पांढुर्णा में तीन दिन से 230 फीट ऊंचे टावर पर बैठा है शख्स, ड्रोन से रखी जा रही नजर, उतारने एक्सपर्ट पहुंचे तो किया हमला
पांढुर्णा, 08 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के पांढुर्णा जिले के तीन शेर चौक पर पिछले तीन दिनों से एक बेहद हैरान करने वाला घटनाक्रम चल रहा है। यहां करीब 230 फीट ऊंचे बीएसएनएल के मोबाइल टावर पर चढ़ा एक अज्ञात बुजुर्ग तीसरे दिन यानी बुधवार को भी नीचे नहीं उतरा है। लगातार हो रही बारिश, तेज हवाओं और कड़ाके की ठंड के बीच वह टावर के सबसे ऊपरी छोर पर बैठा हुआ है।
बुधवार सुबह प्रशासन ने टावर पर बैठे व्यक्ति की स्थिति और गतिविधियों का सटीक आकलन करने के लिए ड्रोन कैमरों का सहारा लिया। ड्रोन से ली गई तस्वीरों में वह टावर के बिल्कुल अंतिम छोर पर बैठा साफ दिखाई दे रहा है। क्षेत्र में हो रही लगातार बारिश और ठंड से बचने के लिए वह अपने पास मौजूद एक गमछे से खुद को ढकने का प्रयास करता नजर आया।
थाना प्रभारी अमित दानी ने बताया कि यह पूरा हाई-वोल्टेज ड्रामा सोमवार शाम करीब 5 बजे शुरू हुआ था, जब यह व्यक्ति अचानक टावर पर चढ़ गया। अब तक दो बार विशेष रूप से प्रशिक्षित रेस्क्यू एक्सपर्ट्स को उसे सुरक्षित नीचे उतारने के लिए टावर पर ऊपर भेजा गया, लेकिन सफलता नहीं मिली।
दरअसल, टावर पर चढ़े एक्सपर्ट राजाबाबू चौधरी ने बताया कि टावर पर बैठा व्यक्ति मानसिक रूप से अस्वस्थ (डिस्टर्ब) लग रहा है। वह अपने साथ करीब 15 फीट लंबी लोहे की एक रॉड लेकर गया है। जैसे ही रेस्क्यू टीम का कोई सदस्य उसके करीब पहुंचने की कोशिश करता है, वह उस रॉड से उन पर जानलेवा हमला करने का प्रयास करता है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, वह बुजुर्ग अपने साथ बिस्किट के पैकेट और पानी की बोतलें लेकर ऊपर चढ़ा है। जब उसे खाना देने या नीचे आने की बात कही गई, तो उसने झल्लाते हुए कहा तू जा यहाँ से, मैं खुद ही नीचे आ जाऊंगा।
एसडीओपी बृजेश भार्गव ने बताया कि प्रशासन हर संभव तरीके से उसे सुरक्षित नीचे लाने की कोशिश कर रहा है। चूंकि पांढुर्णा आदिवासी बहुल और महाराष्ट्र की सीमा से सटा क्षेत्र है, इसलिए लाउडस्पीकर के माध्यम से हिंदी, मराठी और गोंडी इन तीन स्थानीय भाषाओं में लगातार अनाउंसमेंट कराकर उससे नीचे उतरने की भावुक अपील की गई है, लेकिन उसने कोई सकारात्मक जवाब नहीं दिया। किसी भी अप्रिय स्थिति या पैर फिसलने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन टावर के चारों ओर नीचे बड़े-बड़े सुरक्षा जाले (नेटिंग), गद्दे और मैटिंग बिछा दी है, ताकि यदि वह नीचे गिरे या कूदने का प्रयास करे, तो उसकी जान बचाई जा सके। व्यक्ति की उम्र करीब 55 से 60 वर्ष के बीच आंकी जा रही है।
थाना प्रभारी ने आम जनता और स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई भी व्यक्ति इस हुलिए के बुजुर्ग को पहचानता हो, तो तुरंत पुलिस को सूचित करे। प्रशासन का मानना है कि यदि उसके परिवार या किसी परिचित को सामने लाकर उससे बात कराई जाए, तो समझाइश के बाद उसे सुरक्षित नीचे उतारा जा सकता है। फिलहाल पुलिस, प्रशासन और बचाव दल उस पर नजर बनाए हुए है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत