अनूपपुर: एसईसीएल कोल माइंस के प्रबंधक शासन द्वारा निर्धारित गाइडलाइन का पालन अक्षरशः करें- कलेक्टर
अनूपपुर, 09 सितंबर (हि.स.)। जिले के सभी एसईसीएल कोल माइंस प्रबंधकों को शासन द्वारा निर्धारित गाइडलाइन का अक्षरशः पालन करते हुए निजी भूमियों का अधिग्रहण करने, भू-स्वामियों को उनकी निजी भूमि का मुआवजा प्राथमिकता के आधार पर निर्धारित समय-सीमा में उपलब्ध कराया जाए।
अनूपपुर जिले में एसईसीएल द्वारा हसदेव, सोहागपुर एवं जमुना-कोतमा क्षेत्र में कोयले का उत्पादन किया जा रहा है। कोयला खनन से प्रभावित एवं परियोजना से जुड़े गांवों के भू-स्वामियों को समन्वय एवं प्राथमिकता के आधार पर निजी भूमि के एवज में रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराए जाएं। मुआवजा राशि के वितरण के लिए संबंधित ग्राम पंचायतों में शिविर आयोजित कर पात्र भू-स्वामियों को मुआवजा राशि का वितरण किया जाए। बुधवार को कलेक्टर रत्नाकर झा कलेक्ट्रेट में एसईसीएल के अंतर्गत कोल माइंस से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं पर आयोजित बैठक में अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दे रहे थे।
कलेक्टर ने एसईसीएल द्वारा हसदेव सोहागपुर एवं जमुना-कोतमा एरिया में संचालित ओपनकास्ट एवं भूमिगत कोयला खदानों के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी प्राप्त कर उन्होंने निजी भूमियों पर किए जा रहे खनन कार्यों की समीक्षा करते हुए भूमि अधिग्रहण, मुआवजा वितरण तथा इस प्रक्रिया में आ रही विभिन्न समस्याओं के संबंध में अधिकारियों से चर्चा की। जिसमे बताया गया कि भूमि के वारिसों के मध्य आपसी असहमति, भूमि अभिलेखों में बेटियों एवं बहनों के नाम दर्ज होने से उत्पन्न होने वाली प्रक्रियागत समस्याओं, स्थानीय स्तर पर सहयोग के अभाव सहित अन्य कारणों के चलते कई प्रकरणों में मुआवजा राशि का वितरण नहीं हो पा रहा है। इस पर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को बेहतर समन्वय एवं आपसी सामंजस्य स्थापित करते हुए लंबित प्रकरणों का निराकरण कर पात्र भू-स्वामियों को मुआवजा राशि का वितरण करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने निर्देशित किया कि भूमि अधिग्रहण एवं मुआवजा वितरण से संबंधित प्रकरणों का विधिवत संकलन कर आवश्यक अभिलेखों एवं दस्तावेजों का सत्यापन कराया जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रकरणों की जानकारी निर्धारित प्रारूप में तैयार कर जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारियों को प्रेषित की जाए तथा रिकॉर्ड का विधिवत सत्यापन कराया जाए। साथ ही मुआवजा राशि के वितरण के पश्चात संबंधित भूमि अभिलेखों को नियमानुसार अद्यतन एवं व्यवस्थित करने के निर्देश भी दिए।
कलेक्टर ने कोल माइंस में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों के हितों एवं उनकी समस्याओं के संबंध में भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं कोल माइंस प्रबंधन को कर्मचारियों की समस्याओं का गंभीरतापूर्वक एवं समय-सीमा में निराकरण करने के निर्देश दिए। साथ ही कर्मचारियों को शासन द्वारा निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराए जाएं तथा कार्यस्थल पर सुरक्षा संबंधी सभी दिशा-निर्देशों एवं मानकों का कड़ाई से पालन किया जाए।
कलेक्टर ने अमृतधारा परियोजना के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की विस्तार से जानकारी प्राप्त कर संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि परियोजना से संबंधित क्षेत्रों का नियमित एवं प्रभावी फील्ड विजिट किया जाए तथा कार्यों की प्रगति एवं गुणवत्ता का स्थल पर निरीक्षण किया जाए। कलेक्टर ने उचित बेंचमार्किंग एवं नियमानुसार प्रक्रिया अपनाते हुए सभी पात्र भूमि स्वामियों को मुआवजा राशि का वितरण करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि कोल माइंस क्षेत्र से जुड़ी ग्राम पंचायतों के समग्र विकास के लिए विशेष प्रयास किए जाएं तथा उन्हें बेहतर से बेहतर सुविधाओं से विकसित किया जाए। इन क्षेत्रों में स्कूल, अस्पताल एवं अन्य आवश्यक जनसुविधाओं का सुचारू एवं बेहतर संचालन किया जाए, ताकि स्थानीय नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। बैठक में अन्य विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा करते हुए कलेक्टर ने आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
बैठक में अपर कलेक्टर बलवीर रमन, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अनूपपुर प्राशी अग्रवाल, अनुविभागीय अधिकारी कोतमा, महाप्रबंधक जमुना कोतमा प्रभाकर राम त्रिपाठी, महाप्रबंधक हसदेव मनोज बिश्नोई एवं महाप्रबंधक सोहागपुर मनीष कुमार श्रीवास्तव सहित अन्य एसईसीएल से जुड़े अधिकारी उपस्थित रहें।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला