आलीराजपुर में नूरजहाँ आम का वैज्ञानिक तरीक़े होगा संरक्षण

 


- आलीराजपुर ज़िले के प्रसिद्ध आम की किस्म के गिनती के पेड़ ही अब शेष बचेः संभागायुक्त

इंदौर, 16 मई (हि.स.)। संभागायुक्त दीपक सिंह ने कहा कि आलीराजपुर ज़िले में आम की प्रसिद्ध किस्म नूरजहां के संरक्षण के लिए वैज्ञानिक तरीक़े से प्रयास होना चाहिए। यह चिंता का विषय है कि इस आम के गिनती के पेड़ बचे हैं। उन्होंने कहा कि टिशू कल्चर की सहायता से नूरजहाँ के नए पौधे तैयार किए जाए।

संभागायुक्त दीपक सिंह गुरुवार को इंदौर संभाग में उद्यानिकी विभाग के कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में संयुक्त संचालक एनके जाटव सहित संभाग के सभी ज़िलों से आए डिप्टी डायरेक्टर उपस्थित थे। बैठक में संभागायुक्त ने प्रत्येक ज़िले में उद्यानिकी की प्रमुख फसलों की जानकारी ली।

बैठक में बताया गया कि बुरहानपुर का केला एक जिला एक उत्पाद के तहत चयनित है और यह अन्य देशों में सप्लाई किया जाता है। झाबुआ ज़िले के उपसंचालक के द्वारा बताया गया कि ज़िले में हाईवे के निकट स्ट्रॉबेरी की खेती के प्रयास किए जा रहे हैं। ज़िले में टमाटर एक प्रमुख उद्यानिकी उत्पाद है।

मिर्ची और केला खरगोन ज़िले में प्रमुख उद्यानिकी फ़सल है। निमरानी के फ़ूड पार्क में एक कंपनी द्वारा टोमेटो कैचअप बनाया जा रहा है। बैठक में बताया गया कि निमाड़ में ड्रिप से सिंचाई का अच्छा चलन है और इससे उद्यानिकी फसलों को भी फ़ायदा मिला है।

संभागायुक्त दीपक सिंह ने बैठक में कहा कि वर्तमान में उद्यानिकी में नई तकनीकी से फ़सलें ली जा रही है। उद्यानिकी विभाग भी समय के अनुरूप अपने कार्यों में बदलाव करे और ज़िलों में स्थित नर्सरी को वैज्ञानिक तरीक़े से अपडेट भी करे। उन्होंने कहा कि वर्षाकाल में शासकीय नर्सरी से नगरीय निकायों में पौधे ख़रीदे जाएं। इस बावत भी कलेक्टरों के माध्यम से प्रयास किए जाएं।

संभागायुक्त ने विभाग द्वारा किसानों को अन्य ज़िलों और राज्यों में शैक्षणिक भ्रमण के लिए नये स्थान चिन्हित करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक भ्रमण सहित विभागीय सेमीनार और कार्यशालाओं में उन युवा किसानों को शामिल किया जाए, जिन्होंने नए ढंग की खेती करने में रुचि दिखाई है।

हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश