, मंत्री कृष्णा गौर, उद्यानिकी मंत्री नारायण सिंह कुशवाह, कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना, कार्यक्रम में पशुपालन मंत्री लखन पटेल विधायक भगवानदास सबनानी और रामेश्वर शर्मा तथा महापौर मालती राय मौजूद हैं।

जंबूरी मैदान में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ई-विकास पोर्टल, एग्री स्टैक वितरण प्रणाली और खाद आपूर्ति पोर्टल का शुभारंभ किया। इस नई व्यवस्था के तहत अब किसान पोर्टल और मोबाइल एप के माध्यम से खाद की आसान बुकिंग और सीधे डिलीवरी की सुविधा प्राप्त कर सकेंगे। इससे किसानों को खाद के लिए भटकना नहीं पड़ेगर और पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने “भगवान किसान बलराम की जय के जयघाेष के साथ अपना संबाेधन शुरू किया। उन्होंने कहा कि दुनिया में प्रकृति के साथ जीवन जीने की परंपरा केवल भारत में है। किसान कल्याण वर्ष को प्रभावी बनाने के लिए सरकार ने केवल कृषि विभाग ही नहीं, बल्कि इससे जुड़े 16 मंत्रालयों को एक साथ जोड़ा है, ताकि गांवों में किसानों की आय बढ़ाई जा सके। मुख्यमंत्री ने विशाल जनसभा को देखकर इसे भगवान महाकाल का आशीर्वाद बताया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश नदियों का मायका है और नर्मदा पर बने बांधों ने पूरे प्रदेश को हरा-भरा किया है। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि बांध निर्माण में पूर्ववर्ती सरकारों ने कंजूसी की, जबकि मौजूदा सरकार ने विकास को प्राथमिकता दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने लाड़ली बहनों को 1500 रुपये प्रतिमाह देने का वादा निभाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किसान सम्मान निधि के तहत दिए जा रहे 6 हजार रुपये के साथ पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्य से 6 हजार रुपये और जोड़कर किसानों को सालाना 12 हजार रुपये देने की व्यवस्था शुरू की।

उन्होंने सरदार पटेल के सहकारी आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में दूध-दही की अपार संभावनाएं हैं, लेकिन कांग्रेस ने इस दिशा में ठोस प्रयास नहीं किए। अब राज्य सरकार दूध डेयरी व्यवसाय को बढ़ावा देने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठा रही है। साथ ही नदी जोड़ो अभियान के तहत प्रदेश में नदियों को जोड़ा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब किसानों ने सोयाबीन बोई तो भावांतर योजना के जरिए उन्हें उचित मूल्य मिला। पहले कांग्रेस कहती थी कि यह संभव नहीं है, लेकिन हमने जो कहा, वह करके दिखाया।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे