राजगढ़ः मानव तस्करी रोकने पुलिस का जागरूकता अभियान, युवाओं और महिलाओं को बताए बचाव के उपाय

 


राजगढ़, 31 जुलाई (हि.स.)। मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले में विश्व मानव तस्करी विरोधी दिवस के अवसर पर शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक अमित तोलानी के निर्देश पर एएसपी केएल.बंजारे के मार्गदर्शन में जिला कंट्रोल रूम में बहु-हितधारक कार्यशाला आयोजित की गई। साथ ही जिलेभर में जनजागरूकता अभियान चलाकर लोगों को मानव तस्करी जैसे संगठित अपराध के प्रति सतर्क रहने का संदेश दिया।

कार्यशाला में पुलिस अधिकारियों, सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवकों और विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर मानव तस्करी की रोकथाम के लिए सामूहिक प्रयासों पर चर्चा की। कार्यशाला में एसडीओपी अरविंदसिंह राठौर, रक्षित निरीक्षक उर्मिला चैहान, विशेष किशोर पुलिस इकाई प्रभारी आकांक्षा हाड़ा, महिला थाना प्रभारी कुसुम वास्कले, वन स्टॉप सेंटर की प्रशासक रश्मि चैहान तथा अहिंसा वेलफेयर सोसायटी ‘जस्ट फॉर चिल्ड्रेन’ की टीम सहित बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

विशेषज्ञों ने बताया कि मानव तस्करी के अपराधी रोजगार, शिक्षा, विवाह और बेहतर भविष्य का झांसा देकर विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों को अपना शिकार बनाते हैं। सोशल मीडिया और साइबर प्लेटफॉर्म के माध्यम से बढ़ते अपराधों पर भी विस्तार से जानकारी दी गई। लोगों को संदिग्ध गतिविधियों की पहचान कर तत्काल पुलिस को सूचना देने, अनजान लोगों के झूठे प्रलोभनों से बचने तथा बच्चों की सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी गई। इसी क्रम में जिले के सभी थाना एवं चैकी क्षेत्रों में स्कूल, कॉलेज, छात्रावास, ग्रामीण क्षेत्रों और सार्वजनिक स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।

पुलिस अधिकारियों ने छात्र-छात्राओं, युवाओं और महिलाओं को मानव तस्करी के विभिन्न स्वरूप, कानूनी प्रावधान और बचाव के उपायों की जानकारी दी। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति, वाहन या गतिविधि की जानकारी तुरंत निकटतम पुलिस थाना या डायल-112 पर दें। पुलिस का कहना है कि जागरूक नागरिक, सतर्क समाज और पुलिस-जन सहयोग से ही मानव तस्करी जैसे जघन्य अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / मनोज पाठक